ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 264




                                               

ज़ी मनोरंजन उद्योग

ज़ी मनोरंजन उद्योग मुंबई, महाराष्ट्र में स्थापित भारत का दूसरा सबसे बड़ा संचार एवं मनोरंजन आधारित समूह है। सुभाष चंद्रा समूह के अध्यक्ष, निर्देशक तथा खोजकर्ता है। ज़ी समूह के पास 34 चैनल है जिन्हें वह भारत के साथ-साथ अन्य 169 देशों में प्रसारित क ...

                                               

टाटा टेलिसर्विसेज

टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड भारतीय व्यवसायी टाटा समूह की कंपनियों का एक हिस्सा है। यह भारत के विभिन्न दूरसंचार क्षेत्रों में टाटा इंडिकॉम के ब्रांड नाम के तहत दूरसंचार सेवायें प्रदान करती है। नवम्बर २००८ में, जापानी दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ...

                                               

टाटा डोकोमो

टाटा डोकोमो, टाटा टेलिसर्विसेज लिमिटेड TTSL की एक दूरसंचार सेवा है जो जीएसएम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसकी शुरुआत नवंबर 2008 में प्रमुख जापानी दूरसंचार कंपनी एनटीटी डोकोमो और टाटा समूह के बीच हुये एक रणनीतिक गठबंधन के फलस्वरूप हुई है। डोकोमो DoCo ...

                                               

डीडी डायरेक्ट+

डीडी फ्री डिश प्रसार भारती के स्वामित्व में निःशुल्क उपग्रह टेलीविजन सेवा प्रदान करने वाली भारत की पहली उपग्रह सेवा है। डीडी फ्री डिश को पहले डीडी डायरेक्ट+ के नाम से भी जाना जाता था। यह सुविधा भारत के सभी राज्यों में उपलब्ध है और इसने ग्रामीण इल ...

                                               

भारत की इंटरनेट प्रदाता कंपनियां

यह भारत में इंटरनेट प्रदाता कंपनियों की सूची है। भारत में १४२ इंटरनेट सेवा प्रदाता हैं जो ३० जून २०१६ के अनुसार ब्रोडबैण्ड और नैरोबैण्ड सेवायें प्रदान करते हैं।

                                               

भारत में मोबाइल दूरभाष नंबरिंग

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण सेलुलर विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि प्रत्येक क्षेत्र के भीतर, फोन एक स्थानीय कॉल के रूप में किया जाता है भारत में विभाजित किया गया है, जबकि क्षेत्र में, यह एक लंबी दूरी की कॉल हो जाती है। अपने अपने राज्यों में से एक ...

                                               

भारत संचार निगम लिमिटेड

भारत संचार निगम लिमिटेड के नाम से जाना जाने वाला भारतीय संचार निगम लिमिटेड भारत का एक सार्वजनिक क्षेत्र की संचार कंपनी है ३१ मार्च २००८ को २४% के बाजार पूँजी के साथ यह भारत की सबसे बड़ी, संचार कंपनी है.इसका मुख्यालय भारत संचार भवन, हरीश चन्द्र मा ...

                                               

भारती एयरटेल

भारती एयरटेल, जिसे पहले भारती टेलीवंचर उद्यम लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, अब भारत की दूरसंचार व्यवसाय आॅपरेटरों की सबसे दूसरी बड़ी कंपनी है जिसके जुलाई २०१८ तक ३४.४५ करोड़ उपभोक्ता थे। यह फिक्स्ड लाइन सेवा तथा ब्रॉडबैंड सेवाएँ भी प्रदान करती ह ...

                                               

महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड

महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड भारत सरकार के स्वामित्व वाली एक दूरसंचार कंपनी है। यह मुंबई, दिल्ली, ठाणे तथा नवी मुंबई क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधाएं देती है। २००० तक इसका एकाधिकार भी था। इसके बाद दूरसंचार क्षेत्र को निजी ऑपरेटर कंपनियों के लिए भी ...

                                               

वीडियोकोन डी2एच

वीडियोकोन डी2एच भारत का डीटीएच सेवा प्रदाता है। यह ST 2 सेटेलाइट द्वारा एमपीईजी-४ टैकनौेलौजी का उपयोग करके लगभग ३९५ चैनल्स और ५ रेडियो चैनल्स का संचारण करता है।

                                               

सन डायरेक्ट डीटीएच

सन डायरेक्ट डीटीएच भारत की टेलीवीजन कंपनी है। सन डायरेक्ट भारत का डीटीएच सेवा प्रदाता भी है। सन डायरेक्ट के लगभग ५ मिलियन सबस्क्राइबर हैं। यह एच डी चैनल भी उपलब्ध करवाती है। सन डायरेक्ट लगभग २६६ चैनल और सेवाऐं उपलब्ध करवाता है।

                                               

लद्दाख का इतिहास

9 वीं शताब्दी के दौरान राज्य के जन्म से पहले लद्दाख के बारे में जानकारी दुर्लभ है। 9 50 सीई के बारे में राज्य की स्थापना से पहले, लद्दाख को शायद ही एक अलग राजनीतिक इकाई माना जा सकता है, तिब्बती साम्राज्य के प्रारंभिक पतन के बाद और सीमावर्ती क्षेत ...

                                               

थिविम रेलवे स्टेशन

थिविम रेलवे स्टेशन उत्तरी गोवा के थिविम का एक मुख्य रेलवे स्टेशन में से एक है। यह उत्तर दक्षिण लाइन का हिस्सा है और लगभग प्रत्येक ट्रेन इस स्टेशन से होकर गुजरती है।

                                               

ऐरण

एरण नामक ऐतिहासिक स्थान मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित है। प्राचीन सिक्कों पर इसका नाम ऐरिकिण लिखा है। एरण में वाराह, विष्णु तथा नरसिंह मन्दिर स्थित हैं। एरण, सागर से करीब 90 किमी दूर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग के अलावा ट्रेन का ...

                                               

ओरछा

भारत के इतिहास में झांसी के पास स्थित ओरछा का एक अपना महत्व है। इससे जुड़ी तमाम कहानियां और किस्से पिछली कई दशकों से लोगों की जुबान पर हैं। ओरछा मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड सम्भाग में बेतवा नदी के किनारे स्थित है। मध्य काल में यहाँ परिहार राजाओं क ...

                                               

कलचुरि कालीन बुंदेली समाज और संस्कृति

बुंदेलखंड के कलचुरियों के समाज में नीति, मर्यादा, धर्मनिष्ठा के साथ युद्धों की अधिकता थी अत: अनिश्चय का वातावरण था। शैवोपासना का प्रसार युवराज देव के समय में हुआ। इस समय शोण नदी के तट पर मत्तमयूर शैवों का बहुत बड़ा मठ बनाया गया। इतिहासकारों के वि ...

                                               

कलचुरी

कलचुरी वंश बुंदेलखंड का एक महत्‍वपूर्ण शासक रहा है। उनके शासनकाल के दौरान बुंदेलखंड में कई युद्ध हुए और निरंतर अनिश्चय का वातावरण रहा। कलचुरी वंश लगभग तीन सौ वर्ष तक दक्षिणी बुंदेलखंड का शासक रहा। बारहवीं शताब्दी में चंदेल शासकों की बढ़ती शक्ति क ...

                                               

गढ़पहरा

गढ़पहरा को पुराना सागर भी कहते हैं जो डांगी राज्‍य की राजधानी था। यह झांसी मार्ग पर सागर से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित है। इसकी प्राचीनता गौंड शासक संग्रामसिंह के समय से मानी जाती है। उस समय गढ़पहरा एक गढ़ था, जिसमें 360 मौजे थे। बाद में डांगी ...

                                               

चंपतराय

चंपतराय बुंदेला सरदार, वीरसिंह का मित्और विद्रोह के समय जुझारसिंह का सहायक था। जुझारसिंह की मृत्यु के पश्चात्‌ उसके एक पुत्र पृथ्वीराज की सहायता करता रहा। 1639 ई. में जब ओड़छा और झाँसी के बीच बुंदेला सेनाएँ हार गई और पृथ्वीराज ग्वालियर के किले मे ...

                                               

जेजाकभुक्ति

जेजाकभुक्ति के राजा या जिझौती गुप्तकाल का एक प्रसिद्ध राज्य था जो यमुना और नर्मदा नदी नदियों के बीच में स्थित है। इसे अब बुंदेलखंड कहते हैं। इस पर चंदेल राजाओं का शासन था। यह अब आंशिक रूप से उत्तर प्रदेश में तथा आंशिक रूप से मध्यप्रदेश में पड़ता ...

                                               

टीकमगढ़

टीकमगढ़ मध्य प्रदेश का एक शहर और जिला मुख्यालय है। शहर का मूल नाम टेहरी था, जो अब पुरानी टेहरी के नाम से जाना जाता है। 1783 ई ओरछा विक्रमजीत ने ओरछा से अपनी राजधानी टेहरी जिला टीकमगढ़ में स्थानांतरित कर दी थी। टीकमगढ़, टीकम से पड़ा। टीकमगढ़ जिला ...

                                               

टीकमगढ़ ज़िला

टीकमगढ़ ज़िला भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक ज़िला है। ज़िले का मुख्यालय टीकमगढ़ में है। यह ज़िला सागर संभाग के अन्तर्गत आता है। यह पूर्व और दक्षिण-पूर्व में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले और उत्तर में निवाड़ी जिले से और पश्चिम में उत्तर प्रदेश के ल ...

                                               

देवगढ़

उत्तरप्रदेश के ललितपुर जिले के जिला मुख्यालय से 33 किलोमीटर की दूरी पर बेतवा के तट पर विन्ध्याचल की दक्षिण-पश्चिम पर्वत श्रृँखला पर देवगढ यहां का लोकप्रिय और ऐतिहासिक नगर है। इसका प्राचीन नाम लुअच्छागिरि है। 1974 तक यह नगर झांसी जिले के अन्तर्गत ...

                                               

धामोनी

धामोनी: सागर के उत्तर में झांसी मार्ग पर करीब 44 किमी की दूरी पर स्थित धामोनी अब उजाड़ हो चुका है लेकिन इसका ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्व है। गढ़ा मंडला के राज्‍यकाल में महत्वपूर्ण होने के कारण इसे गढ़ बनाया गया था और इसके साथ 50 मौजे थे। गढ़ा म ...

                                               

धार

प्राचीन काल में धार नगरी के नाम से विख्यात मध्य प्रदेश के इस शहर की स्थापना परमार राजा भोज ने की थी। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण शहर है। यह मध्यकालीन शहर पश्चिमी मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित है। बेरन ...

                                               

धार ज़िला

धार जिला तीन भौगोलिक खंडों में फैला हुआ है जो क्रमशः उत्तर में मालवा, विंध्यांचल रेंज मध्य क्षेत्र में तथा दक्षिण में नर्मदा घाटी। हालांकि घाटी पुनः दक्षिण-पश्चिम की पहाड़ियों द्वारा बंद होती है। धार जिला भारत के सांस्कृतिक मानचित्र में प्रारंभ स ...

                                               

प्रागैतिहासिक बुंदेली समाज और संस्कृति

बुंदेलखंड नर्मदा, चंबल, बेतवा और केन आदि नदियों से घिरा हुआ है और प्राचीन काल में प्रसिद्ध मध्यप्रदेश का एक अंग था। बुंदेलखंड के आदिम निवासियों #ौर उनकी संस्कृति का स्वरुप निर्णय करने में तीन प्रकार की सामग्री मिलती है। पुरातात्विक चित्और औज़ार त ...

                                               

बांदा जिला, उत्तर प्रदेश

बांदा ज़िला भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक ज़िला है। ज़िले का क्षेत्रफल 4.408 वर्ग किमी है तथा बांदा कस्बा ज़िले का मुख्यालय है। यह ज़िला चित्रकूट मंडल के अन्तर्गत आता है।

                                               

बुंदेल

बुंदेलों के बारे में माना जाता है कि वे विंध्यवासिनी देवी के उपासक थे। इसलिये वे पहले विंध्येला कहलाये और इसी से बुंदेला या बुंदेल की उत्पत्ति हुई। वे क्षत्रिय जाति के शासक थे तथा सुदूर अतीत में उनका संबंध सूर्यवंशी राजा मनु से माना जाता हैं। अक् ...

                                               

बुंदेलखंड का आर्थिक और औद्योगिक विकास

आर्थिक पिछड़ेपन का दृष्टि से जो स्थान भारत के मानचित्र में उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश का है, वही स्थिति झांसी तथा सागर सम्भाग के जनपदों के दतिया-ग्वालियर सहित है। यहां पर विकास की एक सीढ़ी चढ़ना दुभर है। बुन्देलखण्ड का प्रत्येक ग्राम भूख और आत् ...

                                               

बुंदेलखंड का इतिहास

पुरातात्विक साहित्यिक शोधों किविपुलता ने इतने नये तथ्य प्रस्तुत किए हैं कि भारतवर्ष के समग्र इतिहास से पनरालेखन की आवश्यकता प्रतीत होने लगी है। "बुंदेलखंड का इतिहास भी इसी प्रकार नयी शोधों के संदर्भ में आलेखन की अपेक्षा रखता है। "बुंदेलखंड शब्द म ...

                                               

बुंदेलखंड का वैभव

बुंदेलखंड विन्ध्याचल की उपव्यकाओं का प्रदेश है। इस गिरी की अनेक ऊँची नीची शाखाऐं - प्रशाखाऐं हैं। इसके दक्षिण भाग में मेकल, पूर्व में कैमोर, उत्तर-पूर्व में केंजुआ, मध्य में सारंग और पन्ना तथा पश्चिम में भीमटोऔर पीर जैसी गिरी शिखाऐं हैं। यह खंड ल ...

                                               

बुंदेलखंड के त्यौहार

भारत एक बहुत बड़ा देश है। यहाँ हर प्रदेश की वेशभूषा तथा भाषा में बहुत बड़ा अन्तर दिखायी देता है। इतनी बड़ी भिन्नता होते हुए भी एक समानता है जो देश को एक सूत्र में पिरोये हुए है। वह है यहां की सांस्कृतिक-एकता तथा त्यौहार। स्वभाव से ही मनुष्य उत्सव ...

                                               

बुंदेलखंड के शासक

बुंदेलखंड के ज्ञात इतिहास के अनुसार यहां ३०० ई. पं सौरभ तिवारी ब्राह्मण शासक मौर्य शासनकाल के साक्ष्‍य उपलब्‍ध है। इसके पश्‍चात वाकाटक और गुप्‍त शासनकाल, कलचुरी शासनकाल, चंदेल शासनकाल, खंगार शासनकाल, बुंदेल शासनकाल, मराठा शासनकाल और अंग्रेजों के ...

                                               

बुंदेला शासन कालीन बुंदेली समाज और संस्कृती

बुन्देला राजाओ के नाम Raja Rudra Pratap Singh Bundela1501–1531 Raja Bharatichand Singh Bundela 1531–1554 Raja Madhukarshah 1554–1592 Raja Vir Singh Deo Bir Singh Deo 1592–1627 Raja Jujhar Singh Bundela 1627–1636 Raja Devi Singh Bundela1635–1641 R ...

                                               

महोबा

महोबा भारतवर्ष के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के उत्तर प्रदेश का एक जिला और मुख्यालय है। प्राचीन समय में महोबा बुन्देलखण्ड की राजधानी था। महोबा जहां एक ओर विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के लिए प्रसिद्ध है। वहीं दूसरी ओर गोरखगिरी पर्वत, ककरामठ मंदिर, सूर्य मंदिर, ...

                                               

मुरैना

मुरैना भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त का एक नगर है। यह मुरैना जिला मुख्यालय भी है। उत्तरी मध्य प्रदेश में स्थित मुरैना चंबल घाटी का प्रमुख जिला है। 5000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस जिले से चंबल, कुंवारी, आसन और सांक नदियां बहती हैं। पर्यटन के ...

                                               

मौर्ययुगीन बुंदेली समाज और संस्कृति

बुंदेलखंड में ई० पू० ८०० से ई० पू० २०० तक का काल महाजनपदीय शास्रों का परिचय देता है। मध्यप्रदेश शब्द इतना व्यापक है कि उसमें बुंदेलखंड पर बनने वाले प्राय: सभी जनपदों सा समावेश हो जाता है। मध्यप्रदेश में चेदि, वत्स, मत्स्य और शूरसेन की गणना की जात ...

                                               

रानगिर

यह सागर-रहली मार्ग पर रहली से करीब 20 किमी दूर देहार नदी के किनारे पर स्थित है। यह महाराजा छत्रसाल और धामोनी के मुगल फौजदार खालिक के बीच हुए एक युद्ध का साक्षी था। मराठा सूबेदार गोविंदराव पंडित ने रानगिर को अपना मुख्यालय बनाया था। समीप की पहाड़ी ...

                                               

वाकाटक और गुप्त युगीन बुंदेली समाज और संस्कृति

बुंदेलखंड के वाकाटकों के पूर्व और मौर्यौं के बाद का बुंदेली समाज शुंग वंश, नागवंश, सातवाहन, विक्रमादित्य, शक, कुषाण, नवनाग आदि शासकों की अधीनता में रहा है। इस समय शासकों के बीच संघर्ष अधिक हुए हैं। इस युग गो आचार्य द्विवेदी ब्राह्मण साम्राज्य न म ...

                                               

सागर ज़िला

सागर, भारत के राज्य मध्य प्रदेश का एक संभाग है। सागर जिला भारत देश का हृदय जिला कहलाता है। सागर जिले मे NH26 वर्तमान NH44 पर रानगिर तिराहा से कर्क रेखा गुजरती हैं। सागर संभाग में कुल छः जिले हैं, जिनमें से सागर भी एक है। अन्‍य पाँच जिले दमोह, छतर ...

                                               

सागर झील (लाखा बंजारा झील)

सागर के बारे में यह मान्यता है कि इसका नाम सागर इसलिए पड़ा क्योंकि यह एक विशाल झील के किनारे स्थित है। इसे आमतौपर सागर झील या कुछ प्रचलित किंवदंतियों के कारण लाखा बंजारा झील भी कहा जाता है। सानगर इस झील के उत्तरी, पश्विमी और पूर्वी किनारों पर बसा ...

                                               

अवंती

अवंती मालव जनपद का प्राचीन नाम, जिसका उल्लेख महाभारत में भी हुआ है। अंवतिनरेश ने युद्ध में कौरवों की सहायता की थी। वस्तुत: यह आधुनिक मालवा का पश्चिमी भाग है जिसकी राजधानी उज्जैन थी, जिस राजधानी का दूसरा नाम स्वयं अवंती भी था। पौराणिक हैहयों ने उस ...

                                               

इंद्रद्युम्न

इंद्रद्युम्न एक राजा था, जो मालवा प्रदेश में राज्य करता था। उसे सपने में भगवान जगन्नाथ ने दर्शन देकर बताया कि भगवान की मूर्ति की स्थापना करो। तब उसने कड़ी तपस्या की और तब भगवान विष्णु ने उसे बताया कि वह पुरी के समुद्र तट पर जाये और उसे एक दारु लक ...

                                               

झालावाड़

झालावाड राजस्थान राज्य के दक्षिण-पूर्व में स्थित झालावाड़ जिला का मुख्यालय है। यह झालावाड के हाडौती क्षेत्र का हिस्सा है। झालावाड के अलावा कोटा, बारां एवं बूंदी हाडौती क्षेत्र में आते हैं। राजस्थान के झालावाड़ ने पर्यटन के लिहाज से अपनी एक अलग पह ...

                                               

नीमच

नीमच मध्य प्रदेश के नीमच जिला का मुख्यालय है। नीमच को 31 मई 1998 में मध्य प्रदेश का स्वतंत्र जिला घोषित किया गया था। प्रारंभ में यह मंदसौर जिले का हिस्सा था। ब्रिटिश शासन के दौरान यहां एक छावनी स्थापित की गई थी। आजादी के बाद छावनी को भारत की पैरा ...

                                               

रूपमती

रूपमती मालवा के अंतिम स्वाधीन अफगान सुलतान बाजबहादुर की प्रेयसी थी। बाजबहादुऔर रूपमति के प्रेम कथानक को लेकर 1599 ई. में अहमद-उल्‌-उमरी ने फारसी में एक प्रेम-काव्य की रचना की थी और मुगल काल के अनेकानेक सुप्रसिद्ध चितेरों ने उसकी घटनाओं पर कई भावप ...

                                               

चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़ भारत के राजस्थान राज्य के चित्तौड़गढ़ ज़िले में स्थित एक नगर है। भारत के महान वीर पुत्र अशोक शर्मा यहीं के राजा थे। इसे महाराणा प्रताप का गढ़ और जौहर का गढ़ भी कहा जाता है। Is durg me 3 saake huye the, phla saka rawal ratan Singh ke R ...

                                               

पन्ना धाय

पन्ना धाय गुर्जरी राणा सांगा के पुत्र राणा उदयसिंह की धाय माँ थीं। पन्ना धाय किसी राजपरिवार की सदस्य नहीं थीं। अपना सर्वस्व स्वामी को अर्पण करने के लिये जानी वाली पन्ना धाय का जन्म कमेरी गावँ में हुआ था। राणा साँगा के पुत्र उदयसिंह को माँ के स्था ...

                                               

मेवाड़ भील कॉर्प

मेवाड़ भील कॉर्प का सेवा और देशभक्ति का एक लंबा, बहादुऔर सफल इतिहास है । 1837 में, महिकांता के राजनीतिक एजेंट कर्नल जेम्स आउट्राम ने एक ब्रिटिश अधिकारी की कमान में भील वाहिनी की स्थापना का प्रस्ताव रखा। परिणामस्वरूप, 1 जनवरी 1841 को मेवाड़ भील को ...