ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 208




                                               

नेताजी नगर

यह दक्षिण मध्य दिल्ली का एक इलाका है। नेताजी नगर में सरकारी आवास हैं। शांतिप्रिय इलाका है पहले-पहल दिल्ली विश्वविद्यालय का मैत्रेयी कालेज यहीं से शुरू हुआ था। अब उस बिल्ड़िंग में दिल्ली विश्वविद्यालय का दूसरा कालेज डीसीएसी, दिल्ली कालेज आफ़ आर्ट ...

                                               

नेहरु प्लेस

नेहरु प्लेस दिल्ली शहर का एक क्षेत्र है। यहां ढेरों निजि कम्पनियों के कार्यालय हैं। इसके अलावा यहां सूचना प्रौद्योगिकी के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर का बाजार भी है। यह दिल्ली मेट्रो रेल की दक्षिण विस्तार वाली येलो लाइन शाखा का एक प्रस्तावित स्टेशन भी ...

                                               

नेहरू पार्क दिल्ली

नेहरू पार्क दिल्ली के डिप्लोमेटिक इंकलेव चाणक्यपुरी के एक सिरे पर स्थित है। यह लगभग 80 एकड क्षेत्र में फैला है। यहां विभिन्न किस्म के पेड, पौधे लगाये गये हैं। इस पार्क का नामकरण भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर किया गया है। पार् ...

                                               

नेहरू प्लेस, नई दिल्ली

Superscript text का एक व्यावसायिक भवन और परिसर.jpeg|thumb| right|250px|नेहरु प्लेस का एक व्यावसायिक भवन और परिसर।" दक्षिणी दिल्ली में की एक व्यावसायिक बहुतलीय अट्टलिका।" इसका नाम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के नाम पर रखा गया था। इस ...

                                               

पहाङी धीरज, पहाङगंज, दिल्ली

यह दिल्ली के एक मुख्य बाजार पहाङगंज से जुङा एक वृहत थोक बाजार है। यह पुरानी दिल्ली में आता है। यह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के समीप है। इसके पास दिल्ली सदर बाजार का स्टेशन भी है।

                                               

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण एक संगठन / प्राधिकरण है, जो कि भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है। निगमित मुख्यालय राजीव गाँधी भवन सफदरजंग विमानक्षेत्र, नई दिल्ली में स्थित है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण कुल 125 विमानपत्तनों का ...

                                               

मदर डेयरी

मदर डेयरी, दुग्ध उत्पादों के व्यवसाय से जुडी एक सहकारी कंपनी है जिसकी स्थापना १९७४, में भारत के राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की एक आनुषांगिक ईकाई के रूप में की गयी थी।

                                               

महिपालपुर

महिपालपुर भारत की राजधानी दिल्ली का एक गाँव हें यह दक्षिण दिल्ली की अरावली पर्वत माला में हें. इसके एक तरफ हवाई अड्डा हें तो दूसरी तरफ वसंत कुंज की शानदार कालोनी हें. महिपालपुर गाँव की पुरानी आबादी ऊचे निचे स्थान पर हें. नई आबादी महिपालपुर एक्सटे ...

                                               

मुनिरका, दिल्ली

यह दक्षिण दिल्ली का एक गाँव है, जो कि अब लाल डोरा क्षेत्र में आता है। मुनिरका दक्षिण पश्चिम दिल्ली में एक शहरी क्षेत्र है, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालयजेएनयूऔर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्लीआईआईटी दिल्लीपरिसरों के पास स्थित है। मुनीरका का इति ...

                                               

मेहरौली पुरातत्व पार्क

महरौली पुरातत्व पार्क: महरौली पुरातत्व पार्क, कुतुब मीनार विश्व विरासत स्थल और कुतुब परिसर से सटे, महरौली, दिल्ली में 200 एकड़ में फैला एक पुरातात्विक क्षेत्र है। इसमें 100 से अधिक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण स्मारक हैं। यह दिल्ली का एकमात्र क्षेत ...

                                               

रजोकरी

२००१ मे भारत की जनगणना के अनुसार, रजोकरी की आबादी १२,७५८ थी। आबादी मे ५६% पुरुष थे और ४४% महिलाए थी। रजोकरी की साक्षरता दर ६६% थी जो भारत की साक्षरता दर से अधिक है। रजोकरी की ६% जनसंख्या ६ वर्ष से कम आयु की है।

                                               

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र

एनसीआर में दिल्ली से सटे सूबे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई शहर शामिल हैं। एनसीआर में 4 करोड़ 70 लाख से ज्यादा आबादी रहती है। समूचे एनसीआर में दिल्ली का क्षेत्रफल 1.484 स्क्वायर किलोमीटर है। देश की राजधानी एनसीआर का 2.9 फीसदी भाग कवर कर ...

                                               

रोहिणी, दिल्ली

यह उत्तरी दिल्ली की एक आवासीय कालोनी है। यह एशिया की सबसे बड़ी आवासीय कालोनी कहलाती थी, जब तक द्वारका, दिल्ली नहीं बनी थी। यह दिल्ली की सबसे शानदार कालोनी कहलाती है। इसमे 50 सेक्टर हैं। जिनमे से 1 से 18 लाजवाब है। यह काफी महंगी कालोनी है। यहाँ फ् ...

                                               

लाजपत नगर, दिल्ली

लाजपत नगर दक्षिण दिल्ली का एक प्रमुख क्षेत्र है। यहां एक बडी निजि आवासीय कालोनी, सरकारी आवासीय कालोनी के साथ- साथ ही एक बड व प्रसिद्ध बाजार भी है, जो कि सेन्ट्रल मार्किट के नाम से प्रसिद्ध है। यह प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी श्री लाला लाजपत राय के ...

                                               

लौह स्तंभ

दिल्ली का लौह स्तम्भ, दिल्ली में क़ुतुब मीनार के निकट स्थित एक विशाल स्तम्भ है। यह अपनेआप में प्राचीन भारतीय धातुकर्म की पराकाष्ठा है। यह कथित रूप से राजा चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य से निर्माण कराया गया, किन्तु कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पह ...

                                               

केन्द्रीय सचिवालय

यह भारत की राजधानी नई दिल्ली में, रायसीना की पहाङी पर स्थित है। यहाँ भारत सरकार का केन्द्रीय सचिवालय है। इसमें दो इमारतें, बिलकुल एक जैसी, पर प्रतिबिम्ब रूप में राजपथ के उत्तर व दक्षिण में स्थित हैं। इनमें प्रमुख मन्त्रालय के कार्यालय भी स्थित हैं।

                                               

सदर बाजार, पहाङगंज, दिल्ली

यह दिल्ली के एक मुख्य बाजार चाँदनी चौक से जुङा एक वृहत थोक बाजार है। यह पुरानी दिल्ली में आता है। यह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के समीप ही है। इसके पास दिल्ली सदर बाजार का स्टेशन भी है।

                                               

हौज काजी चौक, चाँदनी चौक, दिल्ली

यह दिल्ली के मुगल कालीन बाजार चाँदनी चौक का एक यादगार हिस्सा है। यह मेत्रो स्टेशन चाँदनी चौक के ऊपर बना हुआ है। यहाँ चावङी बाजार, चाँदनी चौक, दिल्ली आकर मिलता है, इसके अलावा लाल कुआँ बाजार, चाँदनी चौक, दिल्ली भी मिलता है। एक सङक अजमेरी गेट, चाँदन ...

                                               

गंगनम स्टाइल

"गंगनम स्टाइल" दक्षिण कोरियाई संगीतज्ञ साइ का एक के-पॉप एकल गाना है। यह गाना जुलाई 2012 में उनके छठे स्टूडियो एल्बम साइ ६, भाग १ के अन्तर्गत्त विमोचित हुआ था और दक्षिण कोरिया के गाओन चार्ट पर प्रथम स्थान पर अंकित हुआ। दिनांक 21 दिसम्बर 2012 को, " ...

                                               

भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची

गण अधिकार निउज थार्टि आजिर दैनिक बातरि दैनिक जनसाधारण दैनिक जनमभूमि दैनिक अग्रदूत नियमीया बार्ता आमार असम असम बानी साप्ताहिक सादिन साप्ताहिक दैनिक असम असमीया प्रतिदिन एदिनर संबाद अग्रदूत अर्ध साप्ताहिक असमीया खबर

                                               

भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग

२०१० के अनुसार देश से कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को दुनिया में ८ वा स्थान मिला। २००९ देश में प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को दुनिया में १४५ वा स्थान मिला। न्यू इकोनॉमिक्स फाउंडेशन: हैप्पी प्लेनेट इंडेक्स २०१२ ने १०० में से ५०.९ ...

                                               

भारत की नदियों की सूची

भारत में मुख्यतः चार नदी प्रणालियाँ है हैं। उत्तरी भारत में सिंधु, उत्तरी-मध्य भारत में गंगा, और उत्तर-पूर्व भारत में ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली है। प्रायद्वीपीय भारत में नर्मदा, कावेरी, महानदी, आदि नदियाँ विस्तृत नदी प्रणाली का निर्माण करती हैं। यह ...

                                               

भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची जनसंख्या अनुसार

भारत एक संघ है, जो २8 राज्यों एवं 9 केन्द्र शासित प्रदेशों से बना है। यहां की २००८ की अनुमानित जनसंख्या 1 अरब 13 करोड़ के साथ भारत विश्व का दूसरा सर्वाधिक जनाकीर्ण देश बन गया है। इससे पहले इस सूची में बस ही आता है। भारत में विश्व की कुल भूमि का २ ...

                                               

भारतीय राज्यों के वर्तमान राज्यपालों की सूची

भारत गणराज्य में राज्यपाल 28 राज्यों में राज्य प्रमुख का संवैधानिक पद होता है। राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति पाँच वर्ष के लिए करते हैं और वे राष्ट्रपति की मर्जी पर पद पर रहते हैं। राज्यपाल राज्य सरकार का विधित मुखिया होता है जिसकी कार्यकारी कार ...

                                               

मीडिया की पहुँच के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची लोगों तक मीडिया की पहुँच के आधापर है। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान, मुंबई द्वारा करा ...

                                               

अजयराज

अजयराज शाकंभरी के अग्निकुलीय चौहानवंश के प्रारंभिक राजपूत नरेशों में से था। पृथ्वीराज प्रथम का पुत्र अजयराज 12 वीं सदी में एक महत्वपूर्ण शासक हुआ। उसने मालवा के परमार शासक नरवर्धन को अवंती नदी के किनारे हराकर अपने राज्य की सीमा मालवा तक बढ़ा ली। ...

                                               

अनंगपाल तोमर द्वितीय

द्वितीय अनंगपाल तोमर, दिल्ली का शासक था। वह १७ जून १०५१ को दिल्ली का १६वाँ राजा बना। उसने लाल कोट बनवाया जो दिल्ली का प्रथम दुर्ग था। अराजा अनंगपाल के वंशज राजपूत जाति के रूप में निवास करते हैं।इसने 1052ई. मे दिल्ली के महरौली मे लौह स्त्तंभ का नि ...

                                               

अनहिल्ल

अनाहिल्ला चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

अल्हण देव

अल्हण देव चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

अश्वपाल

अश्वपाल चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

अहिल

अहिला चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

आशाराज

अश राज चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

कटुक राज

कटुक राज चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

कल्हण देव

कल्हण देव चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

गंगाधर राव

महाराजा गंगाधर राव नेवालकर झांसी के महाराजा थे। वे रघुनाथ हरि नेवालकर के वंशज महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के थे। उनमें से कुछ खानदेश में चले गए, जब पेशवा शासन शुरू हुआ औjjर पेशवा और होलकर सेनाओं में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। रघुनाथ हरि नयाल ...

                                               

गोपाल प्रथम

गुप्तवंश और पुष्पभूतिवंश के ह्रास और अंत के बाद भारतवर्ष राजनीतिक दृष्टि से विच्छृंखलित हो गया और कोई भी अधिसत्ताक शक्ति नहीं बची। राजनीतिक महत्वाकांक्षियों ने विभिन्न भागों में नए राजवंशों की नींव डाली। गोपाल भी उन्हीं में एक था। बौद्ध इतिहासकार ...

                                               

चमराजेन्द्र वोडेयार

चामराजेंद्र ओडियार मैसूर राज्य के अंतिम हिंदू राजा कारुगहल्ली वंशीय चामराज के पौत्र थे। महाराज कृष्णराज ने उन्हें गोद लिया था। यशस्वी पिता की २७ मार्च १८६८ की मृत्यु के उपरांत जब तक वे १८ वर्ष के पूर्ण वयस्क नहीं हो गए तब तक अंग्रेजों ने उनके नाम ...

                                               

जय सिंह प्रथम

मिर्जा राजा जयसिंह आम्बेर के राजा तथा मुगल साम्राज्य के वरिष्ठ सेनापति थे। राजा भाऊ सिंह उसके पिता थे जिन्होने 1614 से1621 तक शासन किया।

                                               

जयतासिंह

जयतासिंह चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डुला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

जयसिंह तृतीय (पश्चिमी चालुक्य)

जयसिंह तृतीय, सोमेश्वर द्वितीय और विक्रमादित्य षष्ठ का अनुज था। अपने पिता सोमेश्वर प्रथम के समय में वह तर्दवाडि का प्रांतपाल था। १०६१ ई. में वह कूडल् के युद्ध में वीर राजेंद्र के विरुद्ध लड़ा था किंतु चालुक्य पक्ष की गहरी हार हुई थी। सोमेश्वर द्व ...

                                               

जेन्द्र राज

जेन्द्र राज चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

जोजल देव

जोजल देव चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

नंदिवर्मन द्वितीय

नन्दिवर्मन द्वितीय पल्लव शासक था जिसने भारत के दक्षिणी भागों में शासन किया। सेन का कथन है कि नन्दिवर्मन ने 730 से 795 ई तक शासन किया और बैकुण्ठ-पेरुमल मंदिर बनवाया।

                                               

पृथ्वीपाल

पृथ्वीपाल चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

बलि राज

बलि राज चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

बाल प्रसाद

बालाप्रसाद चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

महिन्दु

महिन्दु चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

यशोवर्मन (कन्नौज नरेश)

हिमालय.jpg यशोवर्मन का राज्यकाल ७०० से ७४० ई० के बीच में रखा जा सकता है। कन्नौज उसकी राजधानी थी। कान्यकुब्ज कन्नौज पर इसके पहले हर्ष का शासन था जो बिना उत्तराधिकारी छोड़े ही मर गये जिससे शक्ति का निर्वात पैदा हुआ। यह भी संभ्भावना है कि उसे राज्या ...

                                               

रत्न पाल

रत्न पाल चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

रानी दुर्गावती

रानी दुर्गावती लोधी) भारत की एक वीरांगना थीं जिन्होने अपने विवाह के चार वर्ष बाद अपने पति दलपत शाह की असमय मृत्यु के बाद अपने पुत्र वीरनारायण को सिंहासन पर बैठाकर उसके संरक्षक के रूप में स्वयं शासन करना प्रारंभ किया। इनके शासन में राज्य की बहुत उ ...