ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 172




                                               

सुई धागा: मेड इन इंडिया

सुई धागा: मेड इन इंडिया एक आगामी बॉलीवुड फिल्म है जिसमें मेक इन इंडिया की प्रगति की पहल पर आधारित है। फिल्म महात्मा गांधी के खादी पहल से प्रेरित है। यह फिल्म शरत कटारिया द्वारा निर्देशित है और यशराज फिल्म्स द्वारा निर्मित है। फिल्म में वरुण धवन औ ...

                                               

हिचकी (फ़िल्म)

हिचकी २०१८ की एक भारतीय हिंदी कॉमेडी-ड्रामा फ़िल्म है, जो सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ​​द्वारा निर्देशित है और बैनर यश राज फ़िल्म्स के तहत मनीष शर्मा द्वारा निर्मित है। यह ब्रैड कोहेन की आत्मकथा फ्रंट ऑफ़ द क्लास: हाउ टौरेटे सिंड्रोम मेड मी द टीचर आई ...

                                               

द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर

द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर, विजय रत्नाकर गुट्टे द्वारा निर्देशित और मयंक तिवारी द्वारा लिखित एक 2019 भारतीय जीवनी ड्रामा फिल्म है, जो संजय बारू द्वारा इसी नाम के 2014 के संस्मरण पर आधारित है। इसका निर्माण बोहरा ब्रदर्स ने रुद्र प्रोडक्शन के तहत ...

                                               

दे दे प्यार दे

दे दे प्यार दे 2019 में बनी एक भारतीय हिंदी-भाषा की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जो लव रंजन द्वारा लिखित और अकीव अली द्वारा निर्देशित है। इसका निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, लव रंजन और अंकुर गर्ग ने अपने बैनर टी-सीरीज और लव फिल्म्स के तहत किया। फि ...

                                               

गणितीय संकेतन

गणितयीय संकेतन वे चिन्ह अथवा संकेत हैं जो किसी गणितीय क्रिया अथवा संबंध को व्यक्त करने में, किसी गणितयी राशि की प्रकृति अथवा गुण को दर्शाने में, अथवागणित में प्राय: प्रयुक्त होनेवाले वाक्यांश, विशिष्ट संख्या या गणितीय राशि को निर्दिष्ट करने के लि ...

                                               

कोष्ठक

कोष्ठक का उपयोग मुख्यतः वाक्यों में शब्दों के मध्य किया जाता है। कोष्टक वे चिह्न हैं जो प्रायः जोड़े में प्रयुक्त होते हैं और दूसरे चीजों से अलग करने के लिये प्रयुक्त होते हैं। इनका प्रयोग गणित में, प्रोग्रामन भाषाओं में, मार्कअप भाषाओं में होता है।

                                               

गुणा

जब किसी संख्या अथवा अंक में उसी संख्या अथवा अंक को एक या एक से अधिक बार जोड़ा जाता है तो उसे गुणा कहते हैं। संख्या अथवा अंक को जितनी बार जोड़ा जाता है वह उतनी ही बार गुणा होता है। गुणा को x चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है। उदाहरणः २ x ४ = ८ गुणा ...

                                               

संकलन

यह निम्नलिखित तरीके से परिभाषित है- ∑ i = m n x i = x m + x m + 1 + x m + 2 + ⋯ + x n − 1 + x n. {\displaystyle \sum _{i=m}^{n}x_{i}=x_{m}+x_{m+1}+x_{m+2}+\cdots +x_{n-1}+x_{n}.} एक उदाहरण- ∑ k = 2 6 k 2 = 2 + 3 2 + 4 2 + 5 2 + 6 2 = 90. {\displa ...

                                               

संख्या पद्धतियाँ

संख्याओं को लिखने एवं उनके नामकरण के सुव्यवस्थित नियमों को संख्या पद्धति कहते हैं। इसके लिये निर्धारित प्रतीकों का प्रयोग किया जाता है जिनकी संख्या निश्चित एवं सीमित होती है। इन प्रतीकों को विविध प्रकार से व्यस्थित करके भिन्न-भिन्न संख्याएँ निरूप ...

                                               

सदिश का संकेत

सदिश का संकेत सदिश राशि को सामान्यतः अंग्रेजी के मोटे अक्षर जैसे A से प्रदर्शित करते हैं किंतु लिखने की सुविधा हेतु इसे अंग्रेजी के सामान्य अक्षर से लिखकर इसके उपर एक तीर का चिंह → लगा देते हैं जिससे सदिश राशि कि पहचान होती है |

                                               

आनुभविक सूत्र

रसायन विज्ञान में किसी यौगिक का आनुभविक सूत्र वह सूत्र है जो बताता है कि उस यौगिक के अणु में कौन-कौन से परमाणु हैं तथा उन परमाणुओं की संख्या का सरलतम अनुपात क्या है। उदाहरण के लिये हेक्सेन का प्रयोगाधारित सूत्र C 3 H 7 है जबकि उसका अणुसूत्र C 6 H ...

                                               

रासायनिक सूत्र

रासायनिक सूत्र किसी रासायनिक यौगिक को इस प्रकार निरूपित करता है जिससे पता चलता है कि वह यौगिक किन-किन तत्वों के कितने-कितने परमाणुओं से मिलकर बना है। सामान्य प्रयोग में प्रायः अणुसूत्र के लिये भी रासायनिक सूत्र का ही प्रयोग कर दिया जाता है। उदाहर ...

                                               

लूइस संरचना

लूइस डॉट संरचना), वे आरेख हैं जिनमें किसी अणु के परमाणुओं के बीच आबन्ध को एवं ऋण-युग्म को दर्शाया गया होता है। उन अणुओं की लूइस संरचना बनायी जा सकती है जिनके परमाणु सह-संयोजकता से जुड़े हों या उपसहसंयोजकता से जुड़े हों।

                                               

संरचना सूत्र

रासायनिक यौगिकों के अणुओं की संरचना के चित्रात्मक निरूपण को संरचना सूत्र कहते है। इससे पता चलता है कि अणु में कौन-कौन से परमाणु किस प्रकार जुड़े हुए हैं। इसमें अणु के अन्दर परमाणुओं के बीच के रासायनिक बन्ध भी दिखाये जाते हैं। रसायनशास्त्री प्राय: ...

                                               

मापन के मात्रक

मापन के सन्दर्भ में मात्रक या इकाई किसी भौतिक राशि की एक निश्चित मात्रा को कहते हैं जो परिपाटी या/और नियम द्वारा पारिभाषिक एवं स्वीकृत की गई हो तथा जो उस भौतिक राशि के मापन के लिए मानक के रूप में प्रयुक्त होती हो। उस भौतिक राशि की कोई भी अन्य मात ...

                                               

यहूदी एवं बाइबलीय मापन इकाइयाँ

यहूदी धर्म का अपनी स्वयं की मापन पद्धति है, जो कि टणख से मिश्ना और ताल्मुद के समय तक से भी सामन्जस्य रखती है। निम्न तिथि मानक ताल्मुद पाठ्य पुस्तक से ली गयी है "द प्रैक्टिकल ताल्मुद डिक्श्नरी" लेखकः रब्बी रित्ज्हाक फ्रैंक्, एरियल संस्थान्, येरुशल ...

                                               

मीटरी पद्धति

मीटरी पद्धति भौतिक राशियों के मापन में प्रयुक्त मात्रकों की एक पद्धति है जिसमें मीटर लम्बाई की आधारभूत इकाई है। इस पद्धति की मुख्य विशेषता यह है कि किसी भौतिक राशि के छोटे-बड़े सभी मात्रकों का अनुपात १० या उसके किसी पूर्णांक घात होता है। उदाहरण क ...

                                               

केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ तंत्र

केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ तंत्र, एक खगोलीय प्रक्रिया है। यह तब पाई जाती है जब किसी तारे या ग्रह की सतह ठंडी होती है। यह ठंडापन, दाब के पतन का कारण बनता है, परिणामस्वरूप तारा या ग्रह सिकुड़ता है। यह संपीड़न, अगले चरण में, तारा/ग्रह के कोर को तप्त कर द ...

                                               

क्षितिज

उस आभासी रेखा को क्षितिज कहते हैं जो बहुत दूरी पर आकाश और धरती को जोड़ती हुई नजर आती है। क्षितिज की पारीभासा- अनियमितताओं और अवरोधों को अनदेखा करते हुए, किसी विशेष बिंदु से दिखाई देने वाली पृथ्वी की सतह के हिस्से की गोलाकार सीमा। आकाशीय गोले का ए ...

                                               

क्षैतिज निर्देशांक प्रणाली

क्षैतिज निर्देशांक प्रणाली एक खगोलीय निर्देशांक प्रणाली है जिसमें प्रेक्षक के स्थानीत क्षितिज को मौलिक समतल माना जाता है। इसे ऊँचाई और दिगंश नामक दो राशियों द्वारा व्यक्त किया जाता है।

                                               

स्थिति कोण

स्थिति कोण खगोलशास्त्र में आकाश में कोणों को मापने की सर्वसम्मत विधि है। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ की परिभाषा के अनुसार यह आकाश में किसी बिन्दु का उत्तरी खगोलीय ध्रुव से वामावर्त्त दिशा में मापा गया कोण है।

                                               

जड़त्वीय फ्रेम

भौतिकी में जड़त्वीय फ्रेम वह संदर्भ विन्यास है जो समय तथा स्पेस को समांग, समदैशिक और समय-निरपेक्ष मानता है। इसको गैलीली फ्रेम भी कहते हैं। जड़त्वीय फ्रेम में जड़त्व का नियम वैध है। सारे जड़त्वीय निर्देश तंत्र एक दूसरे से परस्पर सरल रेखीय और एकसाम ...

                                               

जनहित याचिका

जनहित याचिका, भारतीय कानून में, सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए मुकदमे का प्रावधान है। अन्य सामान्य अदालती याचिकाओं से अलग, इसमें यह आवश्यक नहीं की पीड़ित पक्ष स्वयं अदालत में जाए। यह किसी भी नागरिक या स्वयं न्यायालय द्वारा पीडितों के पक्ष में दायर ...

                                               

प्राथमिकी

धारावाहिक के लिए देखें-n c r no 0121/18date 25/08/18 किसी आपराधिक घटना के संबंध में पुलिस के पास कार्यवाई के लिए दर्ज की गई सूचना को प्राथमिकी या प्रथम सूचना रिपोर्ट F I R कहा जाता है। प्रथम सूचना रिपोर्ट या एफआईआर First Information Report या FIR ...

                                               

भारत में मौत की सज़ा

भारत में मौत की सज़ा कुछ गंभीर अपराधों के लिए दी जाती है। भारत के उच्चतम न्यायालय ने १९९५ के बाद ५ घटनाओं में मौत की सज़ा दी है जबकि १९९१ से अब तक इसकी कुल संख्या २६ है। मिथु बनाम पंजाब राज्य मामले में उच्चतम न्यायालय ने भारतीय दण्ड संहिता की धार ...

                                               

हिन्दू विधि

हिन्दू विधि जिन व्यक्तियो पर लागू होती है, उन्हे हम तीन मुख्य प्रवर्गो मे बाट सकते है:- १ वे व्यक्ति जो धर्मतः हिन्दु, जैन, बौद्ध या सिख हैं। 2 वे व्यक्ति जो हिन्दु, जैन, बौद्ध या सिख माता-पिता या दोनो में से एक की सन्तान हैं, ओर ३ वे व्यक्ति जो ...

                                               

पल्म पुडिंग मॉडल

पल्म पुडिंग मॉडल 1904 में जे जे थॉमसन द्वारा प्रस्तावित परमाणु का एक अप्रचलित वैज्ञानिक मॉडल है। इसको जे जे थॉमसन मॉडल भी कहा जाता है। इसे इलेक्ट्रॉन की खोज के शीघ्र ही बाद, और परमाणु नाभिक की खोज से पहले तैयार किया गया था। k

                                               

वृत्त

किसी एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का बिन्दुपथ वृत्त कहलाता है। यह निश्चित बिंदु, वृत्त का केंद्र कहलाता है, केंद्और वृत्त की परिधि के किसी भी बिन्दु के बीच की दूरी वृत्त की त्रिज्या कहलाती है। वृत्त एक साधारण बंद वक्र होता है जो ...

                                               

अष्टभुज

अष्टभुज के अंतः कोणों का योग =२.भुजाओं की संख्या -४समकोण =2.8-4 समकोण =16-4 =12 समकोण सम अष्टभुज का प्रत्येक अंतः कोण =अंतः कोणों का योग /8=12/8समकोण=12.90 अंश /8=1080/8=135 अंश सम अष्टभुज के शीर्ष एक वृत्तीय होते हैं।

                                               

आयत

ऐसा चतुर्भुज जिसके चारों अन्तःकोण समकोण हों उसे आयत कहते हैं। आयत एक ऐसा चतुर्भुज है जिसकी आमने सामने की भुजाएं समांतर होती है, "आयत" कहलाता है।

                                               

खोखला बेलन (ज्यामिति)

एक आयताकार लोहे की चादर को लंबाई अथवा चौड़ाई में मोड़कर खोखले बेलन का आकार दिया सकता है। यदि इसे लम्बाई में इसे मोड़ते हैं तो लंबाई ही बेलन की ऊंचाई और चौड़ाई बेलन के आधार की परिमाप होगी और यदि इसे चौड़ाई में मोड़ते है तो चौड़ाई ही बेलन की ऊंचाई ...

                                               

घन (ज्यामिति)

ज्यामिति में घन एक त्रिआयामी वस्तु होती है जिसके छह बराबर आकार के फलक होते हैं और हर फलक एक वर्ग होता है। घन एक ठोस वस्तु है इसलिए यह एक पाश्वीय भी है और छह फलक होने के कारण यह एक प्रकार का षट्फलकी भी है।

                                               

त्रिभुज

त्रिभुज, तीन शीर्षों और तीन भुजाओं वाला एक बहुभुज होता है। यह ज्यामिति की मूल आकृतियों में से एक है। शीर्षों A, B, और C वाले त्रिभुज को △ A B C {\displaystyle \triangle ABC} लिखा/कहा जाता है। यूक्लिडियन ज्यामिति में कोई भी तीन असंरेखीय बिन्दु, एक ...

                                               

दीर्घवृत्त

गणित में दीर्घवृत्त एक ऐसा शांकव होता है जिसकी उत्केन्द्रता इकाई से कम होती है। एक अन्य परिभाषा के अनुसार, दीर्घवृत्त ऐसे बिन्दुओं का बिन्दुपथ है जिनकी दो निश्चित बिन्दुओं से दूरी का योग सदैव अचर रहता है। इन निश्चित बिन्दुओं को दीर्घवृत्त की नाभि ...

                                               

पंचभुज

सम पंचभुज का प्रत्येक अंतः कोण =अंतः कोणों का योग /5 पंचभुज के अंतः कोणों का योग =२.भुजाओं की संख्या -४समकोण =2.5-4 समकोण =10-4 =6 समकोण सम पंचभुज के शीर्ष एक वृत्तीय होते हैं।

                                               

बेलन (ज्यामिति)

बेलन ज्यामिति में एक त्रिआयामी ठोस की आकृति है। इसका पार्श्व पृष्ठ वक्र, सिरे समान त्रिज्या के वृत्ताकार होते हैं।:बेलन सरल रूप में एक रोलर या समान व्यास का गिलास है belan ka vakra parishtha -2prh Where p -pie R- radius H- hait

                                               

मोनोगन

मोनोगन रेखागणित में एक शीर्ष और एक भुजा या कोर से बनी आकृति को मोनोगन कहते हैं. इसलिए परिभाषा के अनुसार प्रत्येक मोनोगन सम मोनोगन होता है।

                                               

लम्ब वृत्तीय शंकु

लम्ब वृत्तीय शंकु ज्यामितीय ठोस का आकार. यह ठोस है एक सही-angled त्रिकोणीय चादर या गत्ते के टुकड़े करने के लिए सही कोण बनाने के लिए किसी भी शाखा से यह ३६० अंश पर बारी बारी से प्राप्त कर सकते हैं.

                                               

वर्ग

चारों कोण समकोण होते हैं। वर्ग एक समांतर चतुर्भुज भी होता है वर्ग के दोनों विकर्ण सामान होते हैं। वर्ग एक आयत भी होता है वर्ग एक चक्रीय चतुर्भुज होता हैं। वर्ग की चारों भुजाएं समान होती हैं। दोनों विकर्ण एक दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। ...

                                               

वर्गाकार

मूल में केन्द्रित वर्ग जिसकी भुजा लम्बाई 2 है, की भुजाओं के निर्देशांक हैं ±1, ±1, जबकि उसके आंतरिक क्षेत्र में सभी बिंदु x 0, x 1 सम्मिलित हैं, &ऋणात्मक;1

                                               

विषमबाहु त्रिभुज

तीनों कोणों का योग दो समकोण या १८०° अंश होता है। तीनों भुजायें असमान होती तीनों कोण असमान होते हैं। ==क्षेत्रफल क्षेत्रफल निकालने के लिए हेरॉन फार्मूला Herons Formula का प्रयोग करें।

                                               

शंकु

शंकु, एक त्रि-आयामी संरचना है, जो शीर्ष बिन्दु और एक आधार को मिलाने वाली रेखाओं द्वारा निर्मित होती है। यदि किसी शंकु का आधार एक वृत्त हो तो वह लम्ब वृत्तीय शंकु कहलाता है। यह समान आधाऔर ऊंचाई के बेलन के १/३ भाग के बराबर होता है। शंकु रेखा खंडों, ...

                                               

सप्तभुज

सम सप्तभुज का प्रत्येक अंतः कोण = अंतः कोणों का योग /7 = 10/7 समकोण = 10.90 अंश /8 = 900/7 अंश सप्तभुज के अंतः कोणों का योग = २.भुजाओं की संख्या -४समकोण =2x7 - 4 समकोण =14 - 4 =10 समकोण

                                               

समद्विबाहु त्रिभुज

आधार का लम्बार्द्धक शीर्ष से होकर जाता है। समद्विबाहु त्रिभुज की कोई भी दो भुजाएं बराबर होती हैं। तीसरी भुजा को आधार कहते हैं। शीर्ष से आधापर डाला गया लम्ब आधार को समद्विभाजित करता है। बराबर भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं आधार का लम्बार्द् ...

                                               

समद्विबाहु समलम्ब

समद्विबाहु समलंब में तीन भुजाएं भी समान हो सकती हैं।इसे समत्रिबाहु समलंबtrisosceles trapezoid कहते हैं। आयत और वर्ग भी विशेष समद्विबाहु समलंब की आकृतियां हैं। पार्श्व चित्र में देखिये

                                               

समबाहु त्रिभुज

किसी भी भुजा का लम्बार्द्धक सम्मुख कोण को समद्विभाजित करता है। समबाहु त्रिभुज का केन्द्रक सेन्ट्रॉड, अन्तःकेन्द्र incentre), परिकेन्द्र circumcenter, लम्बकेन्द्र orthocentre सब एक ही बिन्दु पर होते हैं। सभी अंतः कोण समान होते है। किसी भी शीर्ष से ...

                                               

समबाहु बहुभुज

खण्डोंआकृतियों का सामान्य नाम है। बहुभुज कई सरल रेखाओं से बंद होता है। इन सरल रेखाओं को बहुभुज की भुजा कहते हैं। जहां दो भुजाएँ मिलती हैं वह कोण कहलाता है। बहुभुज अंग्रेजी शब्द पोलीगोन का हिंदी रूपांतरण है। अंग्रेजी में पोलीगोन शब्द ग्रीक भाषा के ...

                                               

समान्तर चतुर्भुज

प्रत्येक वर्ग समान्तर चतुर्भुज होता है। प्रत्येक सम चतुभज समान्तर चतुर्भुज होता है। प्रत्येक आयत समान्तर चतुर्भुज होता है। समांतर चतुर्भुज के विकणों के कोण बराबर होते हैं। आयत व वर्ग को छोड़कर प्रत्येक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण आपस में बराबर नहीं ...

                                               

समान्तरषटफलक

यह एक ऐसा समान्तर षट्फलक ठोस है जिसका आधार समान्तर चतुर्भुज है। और आमने सामने की सतहें समान्तर और अनुरूप हैं।

                                               

स्पर्शरेखा चतुर्भुज

किसी वृत्त के केंद्र से स्पर्श रेखा चतुर्भुज की भुजाओं की दूरी समान होती है। अंतः कोणों के अर्द्धक एक बिन्दु गामी concurrent होते हैं। किसी वृत्त का एक और केवल एक ही स्पर्श रेखा चतुर्भुज बन सकता है।