ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 174




                                               

खगोलिकी का इतिहास

सभी प्राकृतिक विज्ञानों में से खगोलिकी सबसे प्राचीन है। इसका आरम्भ प्रागैतिहासिक काल से हो चुका था तथा प्राचीन धार्मिक एवं मिथकीय कार्यों में इसके दर्शन होते हैं। खगोलिकी के साथ फलित ज्योतिष का बहुत ही नजदीकी सम्बन्ध रहा है और आज भी जनता दोनो को ...

                                               

ज्यामिति का इतिहास

साँचा:HistOfScience ज्यामिति शब्द, त्रिविम संबंधों के बारे में बताने वाले ज्ञान के क्षेत्र के रूप में उभरा था। ज्यामिति पूर्व-आधुनिक गणित के दो क्षेत्रों में से एक था; और दूसरा क्षेत्र संख्याओं के अध्ययन से संबंधित था। परंपरागत ज्यामिति कम्पास और ...

                                               

कैलकुलस का इतिहास

भारत के गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री आर्यभट्ट ने पाँचवीं शती में अनंतांशों का प्रयोग करते हुए खगोलीय समस्याओं को अवकल समीकरणों के आरम्भिक रूप में अभिव्यक्त किया था। मंजुला ने दसवीं शती में अपने भाष्य में इस समीकरण की विस्तार से व्याख्या की। अनन्तः भा ...

                                               

किताब-अल-जबर-वल-मुक़ाबला

किताब-अल-जबर-वल-मुक़ाबला एक गणित ग्रन्थ है जिसकी रचना फारस के गणितज्ञ मुहम्मद इब्न मूसा अल-ख़्वारिज़्मी ने ८२० ई के आसपास किया था जब वह बगदाद में थे। तब बगदाद, अब्बासी ख़िलाफ़त की राजधानी था। इस ग्रन्थ के नाम का अर्थ है, पूर्ण करने तथा संतुलित कर ...

                                               

गणित का कालक्रम

2007 - a team of researchers throughout North America and Europe used networks of computers to map E 8. 2002 - Manindra Agrawal, Nitin Saxena, and Neeraj Kayal of IIT Kanpur present an unconditional deterministic polynomial time algorithm to dete ...

                                               

गणितसारसंग्रह

गणितसारसंग्रहः भारतीय गणितज्ञ महावीराचार्य द्वारा संस्कृत भाषा में रचित एक गणित ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में गणित के जो प्रश्न पूछे गये हैं वे कई अर्थों में गणित के पूर्ववर्ती ग्रन्थों में पूछे गये प्रश्नों से भिन्न हैं।

                                               

ज्या, कोटिज्या और उत्क्रमज्या

ज्या, कोटिज्या तथा उत्क्रमज्या नामक तीन त्रिकोणमितीय फलन भारतीय खगोलशास्त्रियों एवं गणितज्ञों द्वारा प्रतिपादित किये गये थे। वर्तमान समय में प्राप्त ग्रंथों में सबसे पहले ये सूर्यसिद्धान्त में मिलते हैं। वस्तुतः ये वृत्त के चाँप के फलन हैं न कि क ...

                                               

भास्कर प्रथम का ज्या सन्निकटन सूत्र

भारत के महान गणितज्ञ भास्कर प्रथम ने अपने महाभास्करीय नामक ग्रंथ में त्रिकोणमितीय फलन ज्या य का मान निकालने का एक परिमेय व्यंजक दिया है। यह पता नहीं है कि भास्कर ने यह सन्निकटन सूत्र कैसे निकाला होगा। किन्तु गणित के अनेकों इतिहासकारों ने अपने-अपन ...

                                               

मोर का मुकुट: गणित के अयूरोपीय मूल

मोर का मुकुट: गणित के अयूरोपीय मूल जॉर्ज घेवर्गीस जोसेफ द्वारा लिखित एक पुस्तक है जिसमें यह दर्शाने का तर्कपूर्ण प्रयास किया गया है कि गणित का उद्भव यूरोप में नहीं हुआ बल्कि उसकी जड़े भारत आदि पूर्वी देशों से निकलीं हैं।

                                               

वटेश्वर-सिद्धान्त

वटेश्वरसिद्धान्त, वटेश्वर द्वारा सन 904 में रचित गणितीय और खगोलीय ग्रंथ है। इस ग्रंथ में पन्द्रह अध्याय हैं जो खगोलशास्त्और व्यावहारिक गणित के बारे में हैं।

                                               

वेण्वारोह

वेण्वारोह संगमग्राम के माधव द्वारा संस्कृत में रचित एक खगोलीय गन्थ है। इस गन्थ में ७४ श्लोक हैं। इस ग्रन्थ में लगभग प्रत्येक आधे घण्टे बाद चन्द्रमा की सही स्थिति की गनना करने की विधि बतायी गयी है। इस विधि का नाम वेण्वारोह या बाँस पर चढ़ना इसलिये ...

                                               

सूर्यसिद्धान्त

सूर्यसिद्धान्त भारतीय खगोलशास्त्र का प्रसिद्ध ग्रन्थ है। कई सिद्धान्त-ग्रन्थों के समूह का नाम है। वर्तमान समय में उपलब्ध ग्रन्थ मध्ययुग में रचित ग्रन्थ लगता है किन्तु अवश्य ही यह ग्रन्थ पुराने संस्क्रणों पर आधारित है जो ६ठी शताब्दी के आरम्भिक चरण ...

                                               

हरिदत्त

हरिदत्त भारत के ज्योतिषी एवं गणितज्ञ थे। उन्होने खगोलीय गणनाएँ करने की परहित नामक विधि विकसित की। उनके रचित दो ग्रन्थ थे- ग्रहचारनिबन्धन तथा महामार्गनिबन्धन। महामार्गनिबन्धन अभी प्राप्य नहीं है। ग्रहचारनिबन्धन में परहित पद्धति का वर्णन है।

                                               

जीवविज्ञान का इतिहास

c. ७०० BCE - सुश्रुत ने सुश्रुत संहिता की रचना की जिसमें शल्यचिकित्सा में प्रयुक्त १२० से अधिक उपकरणों का विवरण है। इसमें शल्यचिकित्सा की ३०० प्रक्रियाओं का भी वर्णन है। इसमें मानव की शल्यचिकित्सा को ८ श्रेणीयों में बांटा गया है। सुश्रुत प्रथम सौ ...

                                               

ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक

ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक भौतिकी का एक महत्वपूर्ण संकल्पना है। यह संकल्पना कहती है कि गति का ऊष्मा में और ऊष्मा का गति में परिवर्तन किया जा सकता है तथा प्रत्येक स्थिति में समान मात्रा के कार्य के द्वारा समान मात्रा की ऊष्मा उत्पन्न होगी। शर्त के ...

                                               

प्रकाश का कणिका सिद्धान्त

सबसे पहला, पूर्णत: वैज्ञानिक सिद्धांत विख्यात अँग्रेज वैज्ञानिक न्यूटन सन्‌ 1642-1727 द्वारा प्रतिपादित हुआ था। इसमें यह माना गया था कि प्रदीप्त वस्तु में से प्रकाश अत्यंत सूक्ष्म एवं तीव्रगामी कणिकाओं के रूप में निकलता है। ये कणिकाएँ साधारण द्रव ...

                                               

बाल्मर शृंखला

परमाणु भौतिकी में बाल्मर शृंखला या बॉल्मर रेखाएँ हाइड्रोजन परमाणु की वर्णक्रमीय रेखाओं की छह रेखा-समूहों में से एक को कहा जाता है। इनका नाम स्विट्ज़रलैण्ड के योहान बाल्मर नामक भौतिकशास्त्री पर रखा गया था जिन्होंने इन रेखाओं की व्याख्या करने वाले ...

                                               

ऊतक संवर्धन

ऊतक संवर्धन वह क्रिया है जिससे विविध शारीरिक ऊतक अथवा कोशिकाएँ किसी बाह्य माध्यम में उपयुक्त परिस्थितियों के विद्यमान रहने पर पोषित की जा सकती हैं। यह भली भाँति ज्ञात है कि शरीर की विविध प्रकार की कोशिकाओं में विविध उत्तेजनाओं के अनुसार उगने और अ ...

                                               

प्रायोगिक भौतिकी

भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में, प्रायोगिक भौतिकी ब्रह्माण्ड के बारे में आँकड़े संग्रहित करने के क्रम में भौतिक परिघटनाओं के प्रेक्षण से सम्बंधित विषय और उप-विषयों की श्रेणी है। इसकी विधियाँ एक विषय से दूसरे विषय में बहुत परिवर्तित होता है जैसे सरल ...

                                               

इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी

इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी एक विशेष प्रकार का सूक्ष्मदर्शी है जो नमूने को देखने के लिये एलेक्ट्रॉन किरण पुंज का उपयोग करता है और उच्च प्रवर्धिक छबि प्राप्त कराता है। इसकी विभेदन क्षमता प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी से बहुत अच्छी होती है।

                                               

नाभिकीय चुम्बकीय अनुनाद

नाभिकीय चुम्बकीय अनुनाद चुम्बकीय नाभिकों का एक विशेष गुण है। एक स्थैतिक चुम्बकीय क्षेत्र में रखे हुए कुछ पदार्थों के नाभिक पर एक दूसरा प्रत्यावर्ती चुम्बकीय क्षेत्र भी आरोपित किया जाय तो यह घटना दृष्टिगोचर होती है।

                                               

बहिर्ग्रह खोज की विधियाँ

खगोलिकी में कोई भी ग्रह दूर से देखे जाने पर अपने पितृ तारे की कांति के सामने लगभग अदृश्य होता है। उदाहरण के लिए हमारा सूर्य हमारे सौर मंडल के किसी भी ग्रह से एक अरब गुना से भी अधिक चमक रखता है। वैसे भी ग्रहों की चमक केवल उनके द्वारा अपने पितृतारे ...

                                               

स्पेक्ट्रोस्कोपी

स्पेक्ट्रमिकी, भौतिकी विज्ञान की एक शाखा है जिसमें पदार्थों द्वारा उत्सर्जित या अवशोषित विद्युत चुंबकीय विकिरणों के स्पेक्ट्रमों का अध्ययन किया जाता है और इस अध्ययन से पदार्थों की आंतरिक रचना का ज्ञान प्राप्त किया जाता है। इस शाखा में मुख्य रूप स ...

                                               

मापिकी

मापिकी, मापविद्या या मापविज्ञान में मापन के सभी सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। यह मापन एवं उसके अनुप्रयोगों का विज्ञान है। मापिकी Metrology भौतिकी की वह शाखा है जिसमें शुद्ध माप के बारे में हमें ज्ञान होता है। मापविज्ञान ...

                                               

अंशशोधन

दो मापनों की तुलना को अंशशोधन कहते हैं। इनमें से पहला मापन ज्ञात शुद्धता वाले मापक यंत्र से नापा गया होता है या ज्ञात परिमाण का होता है तथा दूसरा मापन उस मापक यंत्र से किया जाता है जिसे अंशशोधित करना होता है। ज्ञात परिशुद्धता वाला मापकयंत्र मानक ...

                                               

अमीटर

ऐमीटर या एम्मापी किसी परिपथ की किसी शाखा में बहने वाली विद्युत धारा को मापने वाला यन्त्र है। बहुत कम मात्रा वाली धाराओं को मापने के लिये प्रयुक्त युक्तियोंको "मिलिअमीटर" या "माइक्रोअमीटर" कहते हैं। अमीटर की सबसे पुरानी डिजाइन डीअर्सोनल DArsonval ...

                                               

अल्पतमांक

किसी मापन यंत्र द्वारा जिस अधिकतम शुद्धता से मापन किया जा सकता है उसे उस यंत्र का अल्पतमांक कहते हैं। उदाहरण के लिए, किसी मीटर पैमाने पर १-१ मिलीमीटर पर निशान बने हैं तो उसका अल्पतमांक १ मिलीमीटर है क्योंकि यह १ मिमी की शुद्धता से बेहतर मापन नहीं ...

                                               

उत्तापमापी

उत्तापमापी, ऊँचे ताप की माप करनेवाला यंत्र है। ये कई प्रकार के होते हैं- प्रकाशिक उत्तापमापी, विकिरण उत्तापमापी, प्रतिरोध उत्तापमापी, ताप-विद्युत्‌-उत्तापमापी और अवरक्त उत्तापमापी।

                                               

एलवीडीटी

एलवीडीटी या लिनियर वैरिएबल दिफरेंशियल ट्रांसफार्मर एक युक्ति है जो रैखिक विस्थापन मापने के काम आती है। यह ट्रांसफॉर्मर के सिद्धान्त पर काम करती है। इसी तरह की एक अन्य युक्ति कोणीय विस्थापन के मापन में प्रयुक्त होती है जिसे रोटरी वैरिबल डिफरेंशियल ...

                                               

ऐम्पियर घंटा

ऐम्पियर-घंटा विद्युत आवेश की इकाई है। एक एम्पीयर-घण्टा 3600 कूमॉम्ब के बराबर होता है। एम्पीयर-घंटा का उपयोग विद्युतरासायनिक मापनों में प्रायः होता है । A h = 3600 s A = 3600 s C s = 3600 C {\displaystyle \mathrm {Ah} =3600\,\mathrm {s}\mathrm {A} ...

                                               

किलोमीटर प्रति घंटा

किलोमीटर प्रति घंटा, गति की एक इकाई हैं, जोकि एक घंटे में की गई यात्रा किलोमीटर की संख्या व्यक्त करता हैं। एसआई यूनिट का प्रतीक किमी/घंटा हैं। दुनिया भर में, इसका सबसे अधिक उपयोग, सड़क के संकेतों और कार चालमापी स्पीडोमीटर पर किया जाता हैं।

                                               

चालमापी

साधारणत: मोटरगाड़ी के पिछले पहिए को चलानेवाले डंडे में लगे दाँतीदार चक्र द्वारा एक तार लचीली खोखली नली में घूमता रहता है। इस तार के दूसरे सिरे का संबंध एक चुंबक से रहता है, जो तार के घूमते रहने के कारण स्वंय घूमता रहता है। यह चुंबक ऐल्यूमिनियम की ...

                                               

जड़त्वीय संचालन प्रणाली

जड़त्वीय संचालन प्रणाली एक प्रणाली है जो जलयान, वायुयान, पनडुब्बी, नियंत्रित मिसाइल, तथा अंतरिक्ष यान आदि के संचालन में सहायक है। यह कंप्यूटर, गति सेंसरों और रोटेशन सेंसर का उपयोग करते हुए, किसी बाहरी संदर्भ के बिना ही, किसी गतिशील वस्तु की स्थित ...

                                               

ट्रान्सड्यूसर

मापन में ट्रांसड्यूसर उन युक्तियों को कहते हैं जो एक प्रकार की उर्जा को दूसरे प्रकार की उर्जा में बदलती हैं; अथवा एक प्रकार की भौतिक राशि के संगत दूसरे प्रकार की भौतिक राशि प्रदान करते हैं। इनका उपयोग विभिन्न भौतिक राशियों को मापना, उन्हे प्रदर्श ...

                                               

तापमापी

|एक चिकित्सकीय तापमापी" तापमापी या थर्मामीटर वह युक्ति है जो ताप या ताप की प्रवणता को मापने के काम आती है। तापमिति Thermometry भौतिकी की उस शाखा का नाम है, जिसमें तापमापन की विधियों पर विचार किया जाता है। तापमापी अनेक सिद्धान्तों के आधापर निर्मित ...

                                               

तापयुग्म

दो भिन्न धातुओं के जोड़ को तापयुग्म कहते हैं। यह जंक्शन जितना ही अधिक ताप पर होता है उन दो धातुओं के खुले सिरों के बीच उतना ही अधिक विभवान्तर प्राप्त होता है। यही इसके कार्य करने का आधारभूत सिद्धान्त है। तापमापन एवं ताप नियंत्रण के लिये इसका खूब ...

                                               

दर्शक मापन

वर्तमान में संचार यंत्र सबसे अच्छा मापक है। कई कंपनी इस प्रकार के मापन के लिए जालस्थल द्वारा जानकारी एकत्रित करती है। जिसका उपयोग वह अपने उत्पाद बेचने या उसे और उन्नत करने में उपयोग करती है।

                                               

दाब मापन

किसी तरल द्वारा किसी सतह पर डाले गये बल का मापन दाब मापन कहलाता है। दाब को मापने की ईकाई बल प्रति ईकाई क्षेत्रफल है। दाब और निर्वात को मापने के लिए अनेकों तकनीकों का विकास किया गया है। दाब मापने वाले उपकरणों को दाबमापी या या वैक्यूम गेज कहते हैं। ...

                                               

दोलनदर्शी

दोलनदर्शी एक इलेक्ट्रानिक उपकरण है जो किसी विभवान्तर को समय के सापेक्ष या किसी विभवान्तर के सापेक्ष एक ग्राफ के रूप में प्रर्दशित करता है। विभिन्न संकेतों को देखने से परिपथ के काम करने के बारे में जानकारी प्राप्त होती है और पता चलता है की कौन सा ...

                                               

धारा परिणामित्र

विद्युत इंजीनियरी में धारा परिणामित्र या करेंट ट्रांस्फॉर्मर) विद्युत धारा को मापने के काम आता है। धारा परिणामित्और विभव परिणामित्र या) को सम्मिलित रूप से इंस्ट्रूमेन्ट ट्रान्सफॉर्मर कहा जाता है। अन्य ट्रांसफॉर्मरों की तरह धारा ट्रान्सफॉर्मर में ...

                                               

धारामापी

धारामापी या गैल्वानोमीटर एक प्रकार का अमीटर ही है। यह किसी परिपथ में धारा की उपस्थिति का पता करने के लिये प्रयोग किया जाता है। प्रायः इसपर एम्पीयर, वोल्ट या ओम के निशान नहीं लगाये गये रहते हैं। धारामापी के समानान्तर समुचित मान वाला अल्प मान का प् ...

                                               

पंचांग पद्धति

जगत् के सब पंचांगों की उत्पत्ति प्राचीन काल में धार्मिक क्रियाओं के समय निश्चित करने के लिए हुई है। बाद में उनमें सामाजिक उत्सव और वर्तमान काल में राजकीय महत्व के कार्यक्रम भी शामिल किगए हैं। हमारे समस्त प्राचीन सामाजिक उत्सवों को भी धार्मिक स्वर ...

                                               

परीक्षण विधि

किसी परीक्षण के लिये निर्धारित प्रक्रिया परीक्षण विधि कहलाती है। सही परीक्षण के लिये सुविचारित परीक्षण विधि का उपयोग करना बहुत आवश्यक है। परीक्षण वह मानकीकृत साधन है जिसके द्वारा संपूर्ण मानव व्यवहार के विभिन्न पक्षों संबंधी विशेषताओं का मात्रात् ...

                                               

भार

भौतिकी में किसी वस्तु पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के माप को भार या वज़न कहते हैं। पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण लगभग समान होता है, इसलिए किसी वस्तु का भार उसके द्रव्यमान के अनुपाती होता है। भार की SI इकाई बल की SI इकाई के बराबर होती ...

                                               

भारतीय मापिकीय सोसायटी

भारतीय मापिकीय सोसायटी एक भारत की एक लाभनिरपेक्ष संस्था है जो समाज में मापिकी से समब्न्धित ज्ञान के प्रसार एवं आत्मसातीकरण के लिये प्रयत्नशील है। इसकी स्थापना १९५६ में की गयी थी।

                                               

भू-चुबंकी प्रेरक दिक्सूचक

भू-चुबंकी प्रेरक दिक्सूचक या केवल प्रेरक दिक्सूचक किसी स्थान की चुम्बकीय नति या आनति मापने का परिष्कृत उपकरण है। यह विद्युतचुम्बकीय प्रेरण के सिद्धान्त पर काम करता है। इसके द्वारा पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग एक विद्युत संकेत जनित्र के लिए ...

                                               

मापक फीता

मापक फीता एक प्रकार का लचीला रेखनी है जो कपड़ा, प्लास्टिक, फाइबर ग्लास, या किसी धातु की पतली पट्टी से बना होता है। इससे हम मिलीमीटर, सेन्टीमीटर, मीटर, इंच, फुट आदि में दूरियाँ बड़ी आसानी से माप कर सकते हैं। आजकल यह छोटी या बडी दूरी मापने का एक सा ...

                                               

मापन एवं जाँच के एलेक्ट्रानिक उपकरण

Hipot tester Cable tester Network analyzer used to characterize components or complete computer networks Test light Continuity tester The Energy Detective Transistor tester

                                               

मापन का इतिहास

मनुष्य जीवन के लिए नापतौल की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। यह कहना अत्यन्त कठिन है कि नापतौल पद्धति का आविष्कार कब और कैसे हुआ होगा किन्तु अनुमान लगाया जा सकता है कि मनुष्य के बौद्धिक विकास के साथ ही साथ आपसी लेन-देन की परम्परा आरम्भ हुई होगी और ...

                                               

मापन के स्तर

मापन के स्तर की अवधारणा मनोवैज्ञानिक स्टैनले स्मिथ स्टेवेंस ने दी थी। सन् १९४६ में आन द थिअरी ऑफ स्केल्स ऑफ मेजरमेंट नामक एक विज्ञान लेख में उन्होने दावा किया कि विज्ञान में किये जाने वाले सभी मापन चार श्रेणियों में विभक्त किये जा सकते हैं। उन्हो ...