ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 222




                                               

स्वाति तारा

स्वाति या आर्कट्युरस ग्वाला तारामंडल में स्थित एक नारंगी रंग का दानव तारा है। इसका बायर नाम "अल्फ़ा बोओटीस" है। यह आकाश का तीसरा सब से चमकीला तारा है। इसका सापेक्ष कान्तिमान -0.04 मैग्निट्यूड है। स्वातिपृथ्वी से 36.7 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है और ...

                                               

धूमकेतु शूमेकर-लेवी ९

धूमकेतु शूमेकर-लेवी ९, जिसका औपचारिक नाम डी/१९९३ ऍफ़२ था, एक धूमकेतु था जो जुलाई १९९४ में बृहस्पति ग्रह से टकराकर ध्वस्त हो गया। हमारे सौर मंडल में यह पृथ्वी से असंबंधित खगोलीय वस्तुओं की सबसे पहली देखी गई टक्कर थी, जिस वजह से इसपर समाचारों में भ ...

                                               

हेल-बॉप धूमकेतु

हेल-बॉप धूमकेतु कई दशकों में देखा गया सबसे चमकदार, २०वीं सदी का सबसे अधिक अवलोकित किया गया और नग्न आँखों से रिकार्ड १८ महीने तक देखा गया धूमकेतु है | हेल-बॉप धूमकेतु २३ जुलाई १९९५ में सूर्य से वृहत दूरी पर खोजा गया था, उम्मीद है कि जब यह पृथ्वी क ...

                                               

६७पी/चुरयुमोव-गेरासिमेंको

६७पी/चुरयुमोव​-गेरासिमेंको बृहस्पति-परिवार का एक धूमकेतु है। ये मूल रूप से काइपर घेरे से है। इसकी कक्षीय अवधि 6.45 वर्ष, घूर्णन काल लगभग 12.4 घंटे और अधिकतम गति 135.000 किलोमीटर प्रति घंटा है। ये यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के रोसेटा मिशन का गंतव्य था।

                                               

उल्लू नीहारिका

उल्लू नीहारिका, जिसे मॅसिये वस्तु ९७ और ऍन॰जी॰सी॰ ३५८७ भी कहा जाता है, एक ग्रहीय नीहारिका है जो दूरबीन से आकाश में सप्तर्षि तारामंडल के क्षेत्र में नज़र आती है। उल्लू नीहारिका के केंद्र में एक १६वें मैग्निट्यूड की चमक रखने वाला एक तारा है, जिसका ...

                                               

चील नीहारिका

चील नीहारिका सर्प तारामंडल में स्थित नवजात तारों का एक खुला तारागुच्छ है जिसके इर्द-गिर्द एक चील की आकृति की नीहारिका फैली हुई है। इसी निहारिका में "सृष्टि के स्तम्भ" नामक क्षेत्र है जिसकी तस्वीरें हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने ली थीं और विश्व-भर में प् ...

                                               

छल्ला नीहारिका

छल्ला नीहारिका, जिसे मॅसिये वस्तु ५७ और ऍन॰जी॰सी॰ ६७२० भी कहा जाता है, एक ग्रहीय नीहारिका है जो आकाश में लायरा तारामंडल के क्षेत्र में नज़र आती है। यह एक लाल दानव तारे के अवशेषों कि बनी हुई है जिसने अपना जीवन अपने मलबे को आसपास के अंतरतारकीय माध् ...

                                               

डार्क नाबुला

डाक नेबुला एक अंधेरे नहारका या अवशोषण नहारका अंतरतारकय बादल का एक कार है जो इतने घने क यह सतार क पृठभूम और उसजन या परावतन नीहारकाओं के प म पीछे के वतुओं, से आने वाल काश को धुंधला कर देता है। तार के काश के वलुत होने का कारण बीच आणवक बादल के सबसे ठ ...

                                               

निहारिका

निहारिका या नेब्युला अंतरतारकीय माध्यम में स्थित ऐसे अंतरतारकीय बादल को कहते हैं जिसमें धूल, हाइड्रोजन गैस, हीलियम गैस और अन्य आयनीकृत प्लाज़्मा गैसे उपस्थित हों। पुराने जमाने में "निहारिका" खगोल में दिखने वाली किसी भी विस्तृत वस्तु को कहते थे। आ ...

                                               

परितारकीय चक्र

परितारकीय चक्र किसी तारे के इर्द-गिर्द परिक्रमा कर रहे धूल, गैस, शिशुग्रहों, क्षुद्रग्रहों व अन्य पदार्थों के बने चक्र को कहते हैं। इस चक्र का आकार टॉरस-नुमा, छल्ले-नुमा या रोटी-नुमा होता है। नवजात तारों में इस चक्र में अव्यवस्थित सामग्री होती है ...

                                               

बिल्ली लोचन नीहारिका

बिल्ली लोचन नीहारिका या बिल्ली की आँख नीहारिका, जिसे ऍन॰जी॰सी॰ ६५४३ और कैल्डवॅल ६ भी कहा जाता है, एक ग्रहीय नीहारिका है जो आकाश में शिशुमार तारामंडल के क्षेत्र में नज़र आती है। यह ज्ञात नीहारिकाओं में बहुत ही पेचदार मानी जाती है और हबल अंतरिक्ष द ...

                                               

भंवर गैलेक्सी

भंवर गैलेक्सी एक सर्पिल गैलेक्सी है जिसका एक सेयफ़र्ट सक्रीय गैलेक्सीय नाभिक है। पृथ्वी की सतह से देखे जाने पर यह आकाश में विश्वकद्रु तारामंडल के क्षेत्र में नज़र आती है। खगोलवैज्ञानिक अनुमान लगाते हैं कि यह हमारे सौर मंडल से 1.5 से 3.5 करोड़ प्र ...

                                               

मॅसिये 87

मॅसिये 87, जिसे वर्गो ए, ऍनजीसी 4486 और ऍम87 भी कहा जाता है एक भीमकाय अंडाकार गैलेक्सी है। यह आकाश में कन्या तारामंडल के क्षेत्र में नज़र आती है और पृथ्वी से लगभग 5.35 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है। यह हमारी गैलेक्सी, क्षीरमार्ग, के समीप स्थित सबसे विश ...

                                               

द ब्लू मार्बल

द ब्लू मार्बल सतह से लगभग २९,००० किलोमीटर की दूरी पर अपोलो १७ अंतरिक्ष यान के दल द्वारा ७ दिसंबर १९७२ को ली गयी पृथ्वी की एक छवि है। यह मानव इतिहास में सबसे अधिक पुनरुत्पादित छवियों में से एक है। यह छवि आधिकारिक नासा पदनाम AS17-148-22727 के साथ प ...

                                               

2020 चीनी मंगल मिशन

2020 चीनी मंगल मिशन एक चीनी मंगल ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर परियोजना है। इसे राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज्ञान केन्द्र द्वारा संचालित किया जायेगा। मिशन को जुलाई या अगस्त 2020 में लांग मार्च 5 से लांच करने की योजना बनाई गयी है।

                                               

चीन का चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम

चीनी चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम चांग ई कार्यक्रम के रूप में जाना जाता है। यह चीनी चंद्र देवी चांग ई के नाम पर है। यह चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन द्वारा संचालित रोबोट चंद्र मिशन की श्रृंखला है।

                                               

ज़हाइ ज़हीगांग

ज़हाइ ज़हीगांग चीन के अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्हें चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन द्वारा अंतरिक्ष में 2007 को भेजा गया था। ज़हाइ ज़हीगांग चीनी वायु सेना के लड़ाकू विमान पायलट भी है। ज़हाइ ज़हीगांग चीन के पहले ऐसे अंतरिक्ष यात्री है, जिसने अंतरिक् ...

                                               

ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र

ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र शांक्सी में स्थित चीन एक उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र है। इसे बेस 25 के नाम से भी जाना जाता है।

                                               

यांग लिवेइ

यांग लिवेइ चीन के पहले अंतरिक्ष यात्री है। जिसे चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन द्वारा अंतरिक्ष में 2003 को भेजा गया था। यांग लिवेइ चीनी वायु सेना के लड़ाकू विमान पायलट भी है।

                                               

यिंगहुओ-1

यिंगहुओ-1 चीन का मंगल मिशन था। जो 8 नवंबर 2011 को हुआ था। यह यान फोबोस-ग्रन्ट के साथ लांच किया गया था। लेकिन फोबोस-ग्रन्ट की असफलता के कारण यह यान पृथ्वी की कक्षा में ही रहा। और 15 जनवरी 2012 को इस अभियान को असफल घोषित किया गया।

                                               

लांग मार्च (रॉकेट परिवार)

लांग मार्च रॉकेट या चंग्ज़्हेंग रॉकेट चीन की सरकार के द्वारा संचालित एक्सपेंडेबल लांच सिस्टम का एक रॉकेट परिवार है। इसका विकास और डिजाइन चीन अकादमी प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी में किया गया। रॉकेट का नाम चीनी कम्युनिस्ट इतिहास के लांग मार्च की घटना ...

                                               

लांग मार्च 5

लांग मार्च 5 चीन का भारी कक्षीय प्रक्षेपण यान रॉकेट है। इसका विकास चीन अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी अकादमी द्वारा किया गया है। यह चीन का पहला ऐसा राकेट है। जिसमे नए तरह का तरल ईधन का प्रयोग किया गया है। वर्तमान में, दो लांग मार्च 5 वाहन को ...

                                               

लिउ यांग(अंतरिक्ष यात्री)

लिउ यांग का जन्म 6 अक्टूबर 1978 में हुआ था। लिउ यांग चीनी एयर फोर्स की परिवहन पायलट और अंतरिक्ष यात्री है। 16 जून 2012 को, लिउ यांग चीन की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनी। जब लिउ यांग को शेह्ज़होउ 9 मिशन पर भेजा गया था।

                                               

शेनझोऊ-८

शेनझोऊ-८ चीन का एक मानवरहित अंतरिक्ष यान था जिसे 1 नवंबर 2011 को गोबी मरुस्थल में स्थित जियूकन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से सफलता पूर्वक प्रक्षेपित किया।

                                               

शेह्ज़होउ 3

शेह्ज़होउ 3 शेह्ज़होउ अंतरिक्ष यान की तीसरी मानवरहित उड़ान थी। इसे जिउकुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र के लॉन्च क्षेत्र 4 से लांग मार्च 2एफ द्वारा 25 मार्च 2002, 14:15:04 यु.टी.सी पर लांच किया गया था। शेह्ज़होउ 3 अंतरिक्ष यान को जीवन रक्षक प्रणाली तथ ...

                                               

शेह्ज़होउ कार्यक्रम

शेह्ज़होउ कार्यक्रम चीन द्वारा एक मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान की पहल है। इस कार्यक्रम के तहत पहले चीनी नागरिक यांग लिवेइ को 15 अक्टूबर 2003 को अंतरिक्ष में भेजा गया। इसका कार्यक्रम का विकास परियोजना 921-1 के नाम से 1992 में शुरू हुआ। पहली चार मानवरह ...

                                               

कोलंबिया अन्तरिक्ष यान आपदा

1 फ़रवरी 2003 को टेक्सास, लुईसियना में कोलंबिया अंतरिक्ष यान दुर्घटना का शिकार हुआ। यह हादसा उस समय हुआ जब कोलंबिया अन्तरिक्ष यान पृथ्वी के वातावरण में पुन: वापस आ रहा था। दुर्घटना में सभी सात अंतरिक्ष यात्री मारे गये। इनमें माइकल फिलिप एंडरसन, क ...

                                               

मावेन

मार्स एटमोस्फेयर एंड वोलेटाइल एवोल्युसन) अर्थात मावेन मंगल ग्रह के परिवेश का अध्ययन के लिए बनाया गया अंतरिक्ष शोध यान है जो मंगल की कक्षा में परिक्रमा करता है। इसका लक्ष्य मंगल के वायुमण्डल और जल का पता लगाना है जिसके बारे में परिकल्पित है कि वहा ...

                                               

व्हीकल असेंबली बिल्डिंग

व्हीकल असेंबली बिल्डिंग या उर्ध्वाधर असेंबली बिल्डिंग नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में स्थित एक बड़ी इमारत है जो सैटर्न V और स्पेस शटल जैसे बड़े वाहनों को जोड़ने में प्रयोग की जाती हैं। भविष्य में इस इमारत में स्पेस लांच सिस्टम राकेट को भी जोड़ा जा ...

                                               

आईआरएनएसएस-१ई

आईआरएनएसएस-1ई अंतरिक्ष उपग्रह नौवहन प्रणाली का 7 में से पाँचवाँ उपग्रह है जिसे 20 जनवरी 2016 को सतीश धवन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था। आईआरएनएसएस उपग्रह मंडल की सात उपग्रहों में से यह पांचवाँ उपग्रह भारत और आस पा ...

                                               

आईआरएनएसएस-१ए

आईआरएनएसएस-1ए एक भारतीय कृत्रिम उपग्रह है जो कि भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली अथवा इंडियन रीजनल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम-आईआरएनएसएस के लिए छोड़े जाने वाले उपग्रहों की श्रंखला में पहला है। इस उपग्रह का प्रक्षेपण 02 जुलाई 2013 की सुबह सतीश ...

                                               

आईआरएनएसएस-१बी

आईआरएनएसएस-1बी एक भारतीय कृत्रिम उपग्रह है जो कि भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली अथवा इंडियन रीजनल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम-आईआरएनएसएस के लिए छोड़े जाने वाले उपग्रहों की श्रंखला में दूसरा है। इस उपग्रह का प्रक्षेपण 04 अप्रैल 2014 को सुबह सत ...

                                               

आईआरएनएसएस-१सी

आईआरएनएसएस-1सी एक भारतीय कृत्रिम उपग्रह है जो कि भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली अथवा इंडियन रीजनल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम-आईआरएनएसएस के लिए छोड़े जाने वाले उपग्रहों की श्रंखला में तीसरा है। 1.425 किग्रा वजन वाले इस उपग्रह का सफल प्रक्षेपण ...

                                               

आईएमएस-1

आईएमएस-1 एक सूर्य-समकालिक कक्षा में पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। जो भारतीय रिमोट सेंसिंग उपग्रह श्रृंखला में चौदहवें उपग्रह है। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा बनाया व लांच किया गया था। आईएमएस-1 इसरो का भारतीय मिनी उपग्रह बस का उपयोग करने व ...

                                               

आदित्य (उपग्रह)

आदित्य-एल1 एक अंतरिक्ष यान जिसका मिशन सूर्य का अध्ययन करने के लिए हैं। यह जनवरी 2008 में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए सलाहकार समिति द्वारा अवधारणा किया गया था। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और विभिन्न भारतीय अनुसंधान संगठनों के बीच सहयोग से डिजाइ ...

                                               

इनसैट-1बी

इनसैट-1बी एक भारतीय संचार उपग्रह था जो भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली का हिस्सा था। इसे 1983 में लाँच किया गया था और 74 डिग्री पूर्व के रेखांश पर भूस्तरण कक्षा में संचालित किया गया था। इसे फोर्ड एयरोस्पेस द्वारा निर्मित किया गया था और भारतीय अंत ...

                                               

इनसैट-3ई

इनसैट-3ई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा निर्मित एक अप्रचलित संचार उपग्रह है। यह 28 सितंबर, 2003 को फ्रेंच स्पेस एजेंसी के स्पेसपोर्ट फ्रेंच गयाना से एरियन 5 रॉकेट पर लांच किया गया था। सैटेलाइट का प्रक्षेपण वजन 2750 किलोग्राम का था। यह इसरो ...

                                               

इनसैट-3ए

इनसैट-3ए इसरो द्वारा निर्मित एक बहुउद्देशीय उपग्रह है जिसे अप्रैल 2003 में एरियान द्वारा लाँच किया गया था। यह 93.5 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित है। यह इनसैट-3बी और इनसैट-3सी के बाद इन्सैट-3 श्रृंखला में तीसरा उपग्रह है। यह उपग्रह 5.3 करोड़ डॉलर ...

                                               

इनसैट-3डीआर

इनसैट-3डीआर एक भारतीय मौसम उपग्रह है। यह एक आधुनिक मौसमविज्ञान-संबंधी सैटेलाइट है जिसमें इमेजिंग सिस्टम और वायु-मंडल-संबंधी घोषक हैं। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा बनाया गया है। यह भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली द्वारा संचालित होगा। ...

                                               

इनसैट-3सी

इनसैट-3सी एक बहुउद्देशीय उपग्रह है जिसे इसरो द्वारा निर्मित किया गया था और जनवरी 2002 में एरियनस्पेस द्वारा लॉन्च किया गया था। इनसैट-3सी इनसैट-3 श्रृंखला का दूसरा उपग्रह है। सभी ट्रांसपोंडर भारत में कवरेज प्रदान करते हैं इनसैट-3सी कर्नाटक के हसन ...

                                               

इसरो उपग्रह केंद्र

इसरो उपग्रह केंद्र इसरो का एक प्रमुख केंद्र है| यह बेंगलुरु में स्थित है| यहाँ उपग्रह बनाने तथा उससे समबन्धित कार्य होते हैं| विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के बाद यह इसरो का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है| भारत में संचार एवं दूरसंवेदी उपग्रहों का निर ...

                                               

इसरो नौवहन केन्‍द्र

इसरो नौवहन केन्‍द्र की स्‍थापना बयालालू में भारतीय गहन अंतरिक्ष नेटवर्क के परिसर में की गई है। यह बेंगलुरू से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर है। इसरो नौवहन केन्‍द्र का उद्घाटन 28 मई 2013 को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍यमंत्री श्री वी.नारायणसामी न ...

                                               

इसरो पैड एबॉर्ट परीक्षण

इसरो पैड एबॉर्ट परीक्षण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के हिस्से के रूप में अपने क्रू मॉड्यूल का एक पैड एबॉर्ट परीक्षण करना है। इसका सफल परीक्षण 5 जुलाई 2018 को हुआ था।। पैड एबॉर्ट परीक्षण मानव अंतरिक्ष ...

                                               

एसकैटसैट-1

एसकैटसैट-1 एक लघु उपग्रह है। जो भारत के लिए मौसम पूर्वानुमान, चक्रवात भविष्यवाणी और ट्रैकिंग सेवाएं प्रदान करेगा। यह इसरो उपग्रह केंद्र द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह उपग्रह ओशनसैट-2 की जगह लेगा। जो चार साल और छह महीने के अपने जीवन काल के बाद ब ...

                                               

कार्टोसेट

कार्टोसेट-3 भारत द्वारा निर्मित एक प्रकार की स्वदेशी पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों की शृंखला है। अब तक 5 कार्टोसेट उपग्रह इसरो द्वारा लांच किए जा चुके हैं। कार्टोसेट उपग्रह शृंखला भारतीय रिमोट सेंसिंग कार्यक्रम का एक हिस्सा है। वे विशेष रूप से पृथ्वी के ...

                                               

कार्टोसेट-2बी

कार्टोसैट 2बी सूर्य तुल्यकाली कक्षा में भारत द्वारा छोडा गया एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है और यह कार्टोसैट उपग्रहों की श्रृंखला का चौथा उपग्रह है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा भारतीय रिमोट सेंसिंग उपग्रह श्रृंखला के अंतर्गत निर्मित 17वां उप ...

                                               

कार्टोसेट-2सी

कार्टोसैट 2सी सूर्य तुल्यकाली कक्षा में भारत द्वारा छोडा गया एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है और यह कार्टोसैट उपग्रहों की श्रृंखला का पाचवां उपग्रह है। कार्टोसैट 2सी उपग्रह स्पेस एप्लीकेशन सेंटर अहमदाबाद में बनाया गया है और इसका रखरखाव तथा लॉन्च भारतीय ...

                                               

कार्टोसैट-2ई

कार्टोसैट-2ई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, और कार्टोसैट श्रृंखला का सातवा उपग्रह है। इसे उच्च रिज़ॉल्यूशन, शहरी नियोजन, बुनियादी ढांचे के विकास, उपयोगिताओं की योजना और यातायात प्रबंधन में उपयोग के लिए बड ...

                                               

क्रायोजेनिक इंजन-20

क्रायोजेनिक इंजन-२० भारत का दूसरा क्रायोजेनिक इंजन है जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने जीएसएलवी मार्क-3 के ऊपरी चरण के लिए विकसित किया गया है।. यह इंजन क्रायोजेनिक ऊपरी चरण परियोजना के तहत विकसित किया गया है। यह भारत का पहला गैस जेनरेटर चक् ...

                                               

क्रू मॉड्यूल वायुमंडलीय पुनः प्रवेश प्रयोग

क्रू मॉड्यूल वायुमंडलीय पुनः प्रवेश प्रयोग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के भविष्य के भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए एक प्रायोगिक परीक्षण वाहन है। इसे भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान एम.के. 3 द्वारा 18 दिसंबर 2014 को सतीश धवन अंतरिक्ष ...