ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 257




                                               

प्रजनन तंत्र

प्रजनन तंत्र का कार्य संतानोत्पत्ति है। प्राणिवर्ग मात्र में प्रकृति ने संतानोत्पत्ति की अभिलाषा और शक्ति भर दी है। जीवन का यह प्रधान लक्षण है। प्राणियों की निम्नतम श्रेणी, जैसे अमीबा नामक एककोशी जीव, जीवाणु तथा वाइरस में प्रजनन या संतानोत्पत्ति ...

                                               

प्रसव

प्रसव का अर्थ होता है जनन या बच्चे को जन्म देना। गर्भावस्था के निर्धारित काल पूरा होने पर बच्चे का जन्म बिना किसी अवरोध के ही होना साधारण और सरल जन्म कहलाता है। बच्चे के जन्म को ध्यान से देखने पर यह महसूस होता है कि बच्चे के जन्म लेने की विधि को ...

                                               

बीजांडासन

बीजाण्डासन या अपरा वह अंग है जिसके द्वारा गर्भाशय में स्थित भ्रूण के शरीर में माता के रक्त का पोषण पहुँचता रहता है और जिससे भ्रूण की वृद्धि होती है। यह अंग माता और भ्रूण के शरीरों में संबंध स्थापित करनेवाला है। यद्यपि माता का रक्त भ्रूण के शरीर म ...

                                               

ब्लास्टोसिस्ट

निषेचन के बाद अंडे में वीदलन विभाजन होता है। सर्व्रथम अंडा 2 कोशिका वाला भ्रुण बनता है फिर इसके बाद आेर विडलन विभाजन द्वारा 16 कोशिकीय भ्रुण बनता है जिसे मोरुला कहते है अब इस मोरूला या तूतक में कोशिकाएं आपस में चिपक जाती है अर्थात् सासंजन हो जाता ...

                                               

मद चक्र

अधिकांश स्तनपोषी मादाओं में एक निश्चित अवधि के बाद बार-बार शारीरिक परिवर्तन होते हैं जो उनमें जनन हार्मोनों द्वारा उत्पन्न होते हैं। इसे जनसामान्य की भाषा में पशु का गरम होना कहा जाता है। और इस चक्र मद चक्र कहते हैं। मद चक्र लैंगिक रूप से वयस्क म ...

                                               

मूलाधार

मानव शरीर में के दोनों टांगों के बीच के त्रिकोण भाग को मूलाधार या पैरानियम भी कहते है। पैरानियम बाडी मलद्वार के आगे तथा जननद्वार के पीछे होती है। इसमें कूल्हे के निचले भग की सभी मांसपेशियां आपस में मिलती है। यह प्रत्येक व्यक्तियों में अलग-अलग होत ...

                                               

लैंगिक प्रौढ़ता

किसी जीवधारी की लैगिक प्रौढ़ता का अर्थ उस अवस्था से है जब वह प्रजनन करने के योग्य हो गया हो। मानवों में लैंगिक रूप से प्रौढ़ होने की प्रक्रिया को यौवनारंभ कहते हैं। जब अधिकांश प्राणी लैगिक प्रौढ़ता की अवस्था में पहुँचते हैं, तब उनमें जनन क्रियाशी ...

                                               

वरणात्मक प्रजनन

वरणात्मक प्रजनन से आश्य मनुष्य द्वारा अन्य पशुओं एवं पादपों का प्रजनन इस प्रकार करना कि पैदा होने वाले पशु या पादप में किसी विशेष गुण की प्राप्ति हो सके।

                                               

वृषण

अंडकोष पुरूष के नीचे एक थैली होती है। इसे स्क्रोटम कहा जाता है। इस थैली की त्वचा ढीली होती है। जो गर्मियों में अधिक बढ़कर लटक जाती है तथा सर्दियों में सिकुड़कर छोटी होती है। इसके अंदर वृषण होते है इनका मुख्य कार्य शुक्राणु और पुरूष उत्तेजित द्रव ...

                                               

संकरण

संकरण वह प्रक्रिया है जिसमें दो पादप या दो अलग-अलग जाति के जन्तुओं में निषेचन कराकर नया पादप या नया जन्तु उत्पन्न किया जाता है। इस प्रक्रिया से उत्पन्न संतान संकर कहलाती है। karan raghav संकरण शब्द का प्रयोग अन्य स्थानों पर भी होता है, जैसे- संकर ...

                                               

संकरण (जीवविज्ञान)

संकरण वह प्रक्रिया है जिसमें दो पादप या दो अलग-अलग जाति के जन्तुओं में निषेचन कराकर नया पादप या नया जन्तु उत्पन्न किया जाता है। इस प्रक्रिया से उत्पन्न संतान संकर कहलाती है।

                                               

स्त्री जननांग

मानवों में प्रजनन हेतु जननांग होते हैं, जो स्त्रियों और पुरुषों में भिन्न होते हैं। स्त्री के जननांगो में सबसे पहले बाल होते है जिसे प्यूबिक बाल कहा जाता है। ये बाल स्त्री जननागं को चारों ओर से घेरे रहते है। ऊपर की तरफ एक अंग जो उल्टे वी के आकार ...

                                               

यक्ष्मा

यक्ष्मा, तपेदिक, क्षयरोग, एमटीबी या टीबी एक आम और कई मामलों में घातक संक्रामक बीमारी है जो माइक्रोबैक्टीरिया, आमतौपर माइकोबैक्टीरियम तपेदिक के विभिन्न प्रकारों की वजह से होती है। क्षय रोग आम तौपर फेफड़ों पर हमला करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य भाग ...

                                               

गिरगिट

गिरगिट एक प्रकार का पूर्वजगत छिपकली का क्लेड है जिसकी जून २०१५ तक २०२ जीववैज्ञानिक जातियाँ ज्ञात थी। गिरगिटें कई रंगों की होती हैं और उनमें से कई में रंग बदलने की क्षमता होती है।

                                               

शतपाद

शतपाद एक स्थलवासी आर्थ्रोपोडा है जो जमीन में, बिलों में या पेड़ों की छाल के नीचे छिपे पाये जाते हैं। इसका शरीर लंबा एवं खंडयुक्त होता है तथा सिपर दो स्पर्श सूत्र पाये जाते हैं। इसके प्रत्येक खंड में दो पैर जुड़े होती हैं जो जोड़ युक्त होते हैं। प ...

                                               

उत्तरी तामान्दुआ

उत्तरी तामान्दुआ चींटीख़ोर के तामान्दुआ वंश की एक मध्यम आकार की जाति है जो दक्षिणी मेक्सिको, मध्य अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के ऐन्डीज़ पर्वतों के उत्तरतम भागों में पाई जाती है। यह चींटीख़ोर सिर-से-पूँछ तक औसतन १.२ मीटर लम्बा होता है। इसके शरीपर ...

                                               

चींटीख़ोर

चींटीख़ोर दक्षिण व मध्य अमेरिका में पाया जाने वाला एक स्तनधारी प्राणी है जो अपने विचित्र मुख-आकार, थूथन और अपनी पतली व लम्बी जीभ से केवल चींटी, दीमक और अन्य छोटे कीट खाने के लिये प्रसिद्ध है। चींटीख़ोरों की चार जातियाँ पाई जाती हैं: सिर-से-पूँछ त ...

                                               

दक्षिणी तामान्दुआ

दक्षिणी तामान्दुआ चींटीख़ोर के तामान्दुआ वंश की एक मध्यम आकार की जाति है जो दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है। यह चींटीख़ोर सिर-से-पूँछ तक औसतन १.२ मीटर लम्बा होता है। यह चींटी, दीमक और मक्खी जैसे छोटे कीट खाता है और आमतौपर रात में सक्रीय रहता है, ...

                                               

रेशमी चींटीख़ोर

रेशमी चींटीख़ोर या पिग्मी चींटीख़ोर चींटीख़ोर की एक जाति है जो मध्य और दक्षिणी अमेरिका में पाई जाती है। विश्व में इस समय चींटीख़ोरों की जो चार जातियाँ अस्तित्व में हैं उनमें रेशमी चींटीख़ोर का सबसे छोटा आकार है। यह सिर-से-पूँछ तक १७ से २४ सेमी लम ...

                                               

बिच्छू

बिच्छू सन्धिपाद संघ का साँस लेनेवाला अष्टपाद है। इसकी अनेक जातियाँ हैं, जिनमें आपसी अंतर बहुत मामूली हैं। यहाँ बूथस वंश का विवरण दिया जा रहा है, जो लगभग सभी जातियों पर घटता है। यह साधारणतः उष्ण प्रदेशों में पत्थर आदि के नीचे छिपे पाये जाते हैं और ...

                                               

मकड़ी

मकड़ी आर्थ्रोपोडा संघ का एक प्राणी है। यह एक प्रकार का कीट है। इसका शरीर शिरोवक्ष और उदर में बँटा रहता है। इसकी लगभग ४०,००० प्रजातियों की पहचान हो चुकी है। इसका उदर खंड रहित होता है तथा उपांग नहीं लगे रहते हैं। इसके सिरोवक्ष से चार जोड़े पैर लगे ...

                                               

मगरमच्छ

मगरमच्छ रेप्टीलिया वर्ग के सबसे बङे जंतुओं में एक है। यह 4 से 25 मीटर तक लंबा हो सकता है। 1.खारे पानी के मगरमच्छCrocodile दुनिया में सबसे बड़े सरीसृप हैं। वे 6.17 मीटर 20 फीट 3 इंच तक बढ़ सकते हैं और एक टन से अधिक वजन हो सकते हैं। 2.इनकीCrocodile ...

                                               

कैनिफ़ोर्मिया

कैनिफ़ोर्मिया या कैनोइडेआ स्तनधारी प्राणियों के मांसाहारी गण के अंतर्गत एक उपगण है। इसके सदस्य प्राणी लम्बी थूथन रखते हैं और उनके पंजों के नाखून अंदर-बाहर होने की बजाए एक ही स्थान पर रहते हैं। लातीनी भाषा में "कैनिफ़ोर्मिया" का अर्थ "कुत्ते-जैसा" ...

                                               

मांसाहारी गण

मांसाहारी गण मांसाहारी स्तनियों का गण है। इसके अंतर्गत सिंह, बाघ, चीता, पालतू कुत्ते एवं बिल्लियाँ, सील, लोमड़ी लकड़बग्घा, रीछ आदि जीव आते हैं। इस गण के लगभग २६० वंश वर्तमान है और वर्तमान वंश के बराबर वंश विलुप्त हो गए हैं। तृतीयक युग के आरंभ में ...

                                               

मेंढक

मेंढक उभयचर वर्ग का जंतु है जो पानी तथा जमीन पर दोनों जगह रह सकता है। यह एक शीतरक्ती प्राणी है अर्थात् इसके शरीर का तापमान वातावरण के ताप के अनुसार घटता या बढ़ता रहता है। शीतकाल में यह ठंडक से बचने के लिए पोखर आदि की निचली सतह की मिट्टी लगभग दो फ ...

                                               

ऐकीपिट्रीडाए

ऐकीपिट्रीडाए पक्षियों के ऐकीपिट्रीफ़ोर्मीस गण के चार कुलों में से एक है। इसमें छोटे से बड़े आकार की अंकुशाकार चोंच रखने वाली कई जातियाँ हैं। महाश्येन, चील, बाज़ और पूर्वजगत गिद्ध इस कुल के सदस्य हैं।

                                               

फ़ैल्कोनीडाए

फ़ैल्कोनीडाए शिकारी पक्षियों का एक जीववैज्ञानिक कुल है जिसमें फ़ैल्कोनीनाए और पोलीबोरिनाए के दो उपकुल सम्मिलित हैं। फ़ैल्कोनीनाए में श्येन, केस्ट्रेल और उनसे सम्बन्धित पक्षी आते हैं, जबकि पोलीबोरिनाए में काराकारा और वन श्येन से सम्बन्धित पक्षी शा ...

                                               

बाज़

बाज़ एक शिकारी पक्षी है जो कि गरुड़ से छोटा होता है। इस प्रजाति में दुनिया भर में कई जातियाँ मौजूद हैं और अलग-अलग नामों से जानी जाती हैं। वयस्क बाज़ के पंख पतले तथा मुड़े हुए होते हैं जो उसे तेज़ गति से उड़ने और उसी गति से अपनी दिशा बदलने में सहा ...

                                               

महाश्येन

महाश्येन शिकार करने वाले बड़े आकार के पक्षी हैं। इस पक्षी को ऊँचाई से ही प्रेम है, धरातल से नहीं। यह धरातल की ओर तभी दृष्टिपात करता है, जब इसे कोई शिकार करना होता है। इसकी दृष्टि बड़ी तीव्र होती है और यह धरातल पर विचरण करते हुए अपने शिकार को ऊँचा ...

                                               

अंधा साँप

अंधा साँप देखने में केंचुए जैसा लगता है लेकिन इसका रंग अधिक गहरा होता है और सारे शरीपर कोरछादी शक्ल बने होते हैं। इसकी लंबाई १६० और १७०० मि.मी. के बीच होती है। प्राय यह सड़े-गले कूड़े-कचरों के गड्ढों में मिलता है। इसमें विष नहीं होता। ये सर्प प्र ...

                                               

अजगर

अजगर एक विशालकाय सर्प है। यह एक विषहीन साँपो की प्रजाति है जो एशिया, अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया के वनो में पायी जाती है। अजगर अन्य प्राणियों को अपना आहार बनाता है ।

                                               

उड़न साँप

उड़न साँप क्रिसोपिली जीनस के साँप हैं जो बहुत कम विषैले होते हैं और मनुष्यों के लिए हानिरहित है। ये दक्षिण-पूर्वी एशिया, दक्षिणी चीन, भारत और श्रीलंका में पाए जाते हैं। भारत में ये मध्य भारत, बिहार, उड़ीसा और बंगाल में अधिक पाए जाते हैं। यह बहुत ...

                                               

धामिन

धामिन एक सांप है जो मध्यम आकार से लेकर बहुत बड़े आकार के होते हैं। ये उत्तरी गोलार्ध में पाये जाते हैं। ये चूहा, चिड़िया आदि खाते हैं। यह साँप विषैला नहीं होता।

                                               

साँप

साँप या सर्प, पृष्ठवंशी सरीसृप वर्ग का प्राणी है। यह जल तथा थल दोनों जगह पाया जाता है। इसका शरीर लम्बी रस्सी के समान होता है जो पूरा का पूरा स्केल्स से ढँका रहता है। साँप के पैर नहीं होते हैं। यह निचले भाग में उपस्थित घड़ारियों की सहायता से चलता ...

                                               

सैलामैंडर

सैलामैंडर उभयचरों की लगभग 500 प्रजातियों का एक सामान्य नाम है। इन्हें आम तौपर इनके पतले शरीर, छोटी नाक और लंबी पूँछ, इन छिपकली-जैसी विशेषताओं से पहचाना जाता है। सभी ज्ञात जीवाश्म और विलुप्त प्रजातियाँ कॉडाटा जीववैज्ञानिक वंश के अंतर्गत आती हैं, ज ...

                                               

तानिकाशोथ

तानिकाशोथ या मस्तिष्कावरणशोथ या मेनिन्जाइटिस Meningitis मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु को ढंकने वाली सुरक्षात्मक झिल्लियों मस्तिष्कावरण में होने वाली सूजन होती है। यह सूजन वायरस, बैक्टीरिया तथा अन्य सूक्ष्मजीवों से संक्रमण के कारण हो सकती है साथ ही कम सा ...

                                               

बलात्कार

डब्ल्यूएचओ द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक मीट्रिक को जबरन, मजबूर यौन क्रियाकलापों की वैश्विक दरों की गंभीरता का निर्धारण करने का सवाल था "क्या आपको कभी आपकी इच्छा के विरुद्ध संभोग करने के लिए मजबूर किया गया है?" इस सवाल से पूछा जा रहा है कि क्य ...

                                               

सन्तान प्रसव

सन्तान प्रसव मानव गर्भावस्था अथवा गर्भकाल का समापन है जिसमें एक महिला के गर्भाशय से एक अथवा अधिक नवजात शिशुओं का जन्म होता है। मानव-शिशु की सामान्य प्रसूति की प्रक्रिया को प्रसव के तीन चरणों में विभाजित किया गया है: गर्भाशय ग्रीवा का छोटा होना और ...

                                               

पात्र (भाजन)

पात्र या भाजन वस्तुएँ व द्रव रखने, संवेष्टित करने और लाने व ले जाने के लिए प्रयोग किये जाने वाला कोई डब्बा या खोल होता है। पात्र कई आकार के होते हैं और उनमें अपना आकाऔर ढांचा रखने के लिए अक्सर कुछ मज़बूती होती है।

                                               

पक्षिपटबंधन

पक्षिपटबंधन या पक्षी पट्टन विज्ञान का वह साधन है जिसके द्वारा जंगली पक्षियों को चिह्नित करके उनकी गतिविधियों, वितरण, प्रावजन आदि का अध्ययन किया जाता है।

                                               

पक्षीपालन

पक्षीपालन पक्षियों को पालने, उनकी देख-रेख व प्रजनन द्वारा उनकी संख्या बढ़ाने को कहते हैं। इसमें पक्षियों के प्राकृतिक पर्यावास की सुरक्षा करने और पक्षी संरक्षण के लिए लोक-चेतना जगाने के अभियान भी शामिल हैं।

                                               

गोविन्द सागर

गोविन्द सागर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित मानव-निर्मित झील है। इसका नाम सिखों के दशम गुरु गोविन्द सिंह के नाम पर रखा गया है। यह झील सतलज नदी पर भाखड़ा बांध के निर्माण के कारण बनी थी।यह झील भारत के नक्शे पर सर्वोच्च स्थान रखती है। झील ...

                                               

बालिमेला जलाशय

बालिमेला जलाशय भारत के ओडीसा राज्य के मालकानगिरि जिले में सिलेरु नदी पर स्थित है। सिलेरू नदी गोदावरी नदी की सहायक नदी है। इस जलाशय की कुल भण्डारण क्षमता ३६१० मिलियन घन मीटर है।

                                               

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कृषि उत्पादकता में सुधार लाने और देश में संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन है। वर्ष 2015-2016 की समय अवधि में इस योजना के लिए ₹ 53 बिलियन का बजट आवंटित किया गया है। यह निर्णय 1 जुलाई ...

                                               

इण्डियम आर्सेनाइड

इण्डियम आर्सेनाइड एक अर्धचालक पदार्थ है। यह इण्डियम व आर्सेनिक तत्वों से बना हुआ रासायनिक यौगिक है जिसका रासायनिक सूत्र InAs है। दिखने में यह भूरे रंग के घन क्रिस्टल से बना हुआ पदार्थ होता है। इसका पिघलाव तापमान ९४२ °सेंटीग्रेड है।

                                               

जर्मेनियम

जर्मेनियम Germanium एक रासायनिक तत्व है। इसका स्थान आवर्त सारणी में उसी वर्ग में है, जिसमें सीस और टिन हैं। इसका आविष्कार 1886 ई. सी. विंकलर ने किया था। इसका संकेत Ge, परमाणुसंख्या 32 और परमाणु भार 72.6 है। यह तत्व बड़ी अल्प मात्रा में पृथ्वी पर ...

                                               

आयन

आयन ऐसे परमाणु या अणु है जिसमें इलेक्ट्रानों और अप्रोटोनों की संख्या असामान होती है। इस से आयन में विद्युत आवेश होता है। अगर इलेक्ट्रॉन की तादाद प्रोटोन से अधिक हो तो आयन में ऋणात्मक आवेश होता है और उसे ऋणायन भी कहते हैं। इसके विपरीत अगर इलेक्ट्र ...

                                               

निवेश/निर्गम

निवेश/निर्गम या आई/ओ किसी संगणक और प्रयोगकर्ता या किसी अन्य सूचना प्रणाली के बीच में सूचना के संचार को कहते हैं। निवेश वह संकेत होते हैं जो बाहरी दुनिया से संगणक को प्राप्त होते हैं और निर्गम वह संकेत होते हैं जो संगणक से बाहरी दुनिया को जाते हैं ...

                                               

इण्डलिनक्स

इण्डलिनक्स एक भारतीय अनुवादकों का स्वयंसेवक दल है जो कि लिनक्स संचालन प्रणाली के भारतीय भाषाओं में स्थानीकरण का कार्य करता है। यह दल सराय नामक संस्था के सहयोग से कार्य करता है जो कि भारतीय भाषाओं में स्थानीकरण एवं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट हेतु कार्य क ...

                                               

इण्डिक आइऍमई लाइट

इण्डिक आइऍमई लाइट इण्डिक आइऍमई का एक संशोधित इंस्टालर है। यह विशेषकर विंडोज़ ७ के लिये बनाया गया है हालाँकि यह विंडोज़ ऍक्सपी पर भी चलता है परन्तु ऍक्सपी के लिये यह इण्डिक ऍक्सपी प्लस में पहले से शामिल है। विंडोज़ ७ वाले इण्डिक आइऍमई में कुछ बग ह ...