ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 284




                                               

मोलस्का

मोलस्का या चूर्णप्रावार प्रजातियों की संख्या में अकशेरूकीय की दूसरी सबसे बड़ी जाति है। ८०,००० जीवित प्रजातियां हैं और ३५,००० जीवाश्म प्रजातियां मौजूद हैं। कठिन खोज की मौजूदगी के कारण संरक्षण का मौका बढ़ जाता है। वे अव्वलन द्विदेशीय सममित हैं।इस स ...

                                               

योनि

मादा के जननांग को योनि कहा जाता है। सामान्य तौपर "योनि" शब्द का प्रयोग अक्सर भग के लिये किया जाता है, लेकिन जहाँ भग बाहर से दिखाई देने वाली संरचना है वहीं योनि एक विशिष्ट आंतरिक संरचना है।योनि बहुत संवेदनशील होती है.

                                               

रज्जुकी

रज्जुकी जीवों का एक समूह है जिसमें कशेरुकी और कई निकट रूप से संबंधित अकशेरुकी शामिल हैं। इनका इस संघ मे शामित होना इस आधापर सिद्ध होता है कि यह जीवन चक्र मे कभी न कभी निम्न संरचनाओं को धारण करते हैं जो हैं, एक पृष्ठ‍रज्जु, एक खोखला पृष्ठीय तंत्रि ...

                                               

राइट टू सिंथेसाइज इंटायर जीनोम

2 जून 2016 को 25 वैज्ञानिकों की टीम ने विज्ञान की पत्रिका में ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट–राइट एचजीपी–राइट के तहत शून्य से संपूर्ण मानव जीनोम के संश्लेषण पर अपने प्रस्ताव को प्रकाशित किया।

                                               

राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल

आर एन ए एक अकेली बहु न्यूक्लियोटाइड शृंखला वाला लम्बा तंतुनुमा अणु, जिसमें फॉस्फेट और राइबोज़ शर्करा की इकाइयां एकांतर में स्थापित होतीं हैं। इसका पूर्ण नाम है राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल। डी एन ए की तरह आर एन ए में भी राइबोज़ से जुड़े चार क्षारक होते ...

                                               

लिंग परिवर्तन

प्राय: लिंग परिवर्तन का अर्थ मानवों द्वारा लिंग परिवर्तन से लिया जाता है। इसमें शल्य द्वारा केवल वाह्य लिंग को बदला जाता है या अधिक जटिल शल्य प्रक्रिया द्वारा लगभग सभी जननांगों को बदल दिया जाता है।

                                               

लैमार्कवाद

लैमार्कवाद, फ्रांस के जीववैज्ञानिक लैमार्क द्वारा प्रतिपादित विकासका सिद्धान्त था जो किसी समय बहुत मान्य हुआ था किन्तु बाद में इसे अस्वीकाकर दिया गया। संक्षेप में लामार्क का विकासवाद यह है - वातावरण के परिवर्तन के कारण जीव की उत्पत्ति, अंगों का व ...

                                               

वाई गुण सूत्र

वाई गुण सूत्र किसी भी स्तनधारी श्रेणी के जानवर में लिंग की पहचान देने वाला एक गुण सूत्र है। इन जीवों में केवल ऐसे दो लिंग-भेद करने वाले गुण सूत्र होते हैं - एक्स गुण सूत्और वाई गुण सूत्र। इनका नाम अंग्रेज़ी के "X" और "Y" अक्षरों पर पड़ा है क्योंक ...

                                               

विकोशिकीकरण

विकोशिकीकरण प्रक्रिया में एक मृत अंग से कोशिकाओं को निकाल लिया जाता है, जिसके बाद उस अंग का सिर्फ प्रोटीन का ढांचा बाकी रहता है। इसके बाद इसकी जगह युवा कोशिकाओं को प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। इसका उदाहरण मिनेसोटा विश्वविद्यालय ने एक चूहे के हृद ...

                                               

विषैले सर्प

विषैले सर्प सर्पों की एक तरह की प्रजाति है, जो विष बनाने में सक्षम होते हैं। इस जहर या विष का उपयोग सर्प अपने शिकार को आसानी से पकड़ने और बचाने के लिए करते हैं। इनके पास चबाने लायक दाँत नहीं होते हैं। यह जीवों को सीधे निगलने का कार्य करते हैं। इस ...

                                               

शिश्न

शिश्न कशेरुकी और अकशेरुकी दोनो प्रकार के कुछ नर जीवों का एक बाह्य यौन अंग है। तकनीकी रूप से शिश्न मुख्यत: स्तनधारी जीवों में प्रजनन हेतु एक प्रवेशी अंग है, साथ ही यह मूत्र निष्कासन हेतु एक बाहरी अंग के रूप में भी कार्य करता है। शिश्न आमतौर स्तनधा ...

                                               

शुक्राणु

शुक्राणु शब्द यूनानी शब्द स्पर्मा से व्युत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है बीज जिसका अर्थ पुरुष की प्रजनन कोशिकाओं से है। विभिन्न प्रकार के यौन प्रजननो जैसे एनिसोगैमी और ऊगैमी में एक चिह्नित अंतर है, जिसमें छोटे आकार के युग्मकों को नर या शुक्राणु कोशिक ...

                                               

सर्दन ब्लॉट

सर्दन ब्लॉट एक प्रणाली है जो इस्तेमाल होता है आणविक जीव विज्ञान मे, डीएनए अनुक्रम का पता लगाया जाता है डीएनए के नमूनो में से। सर्दन ब्लॉट में डीएनए का हस्तांतरण वैद्युतकणसंचलन के दुआर, डीएनए के टुकडो को फिल्टर झिल्ली पर अलग करना और प्रोब को उसमे ...

                                               

सिलिया

सिलिया एक यूकेरियोटिक सेल में पाई जाने वाले कोशिकांगों को कहा जाता है। सिलिया पतले आकार की होती हैं, और किसी बड़ी सेल बॉडी से प्रोजेक्ट करती हैं। एक सिलियम २० माइक्रोन तक लंबा हो सकता है, और इसका व्यास लगभग ०.२५ माइक्रोन तक होता है।

                                               

सूक्ष्मजैविकी

सूक्ष्मजैविकी उन सूक्ष्मजीवों का अध्ययन है, जो एककोशिकीय या सूक्ष्मदर्शीय कोशिका-समूह जंतु होते हैं। इनमें यूकैर्योट्स जैसे कवक एवं प्रोटिस्ट और प्रोकैर्योट्स, जैसे जीवाणु और आर्किया आते हैं। विषाणुओं को स्थायी तौपर जीव या प्राणी नहीं कहा गया है, ...

                                               

होमो इरेक्टस

होमो इरेक्टस होमिनिड की एक विलुप्त प्रजाति है जो प्लीस्तोसीन भूवैज्ञानिक युग के अधिकतर समय के दौरान रहता था। इसका प्रारंभिक जीवाश्म सबूत 19 लाख साल पहले और सबसे हाल का 70.000 साल पहले का है। यह आम तौपर माना जाता है कि होमो इरेक्टस की उत्पत्ति अफ् ...

                                               

होमो सेपियन्स

होमो सेपियन्स / आधुनिक मानव स्तनपायी सर्वाहारी प्रधान जंतुओं की एक जाति, जो बात करने, अमूर्त्त सोचने, ऊर्ध्व चलने तथा परिश्रम के साधन बनाने योग्य है। मनुष्य की तात्विक प्रवीणताएँ हैं: तापीय संसाधन के द्वारा खाना बनाना और कपडों का उपयोग। मनुष्य प् ...

                                               

कोशिका संवर्धन

कोशिका संवर्धन एक ऐसी जटिल प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोशिकाओं को नियंत्रित परिस्थितियों के तहत विकसित किया जाता है। अभ्यास में, "कोशिका संवर्धन" शब्द का अर्थ उन कोशिका की जुताई से है जिन्हें बहु-कोशिकीय युकैरिओट से उत्पन्न किया गया है, विशेष रूप ...

                                               

आनुवांशिक कोड पढ़ने की विधि

प्रकृति हमारा जेनेटिकल, अर्थात आनुवंशिक कोड केवल चार अक्षरों वाली वर्णमाला में लिखती है। ये चार अक्षर हैं अंग्रेज़ी के AGCT. चारों, चार रासायनिक क्षारों के प्रतीक हैं-- गुआनीन, साइटोसिन और थाइमीन. एडेनीन, केवल चार अक्षर या चार क्षार होते हुए भी इ ...

                                               

एडेनिन

ऐडेनिन एक प्यूरीन है, जिसकी जैवरासायनिकी के क्षेत्र में विविध भूमिकाएं हैं, जिसमें कोशिकीय श्वसन भी शामिल है। यह ऊर्जा-प्रचुर ऐडेनोसिन ट्राई फॉस्फेट एवं कोफैक्टर: निकोटिन-एमाइड ऐडेनिन डाई-न्यूक्लियोटाइड तथा फ्लेविन ऐडेनिन डाई-न्यूक्लियोटाइड तथा प ...

                                               

कोशिका केन्द्रक

यह लेख जीवो की कोशिकाओं के केन्द्रक के बारे में है। यदि आप परमाणुओं की केन्द्रकों पर जानकारी ढूंढ रहे हैं तो परमाणु नाभिक का लेख देखें। कोशिका विज्ञान में केन्द्रक वनस्पतियों, प्राणियों और सुकेन्द्रिक जीवों की अधिकांश कोशिकाओं में एक झिल्ली द्वार ...

                                               

खमीर

खमीर एक कवक है। यह शर्करायुक्त कार्बनिक पदार्थ में बहुतायत से पाये जाने वाला विशेष प्रकार का कवक है। यह फूल विहीन पौधा है। इसका शरीर मूल, तना एवं पत्ति में विभक्त नहीं होता है। इसकी लगभग १५०० जातियाँ हैं।

                                               

जीन

अगर आप घोड़े की पीठ पर वाहन के लिये कसी जाने वाली चीज़ पर जानकारी ढूंढ रहे हैं तो ज़ीन का लेख देखिये z गुणसूत्रों पर स्थित डी.एन.ए. की बनी वो अति सूक्ष्म रचनाएं जो अनुवांशिक लक्षणों का धारण एवं उनका एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानान्तरण करती है ...

                                               

जीनोम परियोजना

जीनोम परियोजना वह वैज्ञानिक परियोजना है, जिसका लक्ष्य किसी प्राणी के संपूर्ण जीनोम अनुक्रम का पता करना है। जीन हमारे जीवन की कुंजी है। हम वैसे ही दिखते या करते हैं, जो काफी अंश तक हमारे देह में छिपे सूक्ष्म जीन तय करते हैं। यही नहीं, जीन मानव इति ...

                                               

पॉलिमरेज शृंखला अभिक्रिया

आण्विक जीवविज्ञान में, पॉलिमरेज़ शृंखला अभिक्रिया), किसी डी एन ए सेगमेण्ट की एकाधिक प्रतिरूप तैयार करने के लिए बहुतायत में उपयोग में लायी जाने वाली एक विधि है। इसके लिए एक डी एन ए प्राइमर एवं टॉक पॉलिमरेज़ की आवश्यकता होती है। इसके लिए प्रयोग किय ...

                                               

प्लाज़्मिड

प्लाज़्मिड ये बैक्टीरियाई क्रोमोज़ोम से भिन्न वलयाकार स्वतंत्र प्रतिकृति एवं प्रेषण में सक्षम डी एन ए अणु हैं। ये बैक्टीरियाई क्रोमोज़ोम में समाकलित हो सकते हैं।

                                               

बीटी कपास

बीटी कपास एक आनुवांशिक संशोधित कपास है। यह मानसेण्टो नामक कम्पनी द्वारा उत्पादित है। महाराष्ट्र में महेको नामक कृषि-जैवप्रौद्योगिकी कम्पनी इसकी आपूर्ति करती है।

                                               

बीटी बैंगन

बीटी बैंगन जिसे बीटी कॉटन के रूप में निर्मित किया गया है, एक आनुवांशिक संशोधित फसल है। बीटी को बैसिलस थुरियनजीनिसस नामक एक मृदा जीवाणु से प्राप्त किया जाता है। बीटी बैंगन और बीटी कपास दोनों में इस विधि का प्रयोग होता है। आनुवांशिक संशोधित फसल यान ...

                                               

माइक्रोसेटेलाइट

डीएनए फिंगरप्रिंट विशिष्ट डीएनए क्रम का प्रयोग करता है, जिसे माइक्रोसेटेलाइट कहा जाता है। माइक्रोसेटेलाइट डीएनए के छोटे टुकड़े होते हैं। शरीर के कुछ हिस्सों में इनकी संख्या अलग-अलग होती है। ये डीएनए के १-६ आधार-जोड़ों की पुनरावृत्त शृंखलाएं होती ...

                                               

मारियो आर कैपेची

1967 में बायोफिजिक्स में पीएचडी, अध्यापन: हार्वर्ड, कैंब्रिज और उटाह यूनिवर्सिटी में जीवविज्ञान और मानव आनुवांशिकी विषय के प्रोफेसर। स्टेम सेल के क्षेत्र में नए अनुसंधान करने वाले इटली मूल के अमेरिकी नागरिक मारियो आर कैपेची, ब्रिटेन के मार्टन जे ...

                                               

राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र, मानेसर, हरियाणा

तंत्रिका विज्ञान का क्षेत्र पूरे विश्व में बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। बडे-बड़े तंत्रिकीय रोगों से निपटने के लिए आण्विक, कोशिकीय, आनुवंशिक एवं व्यवहारिक स्तरों पर मस्तिष्क की क्रिया के सन्दर्भ में समग्र क्षेत्पर विचार करने की आवश्यकता को पूरी ...

                                               

जैवसंसाधन तथा सतत विकास संस्थान, मणिपुर

जैवसंसाधन तथा सतत विकास संस्थान, जिसे लघुरूप में आई बी एस डी कहते हैं, इम्फाल, मणिपुर में स्थित हैं। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए जैवप्रौद्योगिकीय हस्तक्षेपों के माध्यम जैवसंसाधनों का विकास तथा उनका सतत प्रयोग करना है। ...

                                               

स्टेम कोशिका

स्टेम कोशिका या मूल कोशिका ऐसी कोशिकाएं होती हैं, जिनमें शरीर के किसी भी अंग को कोशिका के रूप में विकसित करने की क्षमता मिलती है। इसके साथ ही ये अन्य किसी भी प्रकार की कोशिकाओं में बदल सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार इन कोशिकाओं को शरीर की किसी भी ...

                                               

उपपाचय

सजीवों के शरीर में होने वाली सभी जैव रासायनिक क्रियाओं को संयुक्त रूप से उपापचय कहते हैं। ये सजीव के वृद्धि एवं विकास, प्रजनन, तथा अनुकूलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इसके अन्तर्गत दो प्रकार की क्रिया होती हैं: एनाबोलिज्म तथा कैटाबोलिज्म. शरीर का र ...

                                               

एनाबोलिज्म

सभी मेटाबोलिक क्रियाएं जिसके फलस्वरूप शरीर में सामान्य अणुओं से जीव द्रव्य के अपेक्षाकृत बड़े अणुओं का निर्माण होता है एनाबोलिज्म कहलाती हैं। इस क्रिया के फलस्वरूप ही शरीर में नए पदार्थों का संश्लेषण शरीरिक, विकास, वृद्धि एवं संरक्षण सम्भव है। प् ...

                                               

किण्वन

किण्वन एक जैव-रासायनिक क्रिया है। इसमें जटिल कार्बनिक यौगिक सूक्ष्म सजीवों की सहायता से सरल कार्बनिक यौगिक में विघटित होते हैं। इस क्रिया में ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। किण्वन के प्रयोग से अल्कोहल या शराब का निर्माण होता है। पावरोटी एवं ब ...

                                               

केटाबोलिज्म

सभी मेटाबोलिक क्रियाओं का समूह जिसके फलस्वरूप भोज्य-पदार्थों के बड़े-बड़े अणु छोटे-छोटे अणुओं में टूटूकर उर्जा मुक्त करते हैं, केटाबोलिज्म कहलाता है। यह उर्जा अन्य जीवन क्रियाओं के लिए आवस्यक है। श्वसन एक कोटाबोलिक क्रिया है। इस क्रिया के फलस्वरू ...

                                               

बहुशर्करा

पॉलीसैक्कराइड जटिल कार्बोहाइड्रेट हैं। इनका निर्माण कई छोटे एकलशर्करा के अणुओं से मिलकर होता है। ये विशाल आकार के अणु हैं। अन्य कार्बोहाइड्रेट की तरह न तो ये जल में घुलनशील हैं न ही इनका स्वाद मीठा होता है।

                                               

अमृतयोग

अमृतयोग ज्योतिषशास्त्र का एक योगविशेष। ज्योतिष में वर्णित आनंद आदि 28 योगों में 21वाँ योग अमृतयोग है। यह योग अपने नाम के अनुसार अमृतत्व फल देने वाला है अत: इस योग में यात्रा आदि शुभ कार्य श्रेष्ठ माने जाते हैं। निम्नलिखित स्थितियों में अमृतयोग मा ...

                                               

अयन बल

अयन बल विभिन्न छः प्रकार के बलों में से एक है। अन्य पाँच बल काल बल, चेष्टाबल, उच्च बल, दिक् बल और स्थान बल हैं। प्रत्येक ग्रह विषुवत रेखा के उतर या दक्षिण में स्थित होता है और अपनी स्थिति के अनुसार बल प्राप्त करता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते ...

                                               

आवासीय बल

भारतीय फलित ज्योतिष में ग्रह की किसी भाव में स्थिति के कारण ग्रह को आवासीय बल प्राप्त होता है। इस सम्पूर्ण सांख्यिकी को ज्ञात करने के लिये पांच प्रकार के बल निकाले जाते हैं। उच्च बल उच्च बल स्थानीय बल का एक भाग है। इस बल में ग्रह को उसके उच्च व न ...

                                               

करण (ज्योतिष)

चन्द्और सूर्य के भोगांश के अन्तर को 6 से भाग देने पर प्राप्त संख्या करण कहलाती है। दूसरे शब्दों में चन्द्और सूर्य में 6 अंश के अन्तर के समय को एक करण कहते है। प्रत्येक तिथि में दो करण होते हैं। अर्थात 30 तिथियों में 60 करण होते है। करणों के नाम इ ...

                                               

कर्क राशि

राशि चक्र की यह चौथी राशि है, यह उत्तर दिशा की द्योतक है, तथा जल त्रिकोण की पहली राशि है, इसका चिन्ह केकडा है, यह चर राशि है, इसका विस्तार चक्र 90 से 120 अंश के अन्दर पाया जाता है, इस राशि का स्वामी चन्द्रमा है, इसके तीन द्रेष्काणों के स्वामी चन् ...

                                               

काल बल

षडबल के अन्तर्गत निकाले जाने वाले छ: बलों में से तीसरा बल काबल है। जन्म समय के आधापर काबल 9 प्रकार का होता है। इसके लिये नौ प्रकार की बल निकाल कर परिणाम निकाला जाता है। 1 नतोन्नत बल अर्थात जिसे दिवारात्रि बल भी कहा जाता है। 2. पक्ष बल अर्थात जन्म ...

                                               

कालसर्प योग

कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक के पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित होता है। व्यावहारिक रूप से पीड़ित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है, मुख्य रूप से उसे संतान संबंधी कष्ट होत ...

                                               

कुंभ राशि

कुंभराशि के लोग मूल रूप से मजबूत और आकर्षक व्यक्तित्व के अधिकारी होते हैं। कुंभ राशि के लोग दो प्रकार के होते हैं:- एक शर्मीली, संवेदनशील, कोमल और धैर्य और अन्य विपुल, जीवंत और दिखावटी है, कभी कभी निरर्थक व्यापार का लबादा के तहत उनके चरित्र की का ...

                                               

कुण्डली

जातक के जन्म के बाद जो ग्रह स्थिति आसमान में होती है, उस स्थिति को कागज पर या किसी अन्य प्रकार से अंकित किये जाने वाले साधन से भविष्य में प्रयोग गणना के प्रति प्रयोग किये जाने हेतु जो आंकडे सुरक्षित रखे जाते हैं, वह कुन्डली या जन्म पत्री कहलाती ह ...

                                               

खनादेवी

खनादेवी, राजा विक्रमादित्य के नवरत्न, ज्योतिषाचार्य वराहदेव की पुत्रवधू एवं मिहिर की पत्नी थीं। इनका ज्योतिषज्ञान प्रकांड था। कृषि विषयक इनकी कहावतें बंगाल में अत्यधिक समादरित हैं। उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में भी खोना या डाक नाम से कृषि विषयक कु ...

                                               

गुरु पुष्य

एक आम आदमी भी इस शुभ महूर्त का चयन कर सबसे उपयुक्त लाभ प्राप्त कर सकता है। और अशुभता से बच सकता है। अपने जीवन में दिन-प्रतिदिन सफलता की प्राप्ति के लिए इस अद्भुत महूर्त वाले दिन किसी भी नये कार्य को जेसे नौकरी, व्यापार, या परिवार से जुड़े कार्य, ...

                                               

गोचर

गोचर का अर्थ होता है गमन यानी चलना. गो अर्थात तारा जिसे आप नक्षत्र या ग्रह के रूप में समझ सकते हैं और चर का मतलब होता है चलना. इस तरह गोचर का सम्पूर्ण अर्थ निकलता है ग्रहों का चलना. ज्योतिष की दृष्टि में सूर्य से लेकर राहु केतु तक सभी ग्रहों की अ ...