ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 209




                                               

यशोवर्मन (कन्नौज नरेश)

हिमालय.jpg यशोवर्मन का राज्यकाल ७०० से ७४० ई० के बीच में रखा जा सकता है। कन्नौज उसकी राजधानी थी। कान्यकुब्ज कन्नौज पर इसके पहले हर्ष का शासन था जो बिना उत्तराधिकारी छोड़े ही मर गये जिससे शक्ति का निर्वात पैदा हुआ। यह भी संभ्भावना है कि उसे राज्या ...

                                               

रत्न पाल

रत्न पाल चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

रानी दुर्गावती

रानी दुर्गावती लोधी) भारत की एक वीरांगना थीं जिन्होने अपने विवाह के चार वर्ष बाद अपने पति दलपत शाह की असमय मृत्यु के बाद अपने पुत्र वीरनारायण को सिंहासन पर बैठाकर उसके संरक्षक के रूप में स्वयं शासन करना प्रारंभ किया। इनके शासन में राज्य की बहुत उ ...

                                               

राय पाल

राय पाल चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

रायमल्ल

सन् १४६९ ई. में उदयसिंह महाराणा कुंभा को मारकर मेवाड़ का स्वामी बना। मेवाड़ के सरदारों ने छिपे छिपे इसका विरोध कर उसके छोटे भाई रायमल्ल को राज्य लेने के लिए बुलाया। अनेक लड़ाइयों में उदयसिंह को हराकर रायमल्ल सन् १४७४ में गद्दी पर बैठा। उदयसिंह के ...

                                               

लक्ष्मण (चाहमान राजवंश)

लक्ष्मण चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

वाक्पतिराज द्वितीय

वाक्पतिराज द्वितीय राज्यकाल 1026 - 1040 ई, शाकम्भरी चहमान राजवंश का शासक था। उसने सपदलक्ष पर शासन किया जिसके अन्तर्गत राजस्थान और उत्तरी-पश्चिमी भारत के भूभाग आते हैं।

                                               

वासुदेव (चौहान वंश)

बिजोलिया शिलालेख के अनुसार सपादलक्ष के चौहान वंश" का संस्थापक वासुदेव था, जिसने 551 ई के आसपाइस वंश का प्रारम्भ किया। बिजोलिया शिलालेख के अनुसार सांभर झील का निर्माण भी इसी ने करवाया था। इसी के वंशज अजपाल ने ७वीं सांभर कस्बा बसाया तथा अजयमेरू दुर ...

                                               

विगृहपाल

विगृह पाल चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

विद्याधर (चंदेल)

विद्याधर चन्देल वंश का सबसे प्रतापी राजा था जिसने खजुराहो का कन्दारिया महादेव मंदिर बनवाया था। मुसलमान लेखक उसको चन्द्र एवं विदा नाम से पुकारते हैं। वह अपने दादा के सामान वीऔर कुसल शासक था। अली इब्न उल-अतहर के अनुसार विद्याधर के राज्य सीमा की सीम ...

                                               

वीर चन्द्र माणिक्य

वीर चन्द्र माणिक्य त्रिपुरा के राजा थे जिन्होने १८६२ से १८९६ तक शासन किया। वे माणिक्य राजवंश के थे। वे आधुनिक अगरतला के शिल्पी माने जाते हैं। सन १८६२ में उन्होने अगरतला का नगरीकरण आरम्भ किया तथा १८७१ में अगरतला नगरपालिका की स्थापना की।

                                               

शिवप्पा नायक

शिवप्पा नायक, केलादि नायक राजवंश के प्रमुख शासक थे। वे केलादि शिवप्पा नायक नाम से प्रसिद्ध हैं। विजयनगर साम्राज्य के पतन के बाद १६वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में कर्नाटक के तटवर्ती और मालनाद पर्वतीय क्षेत्रों में केलादि नायक वंश का शासन स्थापित हुआ।

                                               

शोभित

शोभिता चाहमानस नड्डुला राजवंश के एक शासक थे जो नड्डूला नामक राज्य पर राज किया करते थे। नड्डूला जो वर्तमान में भारत के राजस्थान राज्य के पाली ज़िले का एक क्षेत्र है।यह अब नाडोल नाम से जाना जाता है।

                                               

सदा कौर

सदा कौर कन्हैया मिस्ल की शासिका थीं (1789 से 1821 एवं महाराजा रणजीत सिंह की सास थीं। रणजीत सिंह की राजनीतिक शक्ति की वृद्धि में उनकी महती भूमिका थी। वे गुरबक्श सिंह कन्हैया की पत्नी थीं और उनके देहान्त के पश्चात उन्होने कन्हैया मिस्ल का राजकाज सम ...

                                               

सोमेश्वर द्वितीय

सोमेश्वर द्वितीय, सोमेश्वर प्रथम का सबसे बड़ा पुत्र तथा पश्चिमी चालुक्य राजवंश का शासक था। अपने पिता बाद वह गद्दी पर बैठा। अपने पिता के शासनकाल में वह गडग के आसपास के क्षेत्रों का प्रशासन देखता था। अपने शासनकाल में वह अपने छोटे भाई विक्रमादित्य ष ...

                                               

रीम राष्ट्रीय उद्यान

रीम राष्ट्रीय उद्यान कंबोडिया का एक राष्ट्रीय उद्यान है, जो दक्षिण-पूर्वी कंबोडिया में सिहानोकविले प्रांत के प्री नोब जिले में सिहानोकविले शहर से 18 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका आधिकारिक नाम प्रिये सिहानोक रीम राष्ट्रीय उद्यान है। यह 1993 में स ...

                                               

कंबोडिया की जनसांख्यिकी

कंबोडिया की आबादी की जनसांख्यिकीय विशेषताओं के बारे में है, जिसमें जनसंख्या घनत्व, जातीयता, शिक्षा स्तर, जनसंख्या का स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, धार्मिक संबद्धता और जनसंख्या के अन्य पहलुओं शामिल हैं।

                                               

अकिता प्रीफ़ेक्चर

अकिता, जापान के व्यापार, राजनीति और बसासित केन्द्रों से पूर्व की ओर स्थित ओउ और देवा पर्वतों की श्रृंखलाओं द्वारा कई सौ किलोमीटर पृथक्कृत था। अकिता जापानी समाज से वर्ष ६०० ईस्वी तक पृथक रहा था। अकिता शिकार करने वाले घुमन्तू जनजातियों का क्षेत्र था।

                                               

आइची प्रीफ़ेक्चर

आइची प्रीफ़ेक्चर, जापान का एक प्रीफ़ेक्चर है जो चूबू क्षेत्र के तोकाइ क्षेत्र में स्थित है। इसकी राजधानी नगोया है। यह चूक्यो महानगरीय क्षेत्र का मुख्यक्षेत्र है।

                                               

इवाते प्रीफ़ेक्चर

इवाते प्रीफ़ेक्चर होक्काइडो के बाद जापान का सबसे बड़ा प्रीफ़ेक्चर है। यह होन्शू द्वीप पर तोहोकू क्षेत्र में स्थित है और द्वीप का सबसे पूर्वी बिन्दू यहीं स्थित है। इसकी राजधानी मोरिओता है। इवाते अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए ख्यात है क्योंकि इसका ...

                                               

क्योटो

क्योतो जापान के यमाशिरों प्रांत में स्थित नगर है। क्वामू शासन काल में इसे हे यान जो अर्थात् शांति का नगर की संज्ञा दी गई थी। ११वीं शताब्दी तक क्योतो जापान की राजधानी था और आज भी पश्चिमी प्रदेश की राजधानी है। १८९० ई. में इस नगर को बीवा झील सें लगभ ...

                                               

तोहोकू क्षेत्र

तोहोकू क्षेत्र जापान का एक भौगोलिक क्षेत्र है। जापानी में तोहोकू का अर्थ है "उत्तरपूर्व" और तोहोकू क्षेत्र जापान के मुख्यद्वीप होन्शू के उत्तरपूर्वी भाग पर स्थित है। इस क्षेत्र को मिचिनोकू के नाम से भी जाना जाता है। २००८ में यहां की अनुमानित जनसं ...

                                               

फ़ूकूशिमा प्रीफ़ेक्चर

फ़ूकूशिमा प्रीफ़ेक्चर जापान के होन्शू द्वीप के उत्तर में स्थित तोहोकू क्षेत्र का एक प्रीफ़ेक्चर है। इसकी राजधानी फ़ूकूशिमा है। मार्च २०११ के भूकम्प और सुनामी, जो पड़ोस के मियागी प्रीफ़ेक्चर में केन्द्रित था, के कारण इस प्रीफ़ेक्चर में स्थित नाभिक ...

                                               

शिनकानसेन

शिनकानसेन जापान की अतितीव्र गामी रेलगाड़ियों को कहा जाता है। ये विश्व की सबसे तीव्रगामी रेलगाडी़ है और कुछ शिनकानसेन तो 300 किमी/घंटा की गति से भी तेज़ दौड़ती हैं। इनका संचालन जापान रेलवे समूह की चार कंपनियों द्वारा किया जाता है। 1964 के टोक्यो ओ ...

                                               

हिरोशिमा

हिरोशिमा जापान का एक नगर है जहाँ द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 1945 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा परमाणु बम गिराया गया था जिससे पूरा का पूरा नगर बरबाद हो गया था। इस विभिषका के परिणाम आज भी इस नगर के लोग भुगत रहे हैं। जापान के एक दूसरे नगर नागासा ...

                                               

इस्सा

कोबायाशि इस्सा का जन्म जापान के पर्वतीय शिनानो प्रान्त के छोटे से गाँव काशिवाबारा में १५ जून १७६३ ई० को हुआ। काशिवाबारा उस समय एदो के राज-मार्ग पर एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक केन्द्र था। इस्सा का पूरा नाम कोबायाशि इस्सा है। इस्सा हाइकु के प्रमुख च ...

                                               

काकि नो मोतो नो हितोमारो

काकि नो मोतो नो हितोमारो एक प्रतिष्ठित जापानी कवि थें। इनकी रचनाओं को मान्योशू में सम्मिलित किया गया था।

                                               

ताकाहामा कियोशी

ताकाहामा कियोशी एक जापानी कवि थे। क्योशि इनका उपनाम था। डॉ॰ अंजली देवधर द्वारा हिन्दी मे अनुवादित ताकाहामा कियोशी का एक हाइकु- एक स्त्री एक टब में नहाती हुई एक कौए की चाह बन गई! नेपाली भाषा मे अनुवाद किया गया कियोशी का एक हाइकु कुकुर सुत्यो खुट्ट ...

                                               

योसा बुसोन

योसा बुसोन या तानिगुचि बुसोन एक जापानी हाइकु कवि एवं चित्रकार थे, जिन्हें सामान्यत: बुसोन के नाम से जाना गया। इनकी तुलना महान जापानी कवि मात्सुओ बाशो और इस्सा से की जाती है। योसा का मूल नाम तानिगुचि बुसोन था।डॉ॰ अंजली देवधर द्वारा हिन्दी में अनुव ...

                                               

तोयामा

तोयामा जापान के तोयामा प्रभाग की राजधानी है। यह जिंट्सू Jentsu नदी के मुहाने पर तोयामा सागर के दक्षिणी किनारे पर बसा हुआ है। यह नागोया नगर से १७० किमी उत्तर, उत्तर-पूर्व की दिशा में है। तोयामा, जापान का एक मुख्य बंदरगाह भी है। द्वितीय विश्वमहायुद ...

                                               

नागासाकी

नागासाकी जापान का एक शहर है। यह वही शहर है जो बम गिरने से तबाह हुआ था। नागासाकी का मतलब "लम्बा प्रायद्वीप" है। वह दक्षिण पश्चिम क्यूशू द्वीप में समुद्र के किनारे पर है। वह दूसरा शहर है जिसपर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 1945 में अमरीका ने परमाणु ब ...

                                               

नागोया

नागोया जापान के चूबु क्षेत्र में सबसे बड़ा शहर है। यह जापान का तीसरा सबसे बड़ा निगम शहर और चौथा सबसे अधिक आबादी वाला शहरी क्षेत्र है। यह प्रशांत तट पर केंद्रीय होन्शू पर स्थित है। यह आइची प्रांत की राजधानी, और टोक्यो, ओसाका, कोबे, योकोहामा, चीबा, ...

                                               

फुकुओका

फुकुओका जापान के क्यूशू द्वीप का सबसे बड़ा नगर तथा फुकुओका प्रीफ्रैक्चर की राजधानी है। इस नगर की डिजाइन १९७२ में हुई थी। गरमी में औसत ताप लगभग २१ डिग्री सेल्सियस तथा जाड़े का औसत ताप लगभग ७ डिग्री सेल्सियस रहता है। वर्षा ६० इंच से ८० इंच के बीच ह ...

                                               

शिज़ूओका

शिज़ूओका जापान की शिज़ूओका प्रांत की राजधानी हैं, और आबादी और क्षेत्र के अनुसार प्रान्त का दूसरा सबसे बड़ा शहर हैं। यह प्रागैतिहासिक काल से आबाद हैं। शहर का नाम दो कांजी लिपि शब्दो, 静 शिज़ू, जिसका अर्थ है "स्थिर" या "शांत"; और 岡 ओका, जिसका अर्थ ...

                                               

साप्पोरो

साप्पोरो आबादी के अनुसार जापान का पांचवां सबसे बड़ा शहर और होक्काइदो के उत्तरी जापानी प्रान्त का सबसे बड़ा शहर है। यह इशिकारी उप-प्रांत में स्थित है। यह होक्काइदो प्रांत की राजधानी और जापान का एक अध्यादेश-मनोनीत शहर है। जापान के बाहर साप्पोरो, 19 ...

                                               

टोयोटा

टोयोटा मोटर निगम, एक जापानी मोटर वाहन निर्मान करने वाली कंपनी है। इसका मुख्यालय आएची,जापान के टोयोटा में है। वर्ष 2013 में इस बहुराष्ट्रीय निगम में 333.498 कर्मचारी थे, और मार्च २०१३ तक आय के मामले में विश्व की तेरहवी के साथ सबसे बड़ी कंपनी बनी। ...

                                               

शिज़ूओका प्रांत

शिज़ूओका प्रांत जापान का एक प्रान्त हैं, जो होन्शू द्वीप के चूबु क्षेत्र में स्थित हैं। इसकी राजधानी शिज़ूओका शहर हैं, जबकि हमामात्सू आबादी के अनुसार सबसे बड़ा शहर हैं।

                                               

गैर-इस्लामी पूजा-स्थलों का मस्जिद में परिवर्तन

इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद के समय से ही गैर-इस्लामी पूजा-स्थलों का मस्जिद में परिवर्तन आरम्भ हो गया था जो उसके बाद के इस्लामी विजयों में और ऐतिहासिक मुस्लिम शासनों में भी जारी रहा। कई महाद्वीपों या क्षेत्रों की मूल आबादी इस्लाम में बदल दी गयी। परि ...

                                               

गोर्खा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा

गोर्खा नेशनल लिबरेशन फ्रंट दार्जिलिंग जिला, भारत का एक राजनैतिक दल है। यह 1980 में सुभाष घिसिंग द्वारा गोर्खालैंड भारत के भीतर राज्य मांग के उद्देश्य के साथ बनाया गया था।

                                               

गोर्खालैंड क्षेत्रीय प्रशासन

गोर्खालैंड क्षेत्रीय प्रशासन भारत के पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र का एक अर्ध-स्वायत्त प्रशासनिक निकाय है। दार्जिलिंग गोर्खा पार्वत्य परिषद जो १९८८ में स्थापित किया गया था जिसका प्रशासन २३ वर्षों तक दार्जिलिंग क्षेत्र में चलता रहा के ...

                                               

असदाबाद, अफ़्ग़ानिस्तान

असदाबाद दक्षिण-पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान के कुनर प्रान्त की राजधानी है। यह पाकिस्तान की सरहद से १३ किमी पश्चिमोत्तर में कुनर नदी और पेच नदी के संगम स्थल के पास एक वादी में स्थित है।

                                               

क़ला-ए-नौ, अफ़्ग़ानिस्तान

क़ला-ए-नौ​ पश्चिमोत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के बादग़ीस प्रान्त की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। जिस ज़िले में यह शहर पड़ता है उसका नाम भी क़ला-ए-नौ ज़िला है। इस ज़िले की ८०% आबादी ताजिक है और ताजिक भाषा ही यहाँ सबसे अधिक बोली जाती है हालांकि बहुत से लोग ...

                                               

क़लात, ज़ाबुल प्रान्त

क़लात दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के ज़ाबुल प्रान्त की राजधानी है। यह शहर यातायात के नज़रिए से राजमार्ग द्वारा पूर्व में कंदहाऔर पश्चिम में ग़ज़नी शहरों से जुड़ा हुआ है। क़लात लगभग ५,००० फ़ुट की ऊंचाई पर स्थित है।

                                               

क़ुरग़ोनतेप्पा

क़ुरग़ोनतेप्पा, जिसे सोवियत संघ के ज़माने में कुर्गान-त्युबे कहा जाता था, दक्षिणपश्चिमी ताजिकिस्तान में स्थित एक शहर है जो उस देश के ख़तलोन प्रान्त की राजधानी भी है। यह ताजिकिस्तान की राष्ट्रीय राजधानी दूशान्बे से १०० किमी दूर वख़्श नदी के किनारे ...

                                               

काश्गर

काश्गर, कशगार, काशगुर या काशी मध्य एशिया में चीन के शिनजियांग प्रांत के पश्चिमी भाग में स्थित एक नख़लिस्तान शहर है, जिसकी जनसंख्या लगभग ३,५०,००० है। काश्गर शहर काश्गर विभाग का प्रशासनिक केंद्र है जिसका क्षेत्रफल १,६२,००० किमी² और जनसंख्या लगभग ३५ ...

                                               

ख़ोतान

ख़ोतान या होतान मध्य एशिया में चीन के शिनजियांग प्रांत के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित एक शहर है जो ख़ोतान विभाग की राजधानी भी है। इसकी आबादी सन् २००६ में १,१४,००० अनुमानित की गई थी। ख़ोतान तारिम द्रोणी में कुनलुन पर्वतों से ठीक उत्तर में स्थित ह ...

                                               

ख़ोरूग़​

ख़ोरूग़​ मध्य एशिया के ताजिकिस्तान देश के कूहिस्तोनी-बदख़्शान स्वशासित प्रान्त की राजधानी है। यह उस प्रान्त के शुग़नोन​ ज़िले की प्रशासनिक राजधानी भी है। पामीर पर्वतों में २,२०० मीटर की ऊँचाई पर पंज नदी और ग़ुन्द​ नदी के संगम-स्थल पर स्थित यह शहर ...

                                               

चग़चरान

चग़चरान​, जिसे इतिहास में चख़चेरान और आहंगारान ​ के नाम से भी जाना जाता था, मध्य अफ़ग़ानिस्तान के ग़ोर प्रान्त की राजधानी है। हरीरूद के दक्षिणी किनारे पर बसा यह शहर २,२८० मीटर की ऊँचाई पर है। चग़चरान​ राजमार्ग द्वारा अपने से ३८० किमी पश्चिम में स ...

                                               

चारीकार

चारीकार उत्तर-पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान के परवान प्रान्त की राजधानी है। यह कोहदामन नामक वादी का मुख्य शहर है और ग़ोरबंद नदी के किनारे स्थित है।

                                               

ज़रंज

ज़रंज दक्षिण-पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान के नीमरूज़ प्रान्त की राजधानी है। यह ईरान की सरहद के बहुत पास है और ईरान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर एक महत्वपूर्ण चौकी है। यह राजमार्गों द्वारा पूर्व में लश्कर गाह से, उत्तर में फ़राह से और पश्चिम में ईरान के ज़ाबोल ...