ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 239




                                               

काला तीतर

काला तीतर या काला फ़्रैंकोलिन फ़ीज़ैन्ट कुल का एक पक्षी है। यह अफ़्गानिस्तान, आर्मीनिया, अज़रबैजान, भूटान, साइप्रस, जॉर्जिया, भारत, ईरान, ईराक, इज़्रायल, जॉर्डन, नेपाल, पाकिस्तान, फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र, सीरिया, तुर्की और तुर्कमेनिस्तान में पाय ...

                                               

कलीज

इस पक्षी के अन्य नाम इस प्रकार हैं काछाड़ – द्योदिप, मोदुरा मैदानी क्षेत्रों में, दुरुग पंजाब – कुलसा नागा – इनरुइटिप हिमाचल प्रदेश – कोलसा मणिपुरी – वाबा म्यानमार – यित, रैक भूटान – लेको कुकी – वोहतॅप हिन्दी – कालिज, कुकेरा; नर – कालेसुर, काला म ...

                                               

कोकलास

इसको कश्मीर में प्लास, हिमाचल प्रदेश के चाम्बा ज़िले में कुकरौला, कुलू तथा मंडी ज़िले में कोक, शिमला से अल्मोड़ा तक कोकलास या कोकला, और गढ़वाल, कुमाऊँ और पश्चिमी नेपाल के भोट इलाकों में पोकरास के नाम से जाना जाता है।

                                               

कोयल (एशियाई)

एशिया में पाया जाने वाला कोयल कुकुलीफोर्म्स नामक कोयल गण का पक्षी है। यह दक्षिण एशिया, चीन एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया में पाया जाता है ब्लेक बिल व प्रशांति कोयल के साथ उप प्रजाति दर्शाता है, यह पक्षी कभी भी अपने अंडों के लिए हौसला नहीं बनाता यह अपने ...

                                               

कौआ

कौवा एक पक्षी है। राजस्थानी में इसे कागला तथा मारवाडी भाषा में हाडा कहा जाता हैँ |राजस्थान में एक बहुप्रचलित कहावत है-" मलके माय हाडा काळा अर्थात दुष्ट व्यक्ति हर जगह मिलते हैँ। अपेक्षाकृत छोटा कबूतर आकार के जैकडो से होलारक्टिक क्षेत्र के आम रैवे ...

                                               

खरबानक

खरबानक टिट्टिभ वर्ग का एक प्रसिद्ध पक्षी। इसे गुलिन्दा, चहा, करबानक, लंबी, खरमा, पाणविक आदि भी पुकारते हैं। इसके नर और मादा दोनों ही एक ही रंगरूप के होते हैं। यह पक्षी लगभग १६ इंच लंबा होता है। शरीर का रंग राखीपन लिए होता है, उस पर गाढ़ी भूरी लकी ...

                                               

खरमोर

खरमोर एक बड़े आकार का लम्बी टाँगों वाला भारतीय है। इसे चीनीमोर या केरमोर भी कहते हैं। यह मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी महाराष्ट्र, नासिक, अहमदनगर से लेकर पश्चिमी घाट तक के भारतीय क्षेत्र में पाया जाता है किन्तु वर्षा ऋतु में यह मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुज ...

                                               

खीहा

खीहा एक भारतीय पक्षी है। इसे संस्कृत में प्रियंवद कहते हैं। इस पक्षी के दो स्पष्ट प्रादेशिक भेद है। एक तो ललमुँही खीहा रक्तकपोल प्रियंवद जो हिमालय में गढ़वाल से सिक्किम तक प्राय: २ से ७ हजार फुट की ऊँचाई पर पाए जाते हैं। कभी कदा ये १० हजार फुट तक ...

                                               

खैर मुनिया

खैर मुनिया श्येन परिवार का एक शिकारी पक्षी है जो संसार के अनेक देशों में पाया जाता है। भारत में यह हिमालय में काफी ऊँचाई तक देखा जाता है। यह जाड़ों में पहाड़ों से नीचे उतर कर सारे देश में फैल जाता है और जाड़ा समाप्त होने पर फिर उत्तर की ओर पहाड़ो ...

                                               

गंगई

गंगई, मैना जाति का एक भारतीय पक्षी जिसे गलगलिया भी कहते हैं। यह ग्यारह इंच लंबा भूरे रंग का पक्षी है और देश भर में सर्वत्र पाया जाता है। खेतों और मैदानों में घूमता हुआ आसानी से देखा जा सकता है। इसकी आवाज बहुत तेज होती है। मादा झाड़ों मे घोसला बना ...

                                               

गिद्ध

गिद्ध शिकारी पक्षियों के अंतर्गत आनेवाले मुर्दाखोर पक्षी हैं, जिन्हें गृद्ध कुल में एकत्र किया गया है। ये सब पक्षी दो भागों में बाँटे जा सकते हैं। पहले भाग में अमरीका के कॉण्डर, किंग वल्चर, कैलिफोर्नियन वल्चर, टर्की बज़र्ड और अमरीकी ब्लैक वल्चर ह ...

                                               

गोडावण

गोडावण एक बड़े आकार का पक्षी है जो भारत के राजस्थान तथा सीमावर्ती पाकिस्तान में पाया जाता है। उड़ने वाले पक्षियों में यह सबसे अधिक वजनी पक्षी है। बड़े आकार के कारण यह शुतुरमुर्ग जैसा प्रतीत होता है। यह राजस्थान का राज्य पक्षी है। सोहन चिड़िया, हु ...

                                               

गोबल बुटई

गोबल बुटई बटेर परिवार का एक पक्षी है और असली बटेर प्रजाति में यह सबसे छोटा सदस्य है। इसे अंग्रेज़ी में और भी कई नाम से जाना जाता है जैसे button Quail, Chinese Painted Quail, Chun-chi, Asian Blue Quail या Blue-breasted Quail। यह पक्षी अफ़्रीका से ...

                                               

ग्रेटर रैकेट-पूंछ ड्रोंगो

ग्रेटर रैकेट-पूंछ ड्रोंगो, डायक्रुरस पैराडाइसियस, एक मध्यम आकार का एशियाई पक्षी है जो पूंछ के लम्बे परों, जिनके किनारों पर जाली होती है, के कारण विशिष्ट रूप से जाना जाता है। ये ड्रोंगो परिवार के अन्य सदस्यों की तरह ही डिक्रूराईडे परिवार के सदस्य ...

                                               

घरेलू गौरैया

घरेलू गौरैया एक पक्षी है जो यूरोप और एशिया में सामान्य रूप से हर जगह पाया जाता है। इसके अतिरिक्त पूरे विश्व में जहाँ-जहाँ मनुष्य गया इसने उनका अनुकरण किया और अमरीका के अधिकतर स्थानों, अफ्रीका के कुछ स्थानों, न्यूज़ीलैंड और आस्ट्रेलिया तथा अन्य नग ...

                                               

चकवा

चकवा या चक्रवाएक सुनहरे रंग का पक्षी है। यह साहित्य का चिरपरिचित पक्षी है, जैसे बुलबुल उर्दू साहित्य का। इसके कोक, कोकनद आदि अनेक नाम हैं, लेकिन गाँवों में ये चकवा-चकई के नाम से प्रसिद्ध है। यह पक्षी वर्ग के हंस कुल का, मझोले कद का प्राणी है, जो ...

                                               

चकोर

चकोर एक साहित्यिक पक्षी है, जिसके बारे में भारत के कवियों ने यह कल्पना कर रखी है कि यह सारी रात चंद्रमा की ओर ताका करता है और अग्निस्फुलिंगों को चंद्रमा के टुकड़े समझकर चुनता रहता है। इसमें वास्तविकता केवल इतनी है कि कीटभक्षी पक्षी होने के कारण, ...

                                               

चरस (पक्षी)

चरस, भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला विशाल आकार का पक्षी है। यह अत्यन्त संकटग्रस्त पक्षी है जो लगभग विलुप्ति के कगापर है। इनकी संख्या सम्भवतः १००० से भी कम होगी।

                                               

चातक

चातक एक पक्षी है। इसके सिपर चोटीनुमा रचना होती है। भारतीय साहित्य में इसके बारे में ऐसा माना जाता है कि यह वर्षा की पहली बूंदों को ही पीता है। अगर यह पक्षी बहुत प्यासा है और इसे एक साफ़ पानी की झील में डाल दिया जाए तब भी यह पानी नहीं पिएगा और अपन ...

                                               

चानक

चानक या चीनी बटेर बटेर की एक जाति है जो भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाती है। यह जाति कंबोडिया, थाइलैंड, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, म्यानमार, वियतनाम और श्रीलंका की मूल निवासी है।

                                               

चिल्मिआ

चिल्मिआ फ़ीज़ॅन्ट कुल का पक्षी है जो अपनी प्रजाति का इकलौता पक्षी है। यह भूटान, चीन, भारत, म्यानमार तथा नेपाल में मूलत: पाया जाता है।

                                               

चीनी तीतर

यह सूखे उष्णकटिबंधीय वनों में ज़्यादातर पाया जाता है लेकिन इसे नमी वाले वनों में भी देखा जा सकता है। इसकी लंबाई लगभग ३० से ३४ से.मी. और वज़न लगभग २८० से ४०० ग्राम होता है।

                                               

चील

चील, श्येन कुल, फैमिली फैलकोनिडी, का बहुत परिचित पक्षी है, जिसकी कई जातियाँ संसार के प्राय: सभी देशों में फैली हुई हैं। इनमें काली चील, ब्रह्मनी या खैरी चील, ऑल बिल्ड चील, ह्विसलिंग चील आदि मुख्य हैं। चील लगभग दो फुट लंबी चिड़िया है, जिसकी दुम लं ...

                                               

छोटा राजहंस

छोटा राजहंस राजहंस की एक प्रजाति है जो अफ्रीका के कुछ भागों और भारत के कच्छ तथा चिल्का झील में मुख्य रूप से पाया जाता है। इसका रंग गुलाबी या गुलाबीपन लिये सफ़ेद होता है। यह एक बड़े आकार की चिड़िया है और लगभग 90 सेमी ऊँची होती है। सामान्यतः झीलों ...

                                               

छोटी जंगली मुर्गी

छोटी जंगली मुर्गी फ़ीज़ेन्ट कुल का पक्षी है जो भारत का ही मूल निवासी है। इसकी पूँछ तीतर की तुलना में लंबी होती है और जब यह ज़मीन पर बैठा होता है, तो इसकी पूँछ साफ़ दिखाई देती है। हालांकि इसका मुर्गी से दूर का भी संबन्ध नहीं है, लेकिन भारत में इसे ...

                                               

जंगली तीतर

जंगली तीतर या बन तीतर फ़ीज़ैन्ट कुल का एक पक्षी है। इसका मूल निवास गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों की घाटियों में है– पश्चिमी नेपाल की तराई से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश तक। पहले यह बांग्लादेश के चटगाँव इलाके तथा सुन ...

                                               

जापानी बटेर

जापानी बटेर बटेर कुल का एक पक्षी है। यह पूर्वी एशिया में प्रजनन करता है जिसमें उत्तरी मंगोलिया, रूस के साख़ालिन, बायकाल और वितिम इलाके, पूर्वोत्तर चीन, जापान, उत्तरी कोरिया तथा दक्षिणी कोरिया शामिल हैं। कुछ संख्या जापान से प्रवास नहीं करती है लेक ...

                                               

जेवर (पक्षी)

जेवर या एक मध्य आकार का फ़ीज़ॅन्ट कुल का पक्षी है जो हिमालय में पश्चिम में उत्तरीय पाकिस्तान के हज़ारा से पूर्व में भारत के उत्तराखण्ड तक पाया जाता है।

                                               

टिट्टिभ

टिट्टिभ वर्ग का एक प्रसिद्ध पक्षी। इसे करबानक, लंबी, खरमा, पाणविक आदि भी पुकारते हैं। इसके नर और मादा दोनों ही एक ही रंगरूप के होते हैं। यह पक्षी लगभग 16 इंच लंबा होता है। शरीर का रंग राखीपन लिए होता है, उस पर गाढ़ी भूरी लकीऔर चिह्न होते हैं। पीठ ...

                                               

टॅमिन्क ट्रॅगोपॅन

नर का आकार तक़रीबन २५ इंच ६३.५ से.मी., पंखों का फैलाव क़रीब १० इंच २५ से.मी. और पूँछ की लंबाई क़रीब ८ इंच २० से.मी. होती है जबकि मादा का आकार तक़रीबन २३ इंच ५८ से.मी., पंखों का फैलाव क़रीब ९ इंच २३ से.मी. और पूँछ की लंबाई क़रीब ७ इंच १८ से.मी. हो ...

                                               

तिब्बती तीतर

तिब्बती तीतर फ़ीज़ैन्ट कुल का एक पक्षी है जो व्यापक रूप से तिब्बती पठार में पाया जाता है। इस पक्षी का आवासीय क्षेत्र बहुत विशाल है और इसी वजह से इसे संकट से बाहर की जाति माना गया है। इस पक्षी का मूल निवास चीन, भारत, भूटान और नेपाल है।

                                               

तिब्बती रामचकोर

तिब्बती रामचकोर फ़ीज़ैन्ट कुल का एक पक्षी है जो पश्चिमी हिमालय तथा तिब्बती पठार के ऊँचाई वाले इलाकों में रहता है और हिमालय के कुछ इलाकों में यह हिमालय के रामचकोर के साथ इलाका बांटता है।

                                               

तीतर जैसी पूंछ वाला जल-कपोत

तीतर जैसी पूंछ वाला जल-कपोत एक प्रतिरुपी प्रजाति हाइड्रोफेसियानस में आनेवाला एक जल-कपोत है। जल-कपोत, जकानिडे परिवार के लम्बे पैरों वाले पक्षी हैं, जिन्हें इनके बड़े पंजों द्वारा पहचाना जाता है जो इन्हें अपने पसंदीदा प्राकृतिक वास, छिछली झीलों में ...

                                               

दक्षिण भारत के पक्षियों की सूची

इस लेख में दक्षिण भारत, अर्थात नर्मदा नदी के आस-पास स्थित दक्षिण भारत के प्रायद्वीप पर पाए जाने वाले पक्षियों की सूची दी गई है। दक्षिण भारत में आन्ध्र प्रदेश के रोल्लापाडु, कर्नाटक में नागरहोल राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान एवं बांदीपुर, केरल में र ...

                                               

दूधराज

दूधराज या सुल्ताना बुलबुल, जिसे अंग्रेज़ी में एशियाई दिव्यलोकी कीटमार कहते हैं, पासरीफ़ोर्मीज़ जीववैज्ञानिक गण का मध्य आकार का एक पक्षी है। नरों की दुम पर लम्बे पंख होते हैं जो उत्तर भारत में अक्सर सफ़ेद रंग के, लेकिन अन्य जगहों पर आमतौर से काले ...

                                               

धनेश

धनेश एक पक्षी प्रजाति है जिनकी चोंच लंबी और नीचे की ओर घूमी होती है और अमूमन ऊपर वाली चोंच के ऊपर लंबा उभार होता है जिसकी वजह से इसका अंग्रेज़ी नाम Hornbill पड़ा है क्योंकि अंग्रेज़ों ने इस उभार को सींग का दर्ज़ा दिया था। भारत में इसकी ९ जातियाँ ...

                                               

धारीदार पूँछ वाला तीतर

धारीदार पूँछ वाला तीतर या या भारत के पूर्वोत्तर हिमालय तथा चीन, म्यानमार तथा थाइलैंड में पाया जाता है।

                                               

निकोबार मॅगापोड

निकोबार मॅगापोड या निकोबारी जंगली मुर्ग भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के निकोबार के द्वीपों में पाया जाता है। इसकी २ उपजातियाँ निकोबार के १४ द्वीपों में पाई जाती हैं जो इस प्रकार हैं:- ऍम.ऍन. ऍबॉटि - ग्रेट निकोबार, लिटिल निकोबार, कोण्डुल, ...

                                               

पन्ना कबूतर

अंग्रेज़ी विकिपीडिया से अनूदित पन्ना कबूतर या कॉमन एमरल्ड् डव् उष्ण तथा उपोष्ण कटिबन्धीय भारतीय उपमहाद्वीप, म्याँमार, थाइलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया तथा उत्तरी व पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला एक कबूतर का प्रकार है। इसे हरा कबूतर या हरित-पक् ...

                                               

पपीहा

पपीहा एक पक्षी है जो दक्षिण एशिया में बहुतायत में पाया जाता है। यह दिखने में शिकरा की तरह होता है। इसके उड़ने और बैठने का तरीका भी बिल्कुल शिकरा जैसा होता है। इसीलिए अंग्रेज़ी में इसको Common Hawk-Cuckoo कहते हैं। यह अपना घोंसला नहीं बनाता है और ...

                                               

पर्वतीय बटेर

पर्वतीय बटेर फ़ीज़ैन्ट कुल का एक पक्षी है जो केवल उत्तराखण्ड में देखा गया है और वह भी आख़िरी बार सन् १८७६ में। सन् १८७७ से पूर्व मसूरी और नैनीताल के नज़दीक से क़रीब एक दर्ज़न नमूने इकट्ठा किए गए। उन्नीसवीं सदी के मध्य में किगए शोध से यह नतीजा निक ...

                                               

पर्वतीय बांस का तीतर

यह पक्षी बांस के जंगलों में पानी के पास, ऊँचे घास के मैदानों में तथा उन स्थानों में जहाँ जंगल काटे जा चुके हैं और बांस के जंगल उगा दिये गये हैं, वहाँ रहना पसन्द करता है। पूरा दिन यह झाड़ में छिपकर व्यतीत कर लेता है और सुबह तड़के या देर शाम को ही ...

                                               

पियोरा

पियोरा तीतर कुल का एक पक्षी है जो पूर्वोत्तर भारत से लेकर लगभग समूचे दक्षिण पूर्व एशिया में काफ़ी संख्या में पाया जाता है।

                                               

पेंटेड फ़्रैंकोलिन

पेंटेड फ़्रैंकोलिन फ़्रैंकोलिन जाति का एक पक्षी है जो मध्य और दक्षिणी भारत के घास के इलाकों में और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका के निचले इलाकों में पाया जाता है। क्योंकि यह पक्षी हिन्दी भाषी प्रदेशों में नहीं पाया जाता है इसलिए इसका हिन्दी नाम भी नहीं ह ...

                                               

बंगाल का गिद्ध

बंगाल का गिद्ध एक पुरानी दुनिया का गिद्ध है, जो कि यूरोपीय ग्रिफ़न गिद्ध का संबन्धी है। एक समय यह अफ़्रीका के सफ़ेद पीठ वाले गिद्ध का ज़्यादा करीबी समझा जाता था और इसे पूर्वी सफ़ेद पीठ वाला गिद्ध भी कहा जाता है। १९९० के दशक तक यह पूरे दक्षिणी तथा ...

                                               

बटेर

बटेर या वर्तक भूमि पर रहने वाले जंगली पक्षी हैं। ये ज्यादा लम्बी दूरी तक नहीं उड़ सकते हैं और भूमि पर घोंसले बनाते हैं। इनके स्वादिष्ट माँस के कारण इनका शिकार किया जाता है। इस कारण बटेरों की संख्या में बहुत कमी आ गई है। भारत सरकार ने इसी वजह से व ...

                                               

बड़ा बटेर

बड़ा बटेर या घघुस बटेर फ़ीज़ैंट कुल का एक पक्षी है। यह उत्तरी यूरोप को छोड़कर लगभग पूरे यूरोप में, पूर्वी, पश्चिमी, मध्य तथा दक्षिणी अफ़्रीका में और पश्चिमोत्तर अफ़्रीका के कुछ इलाकों में, मध्य पूर्व, मध्य एशिया तथा दक्षिणी एशिया में व्यापक रूप स ...

                                               

ब्राह्मिनी चील

ब्राह्मिनी चील चील जाति का एक प्रसिद्ध पक्षी है जो मुख्य रूप से भारतीय पक्षी है किंतु थाइलैंड, मलय, चीन से लेकर आस्ट्रेलिया तक पाया जाता है और पानी के आस-पास रहता है। यह बंदरगाहों के आसपास काफी संख्या में पाया जाता है और जहाज के मस्तूलों पर बैठा ...

                                               

ब्लाइद ट्रॅगोपॅन

यह पक्षी भूटान से लेकर भारत के पूर्वोत्तर प्रांत अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिज़ोरम, मणिपुर से लेकर उत्तरीय म्यान्मार, दक्षिण-पूर्वी तिब्बत तथा पश्चिमोत्तर यूनान चीन में छोटी और छितरी हुयी आबादी में पाया जाता है। हाल के अन्वेषण से पता चला है कि यह ...

                                               

भारतीय गिद्ध

भारतीय गिद्ध पुरानी दुनिया का गिद्ध है जो नई दुनिया के गिद्धों से अपनी सूंघने की शक्ति में भिन्न हैं। यह मध्य और पश्चिमी से लेकर दक्षिणी भारत तक पाया जाता है। प्रायः यह जाति खड़ी चट्टानों के श्रंग में अपना घोंसला बनाती है, परन्तु राजस्थान में यह ...