ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 312




                                               

अरविन्द अडिग

अरविन्द अडिग अंग्रेजी में लिखने वाले भारतीय लेखक हैं, जिन्हें अपने पहले उपन्यास द व्हाइट टाइगर के लिए मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

                                               

गुरचरण दास

गुरचरण दास एक भारतीय लेखक तथा पत्रकार हैं। अभी वे भारत के प्रमुख अंग्रेजी पत्र द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के लिए कॉलम भी लिखते हैं। इनका जन्म लॉयलपुर, पाकिस्तान में 1946 में हुआ था पर इनका जीवन न्यूयॉर्क में बीता जहाँ इनके पिता नौकरी करते थे। इन्होंने ह ...

                                               

श्री विश्वनाथ

श्री विश्वनाथ का जन्म एक भारतीय लेखक, एक नई उम्र गुरु और वेदांत की भारत की सबसे उल्लेखनीय चिकित्सकों में से एक है। उन्होंने अमेज़न बुक्स द्वारा "मन, शरीऔर आत्मा" में शीर्ष 50 सबसे लोकप्रिय लेखकों में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्धि हास ...

                                               

कमला लक्ष्मण

कमला लक्ष्मण बाल पुस्तकों की भारतीय लेखिका और विख्यात कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण की पत्नी थीं। उनका २०१५ में ९० वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी लिखी लघु कहानियों पर १९९० में तेनाली राम नामक दूरदर्शन धारावाहिक भी बना जिसमें विजय कश्यप ने शीर्षक भ ...

                                               

भारतीय कवियों की सूची

इस सूची में उन कवियों के नाम सम्मिलित किये गये हैं जो भारतीय मूल के हों, भारत में जन्में हों, या अगर आप निचे दिगए कवियों के प्रेम हिंदी कविताएँ का आनंद लेना चाहते है तो हिंदी कविता प्रेम साभापर जाएँ। किसी भार अपना भारत और तीय भाषा में काव्य-रचना ...

                                               

कृष्णराज वोडेयार चतुर्थ

कृष्ण राज वाडियार चतुर्थ, नलवडी कृष्ण राज वाडियार कन्नड़: ನಾಲ್ವಡಿ ಕೃಷ್ಣರಾಜ ಒಡೆಯರು के नाम से भी लोकप्रिय थे, वे 1902 से लेकर 1940 में अपनी मृत्यु तक राजसी शहर मैसूर के सत्तारूढ़ महाराजा थे। जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था तब भी वे भारतीय राज्यों क ...

                                               

अक़बर इलाहाबादी

अकबर ने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने पिता द्वरा घर पे ही ग्रहन की। उन्होंने 15 साल की उम्र में अपने दो या तीन साल वरिष्ठ लड़की से शादी की थी और जल्द ही उन्की दूसरी शादी भी हुइ। दोंनो पत्नीयों से अकबर के २-२ पुत्र थे। अकबर ने वकालत की अध्ययन करने के ...

                                               

घासीराम महली

घासीराम महली नागपुरी साहित्य के महान कवि थे। उनका जन्म झारखंड राज्य के राँची जिला में चान्हो प्रखंड के करकट गांव में हुआ था। वे रातू महाराज के दरबारी कवि थे। उनके द्वारा लिखित वंशावली, दुर्गासप्तशती, बरहामासा, विवह परिछन आदि प्रमुख है।

                                               

वाक्पति

वाक्पति प्राकृत के प्रसिद्ध कवि हैं। गौडवहो इनकी प्रसिद्ध ऐतिहासिक रचना है जिसमें कन्नौज के राजा यशोवर्मन का चरित अंकित है। वे यशोवर्मन के राजकवि थे।

                                               

राधा कुमार

डॉ राधा कुमार एक भारतीय नारीवादी लेखिका और शिक्षाविद् हैं। वे जातीय संघर्ष एवं शांति बहाली विषयों की विशेषज्ञ भी मानी जाती हैं। 28 अप्रैल 2016 को संयुक्त राष्ट्र यूनिवर्सिटी ने उन्हें यूएन यूनिवर्सिटी काउंसिल में सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। ...

                                               

बाजे भगत

बाजे भगत एक भारतीय साहित्यकार, कवि, रागनी लेखक, सांग कलाकाऔर हरियाणवी सांस्कृतिक कलाकार थे। और कवि बाजे भगत जी सेन जाति के थे पूरे हरियाणा में कवि बाजे भगत के जैसा साहित्यकार कवि नहीं था हरियाणा में सबसे पहले पंडित लख्मीचंद और सेन बाजे भगत हुए दो ...

                                               

नवगीत

नवगीत, हिन्दी काव्य-धारा की एक नवीन विधा है। इसकी प्रेरणा सूरदास, तुलसीदास, मीराबाई और लोकगीतों की समृद्ध भारतीय परम्परा से है। हिंदी में तो वैसे महादेवी वर्मा, निराला, बच्चन, सुमन, गोपाल सिंह नेपाली आदि कवियों ने काफी सुंदर गीत लिखे हैं और गीत ल ...

                                               

पाँच जोड़ बाँसुरी

भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशन से सन् १९६९ ई० में प्रकाशित पाँच जोड़ बाँसुरी हिन्दी नवगीत के प्रारम्भिक नवगीत संकलन में से एक है। इस संकलन में ४० रचनाकारों के रचनाएँ प्रकाशित की गई हैं। इस संकलन के सम्पादक चन्द्रदेव सिंह हैं।

                                               

कृष्ण बिहारी नूर

२९ अगस्त १९५४ को पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की बांसगाँव तहसील अन्तर्गत ग्राम कुण्डाभरथ में जन्म। कानपुर विश्वविद्यालय से हिन्दी साहित्य में एम. ए. किया। सन १९६८-६९ से लेखन की शुरुआत हुई। पहली कहानी सन १९७१ में प्रकाशित। तबसे सैकड़ों रचना ...

                                               

रामकृष्ण द्विवेदी मधुकर

२२ जून १९७३ को इलाहाबाद में जन्म, एम.एससी तक शिक्षा और अमोनिया संयंत्र प्रचालन के अंतर्गत ओमान इंडिया फर्टिलाइज़र कंपनी, सूर, ओमान में कार्यरत। साहित्य और क्रीड़ा में रुचि।

                                               

विद्याभूषण धर

कश्मीर में जनमे और प्रारंभिक जीवन वहीं बिताने वाले विद्याभूषण धर विद्या अध्यन के साथ रंगमंच, दूरदर्शन एवमं रेडियो पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमो में भागीदारी करते रहे हैं। उनके लिखे हुए नाटक विद्यालय दूरदर्शन तथा अन्य कई स्थानों पर प्रस्तुत किए ...

                                               

कल्याणी (उपन्यास)

यह लेख "कल्याणी" नामक एक उपन्यास के बारे में है, पश्चिम बंगाल में स्थित इसी नाम के शहर हेतु कल्याणी, पश्चिम बंगाल देखें। "कल्याणी" नामक अन्य पृष्ठों के लिए कल्याणी बहुविकल्पी देखें। सन 1939 में जैनेंद्र कुमार के चौथे उपन्यास कल्याणी का प्रकाशन हु ...

                                               

विवर्त

जैनेंद्र की छठीं औपन्यासिक कृति विवर्त का प्रकाशन सन 1953 में हुआ। प्रारंभ में यह उपन्यास साप्ताहिक हिंदुस्तान में धारावाहिक रूप से प्रकाशित हुआ। इस उपन्यास के कथानक का केंद्र जितेन का चरित्र है। उसकी सामान्य पारिवारिक स्थिति से कथा का व्यावहारिक ...

                                               

सुखदा

जैनेंद्र कुमार का पाँचवा उपन्यास सुखदा है, जो प्रारंभ में धारावाहिक रूप से धर्मयुग में प्रकाशित हुआ था। इसका कथानक घटनाओं के वैविध्य बोझ से आक्रांत है। जैसा कि इस उपन्यास के शीर्षक से स्पष्ट है इसकी प्रधान पात्री सुखदा है। उसका जीवन उसके लिए भार ...

                                               

ज़माना पत्रिका

ज़माना कानपुर से प्रकाशित होने वाली प्रमुख उर्दू पत्रिका थी। इसके संपादक मुंशी दयानारायण निगम थे। प्रेमचंद की पहली कहानी सांसारिक प्रेम और देशप्रेम इसी पत्रिका में अप्रैल १९०७ में प्रकाशित हुई थी।

                                               

जागरण साप्ताहिक

देश किसका है,यह सवाल पूछना पड़ रहा है,आपने आप से,ओर कभी कभी तो मुझे भी लगता है की जब सुबह निंद खुले तो पता चले कही मै देशद्रोही तो नही बन गया,देश के हालात लगभग कुछ एसे ही है!अगर सरकार के बारे मे कुछ भी बोला या सवाल पुछा तो देशद्रोही,बस अपको एक रो ...

                                               

पंच परमेश्वर

पंच परमेश्वर प्रेमचंद की हिन्दी में पहली प्रकाशित कहानी थी। यह सन १९१६ में प्रकाशित हुई थी। इसके पहले उनका एक रहस्य उपन्यास धारावाहिक रूप से १९०३ में प्रकाशित हुआ था लेकिन वह पूरा प्रकाशित नहीं हो सका था उसको रोक देना पड़ा था।

                                               

प्रेमचंद की रचनाएँ

मुंशी प्रेमचंद की रचना-दृष्टि विभिन्न साहित्य रूपों में प्रवृत्त हुई। बहुमुखी प्रतिभा संपन्न प्रेमचंद ने उपन्यास, कहानी, नाटक, समीक्षा, लेख, सम्पादकीय, संस्मरण आदि अनेक विधाओं में साहित्य की सृष्टि की। प्रमुखतया उनकी ख्याति कथाकार के तौपर हुई और ...

                                               

प्रेमचंद के साहित्य की विशेषताएँ

प्रेमचंद हिंदी के युग प्रवर्तक रचनाकार हैं। उनकी रचनाओं में तत्कालीन इतिहास बोलता है। वे सर्वप्रथम उपन्यासकार थे जिन्होंने उपन्यास साहित्य को तिलस्मी और ऐयारी से बाहर निकाल कर उसे वास्तविक भूमि पर ला खड़ा किया। उन्होंने अपनी रचनाओं में जन साधारण ...

                                               

प्रेमचंद साहित्य संस्थान

राजकीय दीक्षा विद्यालय, गोरखपुर वह विद्यालय है जहाँ उपन्यास सम्राट प्रेमचंद ने अपनी पहली नौकरी की थी। यह विद्यालय उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित है। यहाँ उन्होंने १९ अगस्त १९१६ से २६ फ़रवरी १९२१ तक सहायक अध्यापक के पद पर कार्य किया। वे इस ...

                                               

मर्यादा (पत्रिका)

मर्यादा पत्रिका का पहला अंक नवम्बर सन १९१० ई० में कृष्णकान्त मालवीय ने अभ्युदय कार्यालय प्रयाग से इसे प्रकाशित हुआ था। इसके प्रथम अंक का प्रथम लेख मर्यादा शीर्षक से पुरुषोत्तमदास टण्डन ने लिखा। १० वर्षों तक इस पत्रिका को प्रयाग से निकालने के बाद ...

                                               

माधुरी पत्रिका

माधुरी पत्रिका का प्रकाशन अगस्त १९२१ ई० में लखनऊ से हुआ। इसके संपादक विष्णुनारायण भार्गव थे। प्रारम्भ में कई वर्ष तक इसके संपादक दुलारेलाल भार्गव और रूपनारायण पाण्डेय थे। बाद में प्रेमचन्द और कृष्णबिहारी मिश्र ने इसका संपादन किया। इसके अतिरिक्त क ...

                                               

रानी सारन्धा

अँधेरी रात के सन्नाटे में धसान नदी चट्टानों से टकराती हुई ऐसी सुहावनी मालूम होती थी जैसे घुमुर-घुमुर करती हुई चक्कियाँ। नदी के दाहिने तट पर एक टीला है। उस पर एक पुराना दुर्ग बना हुआ है जिसको जंगली वृक्षों ने घेर रखा है। टीले के पूर्व की ओर छोटा-स ...

                                               

शतरंज के खिलाड़ी (कहानी)

शतरंज के खिलाड़ी मुंशी प्रेमचंद की हिन्दी कहानी है। इसकी रचना उन्होने अक्टूबर १९२४ में की थी और यह माधुरी पत्रिका में छपी थी। 1977 में सत्यजीत राय ने इसी नाम से इस कहानी पर आधारित एक हिन्दी फिल्म बनायी।

                                               

सोज़े-वतन

सोज़े वतन नामक कहानी संग्रह के रचनाकार नवाबराय हैं। इसका प्रकाशन १९०८ में हुआ। इस संग्रह के कारण प्रेमचन्द को सरकार का कोपभाजन बनना पडा। सोज़े वतन का अर्थ है देश का मातम। इस संग्रह में पाँच कहानियाँ थीं। दुनिया का सबसे अनमोल रतन, शेख मखमूर, यही म ...

                                               

हंस (संपादक प्रेमचंद)

हंस का प्रकाशन सन् 1930 ई० में बनारस से प्रारम्भ हुआ था। इसके सम्पादक मुंशी प्रेमचन्द थे। प्रेमचन्द के सम्पादकत्व में यह पत्रिका हिन्दी की प्रगति में अत्यन्त सहायक सिद्ध हुई। सन् 1933 में प्रेमचन्द ने इसका काशी विशेषांक बड़े परिश्रम से निकाला। वे ...

                                               

चंद्रकान्ता

चंद्रकांता हिन्दी की जानी मानी लेखिका है। उनके लेखन का प्रारंभ १९६६ से हुआ जब उनकी पहली कहानी खून के रेशे कल्पना में प्रकाशित हुई। आठ साल बाद उनका पहला कहानी संग्रह सलाखों के पीछे प्रकाशित हुआ। इसके छे साल बाद उनका पहला उपन्यास अर्थान्तर प्रकाशित ...

                                               

ज्ञान प्रकाश विवेक

हिन्दी लेखक- ज्ञान प्रकाश विवेक ज्ञान प्रकाश विवेक हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैI आपका जन्म हरियाणा के बहादुरगढ़ जिले में 1948 में हुुआ था I आपने हिन्दी साहित्य जगत को हििंदी गजलों, कविता, कहानियों एवं लघु कथाओं से समृद्ध किया है I ...

                                               

डॉ॰ नगेन्द्र

डॉ॰ नगेन्द्र हिन्दी के प्रमुख आधुनिक आलोचकों में थे। वे एक सुलझे हुए विचारक और गहरे विश्लेषक थे। अपनी सूझ-बूझ तथा पकड़ के कारण वे गहराई में पैठकर केवल विश्लेषण ही नहीं करते, बल्कि नयी उद्भावनाओं से अपने विवेचन को विचारोत्तेजक भी बना देते थे। उलझन ...

                                               

दामोदरदत्त दीक्षित

कथाकार-व्‍यंग्‍यकार दामोदर दत्‍त दीक्षित को उत्‍तर प्रदेश हिंदी संस्‍थान ने प्रेमचंद सम्‍मान प्रदान करने की घोषणा की है। ये सम्‍मान उन्‍हें भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित उनके उपन्‍यास धुंआ और चीखें के लिए दिया जा रहा है जिसमें उन्‍हें उत्‍तर प्रदेश ...

                                               

पदुमलाल पन्नालाल बख्शी

डॉ॰ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जिन्हें ‘मास्टरजी’ के नाम से भी जाना जाता है, हिंदी के निबंधकार थे। वे राजनांदगांव की हिंदी त्रिवेणी की तीन धाराओं में से एक हैं।। राजनांदगांव के त्रिवेणी परिसर में इनके सम्मान में मूर्तियों की स्थापना की गई है।

                                               

पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल

डॉ॰ पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल हिंदी में डी.लिट. की उपाधि प्राप्त करने वाले पहले शोधार्थी थे। उन्होंने अनुसंधान और खोज परंपरा का प्रवर्तन किया तथा आचार्य रामचंद्र शुक्ल और बाबू श्यामसुंदर दास की परंपरा को आगे बढा़ते हुए हिन्दी आलोचना को मजबूती प्रदान ...

                                               

बालमुकुंद गुप्त

बालमुकुंद गुप्त का जन्म गुड़ियानी गाँव, जिला रिवाड़ी, हरियाणा में हुआ। उन्होने हिन्दी के निबंधकाऔर संपादक के रूप हिन्दी जगत की सेवा की।

                                               

मंगलेश डबराल

मंगलेश डबराल समकालीन हिन्दी कवियों में सबसे चर्चित नाम हैं। इनका जन्म १६ मई १९४८ को टिहरी गढ़वाल, उत्तराखण्ड के काफलपानी गाँव में हुआ था, इनकी शिक्षा-दीक्षा देहरादून में हुई। दिल्ली आकर हिन्दी पैट्रियट, प्रतिपक्ष और आसपास में काम करने के बाद वे भ ...

                                               

मालती जोशी

मालती जोशी एक हिन्दी लेखिका हैं, जिन्हें २०१८ में साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। मालती जोशी का जन्म ४ जून १९३४ को औरंगाबाद में हुआ था। आपने आगरा विश्वविद्यालय से वर्ष १९५६ में हिन्दी विषय से ...

                                               

रघुवीर सहाय

रघुवीर सहाय हिन्दी के साहित्यकार व पत्रकार थे। रघुवीर सहाय का जन्म लखनऊ में हुआ था। अंग्रेज़ी साहित्य में एम ए १९५१ लखनऊ विश्वविद्यालय। साहित्य सृजन १९४६ से। पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक नवजीवन लखनऊ से १९४९ में। १९५१ के आरंभ तक उपसंपादक और सांस्कृत ...

                                               

रांगेय राघव

रांगेय राघव हिंदी के उन विशिष्ट और बहुमुखी प्रतिभावाले रचनाकारों में से हैं जो बहुत ही कम उम्र लेकर इस संसार में आए, लेकिन जिन्होंने अल्पायु में ही एक साथ उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, आलोचक, नाटककार, कवि, इतिहासवेत्ता तथा रिपोर्ताज लेखक के रूप ...

                                               

रामनारायण उपाध्याय

रामनारायण उपाध्याय हिन्दी के प्रसिद्ध लेखक हैं। उनका जन्म २० मई1918 को कालमुखी, मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ और शिक्षा गाँव में हुई। आपने गाँधी-जीवन से लेखन की प्रेरणा लेकर लेखन आरम्भ किया। भाषा शैली - सहज, सरल प्रभावशाली, ललित गद्यस शैली, इनके व ...

                                               

वासुदेव शरण अग्रवाल

हिंदी गद्य के लोकविश्रुत रचनाकार वासुदेव शरण अग्रवाल जी का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में स्थित खेड़ा नामक ग्राम में 6 अगस्त,1904 ई. को हुआ था। माता का निवास लखनऊ में होने के कारण इनका बचपन यहीं व्यतीत हुआ। माता-पिता की छत्र-छाया में रहकर अपन ...

                                               

विनोद कुमार शुक्ल

हिन्दी लेखक हिन्दी गद्यकार विनोद कुमार शुक्ल विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के प्रसिद्ध कवि और उपन्यासकार हैं! 1 जनवरी 1937 को भारत के एक राज्य छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में जन्मे शुक्ल ने प्राध्यापन को रोज़गार के रूप में चुनकर पूरा ध्यान साहित्य सृजन में ...

                                               

विश्वनाथ सचदेव

विश्वनाथ सचदेव लेखक, वरिष्ठ स्तम्भकाऔर नवभारत टाइम्स के पूर्व संपादक हैं। इनका जन्म 2 फ़रवरी, 1942 को साहीवाल में हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान का हिस्सा है। इन्होंने एम.ए. तक की पढ़ाई राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से की थी। बी.जे. की डिग्री इन ...

                                               

वी के शुक्ल

हिन्दी लेखक हिन्दी गद्यकार विनोद कुमार शुक्ल विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के प्रसिद्ध कवि और उपन्यासकार हैं! 1 जनवरी 1937 को भारत के एक राज्य छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में जन्मे शुक्ल ने प्राध्यापन को रोज़गार के रूप में चुनकर पूरा ध्यान साहित्य सृजन में ...

                                               

वृंदावनलाल वर्मा

वृन्दावनलाल वर्मा हिन्दी नाटककार तथा उपन्यासकार थे। हिन्दी उपन्यास के विकास में उनका योगदान महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने एक तरफ प्रेमचंद की सामाजिक परंपरा को आगे बढ़ाया है तो दूसरी तरफ हिन्दी में ऐतिहासिक उपन्यास की धारा को उत्कर्ष तक पहुँचाया है। इ ...

                                               

शेखर जोशी

शेखर जोशी कथा लेखन को दायित्वपूर्ण कर्म मानने वाले सुपरिचित कथाकार हैं। शेखर जोशी की कहानियों का अंगरेजी, चेक, पोलिश, रुसी और जापानी भाषाओं में अनुवाद हुआ है। उनकी कहानी दाज्यू पर बाल-फिल्म सोसायटी द्वारा फिल्म का निर्माण किया गया है।

                                               

सुधा अरोड़ा

सुधा अरोड़ा का जन्म लाहौर में सन् 1948 में हुआ, एक लेखिका है। उनकी उच्च शिक्षा कलकत्ता विश्वविधालय से हुई। इसी विश्वविधालय के दो कॉलेजों में उन्होंने सन् 1969 से 1971 तक अध्यापन कार्य किया। सुधा अरोड़ा कथा साहित्य में एक चर्चित नाम है।