ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 373




                                               

मार्केट यार्ड

मार्केट यार्ड भारत के महाराष्ट्र राज्य के पुणे ज़िले का एक क्षेत्र अर्थात नेबरहुड है यह पुणे ज़िले का एक मार्केट प्लेस है। यह महर्षि नगर इलाके में गुलटेकड़ी के पास स्थित है। यह पुणे में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक क्षेत्र भी गिना जाता है। यह फल,सब्जि ...

                                               

रालेगन सिद्धि

रालेगन सिद्धि, भारत के पश्चिम में स्थित राज्य महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले, की पारनेर तहसील में स्थित एक गांव है। यह पुणे से ८७ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव का क्षेत्रफल ९८२.३१ हेक्टेयर है । पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इसे एक आदर्श गांव मान ...

                                               

लातूर

लातूर महाराष्ट्र प्रान्त का एक शहर है। महाराष्ट्र के दक्षिणी सिरे में स्थित लातूर एक ऐतिहासिक स्‍थल है। इसे दक्षिण काशी के नाम से भी जाना जाता है। मांजरा नदी के तट पर बसे इस जिले में भारतीय पुराणों में वर्णित देवी तुलजाभवानी का मंदिर है। मूल नगर ...

                                               

वैजापुर

वैजापुर यह एक शहर है जो भारत देश के महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले में स्थित है। यहां पहूंचने के लिये रोटेगांव रेल्वे स्थानक को उतर सकते है, या फिर औरंगाबाद से मुंबई को नासिक से होकर जानेवाला राज्य महामार्ग यहां से गुजरता है। नारंगी और सारंगी ...

                                               

सतारा

सातारा भारत के महाराष्ट्र प्रान्त का एक शहर है। सतारा, बम्बई प्रेसीडेन्सी का एक नगर, पहले यह राज्य भी था। सतारा शाहूजी के वंशजों की राजधानी रहा। यद्यपि मराठा राज्य की सत्ता पेशवाओं के हाथों में जाने के फलस्वरूप यह उनके अधीन था।

                                               

सिंधुदुर्ग

सिंधुदुर्ग, शिवाजी द्वारा सन 1664 में महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवन तालुका के समुद्र तट से कुछ दूर अरब सागर में एक द्वीप पर निर्मित एक नौसैनिक महत्व के किले का नाम है। यह मुंबई के दक्षिण में महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में स्थित है। भारत ...

                                               

हरिहर नातू

हरिहर नातू महाराष्ट्र के प्रसिद्ध कीर्तनकार हैं। वे नारदीय कीर्तन शैली में कीर्तन करते हैं। श्री नाथू पिछले ३२ वर्षों से कीर्तन कर रहे हैं और बहुत से कीर्तन सम्मेलनों में भाग लिया है। उनके कीर्तन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति के अर्थ एवं उसकी महानत ...

                                               

पशु पालन कालेज, सेलिसीह, मिजोरम

पशु पालन कालेज, सेलिसीह, मिजोरम में स्थित है। यह कालेज 5 वर्षीय बी वी एस सी तथा पशु पालन डिग्री कार्यक्रम चलाता है। यह कालेज केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत कार्यरत है।

                                               

गारो पहाड़ियाँ

गारो पर्वत भारत के मेघालय राज्य में छोटे पहाड़ों की श्रंखला है जिसके अंतर्गत मेघालय के तीन ज़िले आते हैं, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गारो हिल्स। यह मेघालय में गारो-खासी श्रंखला का हिस्सा हैं। यहाँ मुख्य रूप से आदिवासी बसते हैं, जिनमें से मुख्यत: ...

                                               

चेरापूंजी

चेरापूंजी, जिसका स्थानीय और आधिकारिक नाम सोहरा है, भारत के मेघालय राज्य के पूर्व खासी हिल्स ज़िले में स्थित एक बस्ती है। यह शिलांग से 53 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान दुनिया भर में मशहूर है। हाल ही में इसका नाम चेरापूंजी से बदलकर सोहरा र ...

                                               

जोवाई

जोवाई भारत के मेघालय प्रांत का एक प्रमुख शहर है एवं पश्चिम जयन्तिया हिल्स जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। यह प्नार जनजाति का गृहस्थान भी है। इनके अवाला यहां वाऔर भोई जनजातियां भी रहती हैं। यह शहर तीन ओर से मिण्टडू नदी से घिरे हुए पठापर स्थित है ...

                                               

तुरा

तुरा भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले का एक पर्वतीय शहर है एवं राज्य के बड़े नगरों में से एक है। तुरा एक घाटी क्षेत्र है जो तुरा पहाड़ियों की तलहटी में तुरा शिखर के ठीक नीचे बसा है। तुरा की जलवायु वर्ष पर्यन्त मध्यम ही ...

                                               

मावसिनराम

मावसिनराम या मॉसिनराम, भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के पूर्वी खासी पर्वतीय जिले में बसा एक गाँव है। शिलांग से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गाँव अपनी 11.872 मिलीमीटर वार्षिक वर्षा के साथ पृथ्वी पर स्थित सबसे नम स्थान है, लेकिन इस दावे को कोल ...

                                               

मेघालय की जलवायु

मेघालय की जलवायु उपोष्ण तथा आर्द्र है। वार्षिक वर्षा 1200 से.मी. तक होती है जिसके कारण यह राज्य देश का सबसे "गीला" राज्य कहा जाता है। चेरापूंजी, जो राजधानी शिलांग से दक्षिण है, ने एक कैलेंडर महीने में सर्वाधिक बारिश का विश्व कीर्तिमान स्थापित किय ...

                                               

मेघालय में पर्यटन

मेघालय पूर्वोत्तर भारत का पर्वतीय राज्य है जो प्राकृतिक सम्पदा से परिपूर्ण है। राज्य की राजधानी शिलांग है जो राज्य के लगभग बीचोंबीच स्थित है और राज्य के सबसे ऊंचे पर्वतों के बीच बसी है। राज्य के बीच खासी पर्वत सबसे विस्तृत हैं, जिनके पूर्वी ओर अप ...

                                               

जयपुर के व्यंजन

जयपुर भ्रमण पर आये लोग अक्सर यहाँ खाने पीने की मशहूर चीज़ों के बारे में भी जानना चाहते हैं। जैसे मथुरा की पहचान वहाँ के पेड़ों से, आगरा की पेठों से, दिल्ली की परांठों और छोलों-कुलचों से होती रही है वैसी ही जयपुर भी एक ज़ायकेदार महानगर है। यहाँ रा ...

                                               

टांका

टांका एक पारम्परिक तकनीकी का थार रेगिस्तान में प्रयोग किया जाने वाला पानी का एक बड़ा गढ्ढा है। इसमें पानी को इकठ्ठा किया जाता है तथा बाल्टी की मदद से बाहर निकाल कर उपयोग में लिया जाता है। यह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ही बनाए जाते हैं। टा ...

                                               

दौलतपुरा

दौलतपुरा गांव राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील में स्थित है। यह जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से 20 कि.मी की दूरी पर है। गांव जाने के लिए हनुमानगढ़ से संगरिया जाने वाली सड़क पर मानकसर गांव से लिंक रोड होते हुए जाया जाता है। इस गांव की ज ...

                                               

प्रतापगढ़ (राजस्थान) का इतिहास

सुविख्यात इतिहासकार महामहोपाध्याय पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा के अनुसार "प्रतापगढ़ का सूर्यवंशीय राजपूत राजपरिवार मेवाड़ के गुहिल वंश की सिसोदिया शाखा से सम्बद्ध रहा है". महाराणा कुम्भा चित्तौडगढ़ और महाराणा प्रताप भी इसी वंश के प्रतापी शासक थे, क ...

                                               

प्रतापगढ़ (राजस्थान) की संस्कृति

प्राकृतिक सुषमा का धनी प्रतापगढ़ जिला बांसवाड़ा, चित्तौडगढ़, नीमच, रतलाम और मंदसौर जिलों से मिला हुआ है, इसलिए यह आकस्मिक नहीं है कि यहाँ की आदिवासी- संस्कृति और परम्परा पर न केवल राजस्थान, बल्कि मध्यप्रदेश की भाषा, वेशभूषा, बोलियों और संस्कृति क ...

                                               

प्रतापगढ़, राजस्थान

प्रतापगढ़, क्षेत्रफल में भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के ३३वें जिले प्रतापगढ़ जिले का मुख्यालय है। प्राकृतिक संपदा का धनी कभी इसे कान्ठल प्रदेश कहा गया। यह नया जिला अपने कुछ प्राचीन और पौराणिक सन्दर्भों से जुड़े स्थानों के लिए दर्शनीय है, यद् ...

                                               

बयाना

{{Infobox Indian Jurisdiction | | नगर का नाम = बयाना श्री पंथ | प्रकार = शहर तहसील | latd = | longd= | प्रदेश = राजस्थान | जिला = भरतपुर लोहगढ़ | शासक पद 1= | शासक का नाम 3= रंजीता कोली | ऊँचाई = 198 मीटर | जनगणना का वर्ष = 2011 | जनगणना स्तर = | ...

                                               

भरतपुर मंडल

भारत के राजस्थान प्रान्त को प्रशासन की सुविधा के लिए ७ मंडलों में विभाजित किया गया है। इनमें से एक भरतपुर मंडल है। भरतपुर मंडल में भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर जिले हैं।

                                               

भामाशाह कार्ड

भामाशाह कार्ड महेन्द्र राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान में भामाशाह योजना की नए सिरे से शुरूआत कर दी है। भामाशाह योजना के तहत महिलाओं को क्या-क्या सुविधाएं दी जाती हैं। इस योजना के तहत राज्य के डेढ़ करोड़ परिवारों की महिलाओं का बै ...

                                               

भावनदेसर

भावनदेसर भारत देश के राजस्थान राज्य में चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील में है। यह रतनगढ़ के संगम चौराहे से जाने वाली सड़क पर स्तिथ है। भावनदेसर ग्राम पंचायत का मुख्य गांव है। भावनदेसरका पहला सरपंच में हूं

                                               

मनोहरथाना

मनोहरथाना राजस्थान के दक्षिण पूर्व में स्थित झालावाड जिले का एक कस्बा है। यह राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा से कुछ ही दुरी पर स्थित है और कस्बे से मध्यप्रदेश सीमा करीब १२ किलोमीटर है। मनोहर थाना ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिती है, तहसील मनोहर थाना लगती ह ...

                                               

मरू प्रदेश

मरू प्रदेश उत्तर-पश्चिम भारत का प्रस्तावित राज्य है जो राजस्थान के कुछ भूभागों को मिलाकर बनाने का प्रयास है। प्रस्तावित राज्य में बाडमेर, जैसलमेर, बीकानेर, चुरु, गंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, जालोर, पाली, सिरोही, नागौर, झुंझुनू और सीकर को शामिल हैं।

                                               

माउंट आबू

समुद्र तल से १२२० मीटर की ऊंचाई पर स्थित आबू पर्वत राजस्थान का एकमात्र पहाड़ी नगर है। यह अरावली पर्वत का सर्वोच्च शिखर, जैनियों का प्रमुख तीर्थस्थान तथा राज्य का ग्रीष्मकालीन शैलावास है। अरावली श्रेणियों के अत्यंत दक्षिण-पश्चिम छोपर ग्रेनाइट शिला ...

                                               

राजस्थान अभिलेखागार

बीकानेर स्थित राजस्थान राज्य अभिलेखागार देश के सबसे अच्‍छे और चर्चित अभिलेखागारों में से एक है। इस अभिलेखागार की स्‍थापना 1955 में हुई और यह अपनी विपुल व अमूल्‍य अभिलेख निधि के लिए प्रतिष्ठित है। अभिलेखागार देश का पहला ई अभिलेखागार है। 26 सितम्बर ...

                                               

राजस्थान की अर्थव्यवस्था

राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि कार्यों एव पशुपालन पर ही निर्भर करती है, तथा कृषि के उपरान्त पशुपालन को ही जीविका का प्रमुख साधन माना जा सकता है।राजस्थान मुख्यत: एक कृषि व पशुपालन प्रधान राज्य है और अनाज व सब्जियों का निर्यात करता है। ...

                                               

राजस्थान की महत्वपूर्ण कला-संस्कृति इकाइयां

राजस्थान की प्रमुख कला संगमरमर के पत्थर से बनने वाली मूर्तियाँ है। संगमरमर पत्थर की मूर्ती कला का उद्गम स्थान अलवर जिले का किशोरी गाँव है। यहाँ के आदिगौड़ ब्राह्मण समाज ने मूर्तीकला को विकसित किया। भारत का सबसे बडा मूर्ती बाजार जयपुर मेंं स्थित ह ...

                                               

राजस्थान की रूपरेखा

यह रूपरेखा राजस्थान के बारे में एक सामयिक पथप्रदर्शक है। राजस्थान – क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत गणराज्य का सबसे बड़ा राज्य है। यह भारत के उत्तर-पश्चिम इलाके में स्थित है। इसमें थार रेगिस्तान नामक बहुत विशाल बंजर भूभाग शामिल है जिसे ग्रेट great भा ...

                                               

राजस्थान के राजकीय प्रतीक

राजकीय पक्षी=गोडावण राजकीय खेल=बास्केटबॉल राजकीय गीत=केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश राजकीय पुष्प=रोहिड़ा राजकीय वृक्ष=खेजड़ी राजकीय पशु=ऊंट /चिंकारा राजकीय लोक नृत्य=घूमर

                                               

राजस्थान दिवस

|अनुयायी = राजस्थान |आरम्भ = 30 मार्च|type = राजकीय }} राजस्थान दिवस इसे राजस्थान का स्थापना दिवस भी कहा जाता है। हर वर्ष के तीसरे महिने में 30 तारीख को राजस्थान दिवस मनाया जाता है। 30 मार्च, 1949 में जोधपुर, जयपुर, जैसलमेऔर बीकानेर रियासतों का व ...

                                               

राजस्थान प्रशासनिक सेवा

राजस्थान प्रशासनिक सेवा को लोकप्रिय आरएएस के नाम से जाना जाता है। यह भारत के राजस्थान राज्य की सर्वोच्च नागरिक सेवा है। इसमें हर वर्ष विभिन्न पदों पर भर्तियाँ नकलती है।

                                               

राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद्

राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद् राजस्थान के ९०० से अधिक राज्य सिविल सेवा अधिकारियों का जयपुर में स्थित स्वैच्छिक संगठन है जो अपने सदस्यों के प्रशासनिक हितों की रक्षा और जनता के हित में विविध सामाजिक कार्यक्रमों योजनाओं कार्यों में योगदान करता है| ...

                                               

राजस्थान रत्न

राजस्थान रत्न, राजस्थान सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है, जो 2012 से प्रारंभ हुआ। 2016 का राजस्थान रत्न पुरस्कार डॉ मंजुल भार्गव को दिया गया। 2019 में १७ बड़ी कम्पनीयो को यह पुरस्कार दिया गया । इसका आयोजन जयपुर में किया गया।

                                               

राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम

राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम राजस्थान सरकार की प्रमुख एजेंसी है जिसने राजस्थान के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। इसकी स्थापना १९६९ में हुई थी। रीको निवेशकों/उद्यमियों को बड़ी, मंझोली और छोटी परियोजनाओं के लिए अनूठ ...

                                               

राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम

राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम की स्थापना खनन गतिविधियों को वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध रूप से गति प्रदान करने हेतु की गई थी। २० फ़रवरी २००३ से आर एस एम डी सी को राजस्थान स्टेट माइन्स एण्ड मिनरल्स लिमिटेड में सम्मिलित कर दिया है।

                                               

राजस्थानी भाषा आंदोलन

राजस्थानी भाषा आन्दोलन 1947 से कार्यरत राजस्थानी भाषा के अधिक से अधिक प्रचार एवं मान्यता दिलाने के लिए प्रयासरत आन्दोलन है। राजस्थानी भाषा "मायड़ बोली" कि आवाज, प्रतिगीत,प्रेरक गीत के रूप में क्रांतिकारी सुखवीर सिहँ कविया का गीत "क्यूँ भूल्या माय ...

                                               

राजस्थानी रंगमंच

राजस्थानी रंगमंच पर अब तक जितने भी नाटकों का मंचन हुआ है या तो वे गुमनामी की चादर ओढ़े हुए है या उन्हें दर्शकों तक पहुँचाने में असमर्थता प्रमुख कारण रहा हो. यह बात दीगर है की राजस्थानी कला संस्कृति अपने आप में समृद्ध है।. फिर भी इस रेगिस्तान में ...

                                               

राजस्थानी लोग

राजस्थानी लोग भारत के राजस्थान क्षेत्र के मूल निवासियों को कहा जाता है। यद्दपि राजस्थानी लोगों की विभिन्न उपजातियता पायी जाती है लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप के सभी क्षेत्रों में राजस्थानी लोगों को मारवाड़ी के नाम से जाता है। उनकी भाषा राजस्थानी इण्डो ...

                                               

रानी, राजस्थान

रानी राजस्थान राज्य के पाली जिले का एक कस्बा एवं तहसील मुख्यालय है। यह शहर सुकड़ी नदी के किनारे के पास बसा हुआ हैं। रानी रेलवे स्टेशन भी है जो अजमेर रेल मंडल का प्रमुख स्टेशन है, वर्तमान में रानी रेलवे स्टेशन को नया भवन मिला है। रानी रेलवे स्टेशन ...

                                               

शुभलक्ष्मी योजना

राजस्थान सरकार ने बालिका के पैदा होने को शुभ मानने और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए शुभलक्ष्मी योजना शुरू की है। योजना के अंतरगत बेटियों के पैदा होने पर लड़की के माता-पिता को 2100 रुपिये सरकार द्वारा दिए जाएँगे। इसी प्रकार से जब बेटियों की उम ...

                                               

शूरसेन देश

शूरसेन देश प्राचीन काल में राजस्थान में जनपद था। राजस्थान भारत वर्ष के पश्चिम भाग में अवस्थित है जो प्राचीन काल से विख्यात रहा है। तब इस प्रदेश में कई इकाईयाँ सम्मिलित थी जो अलग-अलग नाम से सम्बोधित की जाती थी। उदाहरण के लिए जयपुर राज्य का उत्तरी ...

                                               

सपालदक्ष

सपालदक्ष प्राचीन काल में राजस्थान में जनपद था। राजस्थान भारत वर्ष के पश्चिम भाग में अवस्थित है जो प्राचीन काल से विख्यात रहा है। तब इस प्रदेश में कई इकाईयाँ सम्मिलित थी जो अलग-अलग नाम से सम्बोधित की जाती थी। उदाहरण के लिए जयपुर राज्य का उत्तरी भा ...

                                               

सरदार पटेल मेडिकल कालेज

सरदार पटेल मेडिकल कालेज यह बीकानेर नगर में स्थित है रास्थान का दूसरा सबसे पुराना मेडिकल कालेज है, उत्तर भारत का भी यह एक पुराना मेडिकल कालेज है, इस से पी.बी.एम चिकित्साल्य सम्बन्ध है।

                                               

सांचोर

प्राचीन काल में सत्यपुर जैनों का महत्वपूर्ण स्थान था। इसका जैन ग्रंथ ‘विविधतीर्थ कल्प’ में जैनतीर्थ के रूप में वर्णन है। जैन स्तोत्र तीर्थमालाचैत्यवंदन और महावीर स्वामी के शिष्य द्वारा रचित जगचिंतामणि चैत्यवंदन में भी इसका नामोल्लेख है। जैन तीर्थ ...

                                               

सांडवा

सांडवा, भारत में राजस्थान राज्य के शेखावाटी क्षेत्र में स्थित चुरू जिले की बीदासर तहसील का एक कस्बेनुमा गाँव है। यह जयपुर-बीकानेर राजमार्ग पर स्थित है। यह जयपुर से 245, बीकानेर से 125 किमी और दिल्ली से 405 किलोमीटर से किमी दूर है। यह उत्तम स्कूलो ...

                                               

सादड़ी

सादडी राजस्थान राज्य के पाली जिले की देसुरी तहसील का एक नगर है, जो कि अरावली की पहाड़ियों की गोद मे बसा हुआ है। यह क़स्बा विभिन्न भागों में बटा हुआ है। जाटो की डोरण, राजपूत कॉलोनी, अम्बेडकर नगर, नई आबादी, विश्वकर्मा कॉलोनी, चौहानो का बांग्ला, सिं ...