ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 379




                                               

ब्राह्मी

ब्राह्मी का एक औषधीय पौधा है जो भूमि पर फैलकर बड़ा होता है। इसके तने और पत्तियाँ मुलामय, गूदेदाऔर फूल सफेद होते है। यह पौधा नम स्‍थानों में पाया जाता है, तथा मुख्‍यत: भारत ही इसकी उपज भूमि है। इसे भारत वर्ष में विभिन्‍न नामों से जाना जाता है जैसे ...

                                               

हाइड्रोचैरिटेसिए

हाइड्रोचैरिटेसिए सपुष्पक पौधों का एक जीववैज्ञानिक कुल है जिसमें १६ ज्ञात वंशों के अंतर्गत १३५ जातियाँ आती हैं। इस कुल में मीठे पानी व समुद्री जल में उगने वाली कई जातियाँ हैं। यह मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मिलती हैं हालांकि कुछ अन्य स ...

                                               

वाइटेसिए

वाइटेसिए सपुष्पक द्विबीजपत्री वनस्पतियों का एक जीववैज्ञानिक कुल है, जिसमें १४ वंश और अनुमानित ९१० जातियाँ आती हैं, जिनमें अंगूरबेल शामिल है। कुल का नाम वाइटिस वंश से उत्पन्न हुआ है। सन् २००९ से वाइटेसिए कुल को अकेले अपने अलग वाइटालेस जीववैज्ञानिक ...

                                               

तालिसपत्र

तालिसपत्र, बिरमी या ज़रनब कोणधारी वृक्षों का एक जीववैज्ञानिक कुल है जो पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध के पहाड़ी क्षेत्रों में मिलता है। इसकी बहुत सी जातियाँ हैं जिनमें से कुछ छोटे पेड़ हैं और कुछ झाड़ियाँ हैं। इनकी बहुत सी टहनियाँ होती हैं जिनपर सदाबहा ...

                                               

पायनालेज़

पायनालेज़ वृक्षों का वह जीववैज्ञानिक गण है जिसमें वह सारे कोणधारी पेड़ आते हैं जो इस समय विश्व में अस्तित्व में हैं। इस गण को पहले कोनिफ़ेरालेज़​ कहा जाता था। जीववैज्ञानिक वर्गीकरण की दृष्टि से पायनालेज़ पिनोप्सिडा जीववैज्ञानिक वर्ग का हिस्सा है ...

                                               

पायनेसीए

पायनेसीए, जिसे चीड़ परिवार भी कहा जा सकता है, कोणधारी वृक्षों और पौधों का एक कुल है जिसमें देवदार, चीड़ और सनोबर जैसे वृक्ष शामिल हैं। यह परिवार पायनालेज़ नामक गण में आता है। अगर कोणधारियों को देखा जाए तो पायनेसीए उसका सबसे बड़ा कुल है और इसमें २ ...

                                               

सनोबर

सनोबर एक सदाबहार कोणधारी वृक्ष है जो दुनिया के उत्तरी गोलार्ध के पहाड़ी क्षेत्रों में मिलता है। इसकी ४५-५५ जातियाँ हैं और यह पायनेसीए नामक जीवैज्ञानिक कुल का सदस्य है। सनोबर १० से ८० मीटर तक के ऊँचे पेड़ होते हैं। इनके तीली जैसे पत्ते टहनी से जुड ...

                                               

सरल (वृक्ष)

प्रसरल या सिर्फ़ सरल एक कोणधारी वृक्षों का जीववैनिक वंश है जो पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध के ठन्डे इलाक़ों में मिलता है। इस वंश को पाइसीया भी कहा जाता है। यह २० से ६० मीटर तक के ऊँचे पेड़ होते हैं और अपने कोण जैसे आकाऔर सर्पिल तरह से सुसज्जित तीली ज ...

                                               

सरू

सरू चीड़ परिवार का कोणधारी किस्म का एक पौधा है। यह पश्चिमी हिमालय और भूमध्य क्षेत्र में पाया जाता है। हिमालय क्षेत्र में यह १५००-३२०० मीटर एवं भूमध्य क्षेत्र में १०००-२२०० मीटर की ऊँचाई पर पाया जाता है।

                                               

हपुषा

हाउबेर/हाऊबेर या हपुषा एक कोणधारी वृक्ष है जिसकी ५० से ६७ जीववैज्ञानिक जातियाँ हैं जो पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध पर विस्तृत हैं। यह कूप्रेसाएसिए जीववैज्ञानिक कुल में आते हैं, जिसका सबसे प्रसिद्ध वृक्ष-प्रकार सरो है। हपुषा आयुर्वेद और अन्य पारम्परिक ...

                                               

अमलतास

अमलतास पीले फूलो वाला एक शोभाकर वृक्ष है। अमलतास को संस्कृत में व्याधिघात, नृप्रद्रुम इत्यादि, गुजराती में गरमाष्ठो, बँगला में सोनालू तथा लैटिन में कैसिया फ़िस्चुला कहते हैं। शब्दसागर के अनुसार हिंदी शब्द अमलतास संस्कृत अम्ल खट्टा से निकला है। भा ...

                                               

कचनार

कचनार एक सुंदर फूलों वाला वृक्ष है। कचनार के छोटे अथवा मध्यम ऊँचाई के वृक्ष भारतवर्ष में सर्वत्र होते हैं। लेग्यूमिनोसी कुल और सीज़लपिनिआयडी उपकुल के अंतर्गत बॉहिनिया प्रजाति की समान, परंतु किंचित्‌ भिन्न, दो वृक्षजातियों को यह नाम दिया जाता है, ...

                                               

गुड़हल

गुड़हल या जवाकुसुम वृक्षों के मालवेसी परिवार से संबंधित एक फूलों वाला पौधा है। इसका वनस्पतिक नाम है- हीबीस्कूस् रोज़ा साइनेन्सिस। इस परिवार के अन्य सदस्यों में कोको, कपास, भिंडी और गोरक्षी आदि प्रमुख हैं। यह विश्व के समशीतोष्ण, उष्णकटिबंधीय और अर ...

                                               

गुलदाउदी

गुलदाउदी एक बारहमासी सजावटी फूलों का पौधा है। इसकी लगभग 30 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। मुख्यतः यह एशिया और पूर्वोत्तर यूरोप मे पाया जाता है। ग्रीक भाषा के अनुसार क्राइसैंथिमम शब्द का अर्थ स्वर्णपुष्प है। इस जाति का पुष्प छोटा तथा सम्मित एनीमोन सदृश ...

                                               

प्राजक्ता (फूल)

प्राजक्ता एक पुष्प देने वाला वृक्ष है। इसे हरसिंगार, शेफाली, शिउली आदि नामो से भी जाना जाता है। इसका वृक्ष 10 से 15 फीट ऊँचा होता है। इसका वानस्पतिक नाम निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस है। पारिजात पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते औ ...

                                               

ट्राइलोबाइट

ट्राइलोबाइट विलुप्त प्राणियों की एक श्रेणी है जो समुद्री सन्धिपाद थे। वे सबसे पहले कैंब्रियन कल्प के शुरुआती काल में आज से ५२.१ करोड़ वर्ष पहले उत्पन्न हुए और भी पुराजीवी महाकल्प काल में फैले और विविध हुए। उसके बाद उनकी जातियों की धीरे-धीरे विलुप ...

                                               

मेगालोडोन

मेगालोडोन, जिसका अर्थ यूनानी, में "बड़े दाँत" होता है प्रागैतिहासिक काल में रहने वाली एक विशाल हाँगर थी। इस प्रजाति के सबसे पुराने मिले अवशेष लगभग 18 लाख वर्ष पुराने है,और ऐसा माना जाता है कि कैरकारोडोन मेगालोडोन संभवतः 1.5 करोड़ वर्ष पहले विलुप् ...

                                               

राजस्व आसूचना निदेशालय

राजस्व आसूचना निदेशालय या राजस्व खुफिया निदेशालय, एक भारतीय खुफिया एजेंसी है। यह भारत की प्रमुख तस्करी विरोधी खुफिया, जांच और संचालन एजेंसी है। निदेशालय केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड CBIC के अधिकारियों द्वारा चलाया जाता है, जो इसकी व ...

                                               

महावीर स्वामी अभयारण्य

उत्तर प्रदेश के ललितपुर में स्थित महावीर स्वामी अभ्यारण की स्थापना 1977 ई. में हुई थी। यह अभ्यारण पांच वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पक्षियों के कई प्रजातियां देखी जा सकती है। कई जानवर जैसे तेंदुआ, नीलगाय, साम्भर, नीली बैल, लंगूऔ ...

                                               

वन्य प्राणी उद्यान, दिल्ली

वन्य प्राणी उद्यान को चिड़ियाघर भी कहा जाता है। दिल्ली का चिड़ियाघर एशिया के सबसे अच्छे चिड़ियाघरों में एक है। यह पुराने किले के पास ही स्थित है। 1959 में बने इस चिड़ियाघर का डिजाइन श्रीलंका के मेजर वाइनमेन और पश्चिम जर्मनी के कार्ल हेगलबेक ने बन ...

                                               

दल चक्र

फूल के हरी पंखुड़ियों के भीतर दलचक्र स्थित रहता है। ये प्रायः रंगीन होते हैं तथा इनमें सुगन्ध भी मौजूद रहती है। रात के समय खिलने वाले पुष्पों के रंग सफेद होते हैं तथा उनमें तेज सुगन्ध होती है। दल चक्र के एक भाग को दल कहते हैं।

                                               

अलिस्मातालेस

अलिस्मातालेस सपुष्पक पौधों का एक जीववैज्ञानिक गण है, जिसमें लगभग ४,५०० जातियाँ वर्गीकृत हैं। यह जातियाँ अधिकतर उष्णकटिबंधीय या जलीय हैं। कुछ मीठे पानी में उगती हैं और कुछ समुद्री पर्यावासों में।

                                               

कैरियोफ़िलालीस

कैरियोफ़िलालीस सपुष्पक पौधों का एक जीववैज्ञानिक गण है जिसमें कैक्टस, खट्टी पालक और कई मांसाहारी पौधे आते हैं। इनमें से कई गूदेदार पौधे होते हैं और मोटे पत्ते या टहनियाँ रखते हैं। सारी युडिकॉट वनस्पति जातियों के लगभग ६% इसी गण के सदस्य हैं।

                                               

मालपिग्यालेस

मालपिग्यालेस सपुष्पक पौधों के सबसे विस्तृत जीववैज्ञानिक गणों में से एक है। इसमें लगभग १६,००० जातियाँ शामिल हैं जो कि पूरे युडिकॉट समूह का लगभग ७.८% प्रतिशत है। इन जातियों में आपस में बहुत विविधता है। बड़े आकार वाला बैंस, छोटा-सा फूलों वाला बनफ़्श ...

                                               

मैलवेलीस

मैलवेलीस सपुष्पक पौधों का एक जीववैज्ञानिक गण है, जिसमें ९ कुलों के अंतर्गत लगभग ६,००० जातियाँ आती हैं। इस गण के अधिकतर सदस्य क्षुप और वृक्ष हैं, और अधिकांश विश्व के ऊष्णकटिबन्धीय व ऊष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में फैली हुई हैं। गुड़हल, भिण्डी, बाओबाब ...

                                               

राइज़ोफ़ोरासिए

राइज़ोफ़ोरासिए पृथ्वी के ऊष्णकटिबन्ध और उपोष्णकटिबन्ध क्षेत्रों में मिलने वाले सपुष्पक पौधों का एक जीववैज्ञानिक कुल है। इसकी सबसे प्रसिद्ध सदस्य जातियाँ राइज़ोफ़ोरा जीववैज्ञानिक वंश में आने वाले मैंग्रोव हैं। कुल मिलाकर राइज़ोफ़ोरासिए कुल में १४७ ...

                                               

लौरालेस

लौरालेस सपुष्पक पौधों का एक जीववैज्ञानिक गण है जो मैग्नोलिड नामक क्लेड का सदस्य है। इस गण में २५००-२८०० जातियाँ आती हैं जो ८५-९० वंशों में संगठित हैं। यह अधिकतर पृथ्वी के ऊष्णकटिबन्ध और उपोष्णकटिबन्ध क्षेत्रों में उगती हैं हालांकि कुछ गिनी-चुनी ज ...

                                               

सैंटालेलीस

सैंटालेलीस सपुष्पक पौधों का एक जीववैज्ञानिक गण है। यह विश्वभर में मिलते हैं लेकिन इनकी भारी संख्या उष्णकटिबंधीय व उपोष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में मिलती है। इसका नाम संदल से उत्पन्न हुआ है, जो इसका प्रकार वंश है।

                                               

एकबीजपत्री

मोनोकॉट​ या एकबीजपत्री सपुष्पक पौधों का एक समूह है जिनके बीजों में एक ही बीजपत्र होता है। इनके विपरीत युडिकॉट​ पौधों के बीजों में दो बीजपत्र होते हैं। फूलधारी पौधों की यही दो मुख्य श्रेणियाँ हैं। घास, गेंहू और मक्का

                                               

युडिकॉट

युडिकॉट​ सपुष्पक पौधों का एक समूह है जिनके बीजों के दो हिस्से होते हैं, जिसके विपरीत मोनोकॉट पौधों के बीजों में एक ही बीजपत्र होता है। फूलधारी पौधों की यही दो मुख्य श्रेणियाँ हैं।

                                               

मूसला जड़

मूसला जड़ कुछ पौधों की एक मुख्य केन्द्रीय जड़ होती है जिसमें से अन्य जड़ें निकलती हैं। प्रायः मूसला जड़ लगभग सीधी और मोटी है जिसकी चौड़ाई नीचे जाते-जाते घटती जाती है। यह अक्सर सीधी नीचे की ओर बढ़ती है। कुछ गाजर व चुकंदर जैसे पौधो में मूसला जड़ मे ...

                                               

संकर बीज

कृषि के सन्दर्भ में संकर बीज वे बीज कहलाते हैं जो दो या अधिक पौधों के संकरण द्वारा उत्पन्न होते हैं। संकरण की प्रक्रिया अत्यंत नियंत्रित व विशिष्ट होती है।

                                               

सुपारी

सुपारी, अरेका कटेचु नामक पौधे के फल का बीज है जो दक्षिणी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा अफ्रीका के अनेक भागों में पैदा होता है।

                                               

कनेर

कनेर का फूल बहुत ही मशहूर है। कनेर के पेड़ की ऊंचाई लगभग 10 से 11 हाथ से ज्यादा बड़े नहीं होते हैं। पत्ते लम्बाई में 4 से 6 इंच और चौडाई में 1 इंच, सिरे से नोकदार, नीचे से खुरदरे, सफेद घाटीदाऔर ऊपर से चिकने होते है। कनेर के पेड़ वन और उपवन में आस ...

                                               

कनेर (पीली)

पीले फूल वाली कनेर छोटी उंचाई वाला वृक्ष है। इसमें पीले फूल लगते हैं। इसकी पत्तियाँ लम्बी-पतली होतीं हैं। कनेर पीली का दूध शरीर की जलन को नष्ट करने वाला और विषैला होता है। इसकी छाल कड़वी भेदन व बुखार नाशक होती है। छाल की क्रिया बहुत ही तेज होती ह ...

                                               

गुड़मार

गुड़मार एक औषधीय पौधा है जो मध्य भारत, दक्षिण भारत और श्रीलंका का देशज है॥ यह बेल के रूप में होता है। इसकी पत्ती को खा लेने पर किसी भी मीठी चीज का स्वाद लगभग एक घंटे तक के लिए समाप्त हो जाता है। इसे खाने के बाद गुड़ या चीनी की मिठास खत्म हो जाती ...

                                               

गुल अब्बास

गुल अब्बास साधारणतया चार बजिया फूल के नाम से जाना जाने वाली ऑर्नामेंटल जाती की फूल है। यह फूल अनेक रंगों में उपलब्ध होती हैं। यह फूल साधारण रूप से चार बजे के लगभग में खिलता है, जिस से इसे "चार बजे की फूल" की संज्ञा भी दी जाती है। फूलों का उपयोग फ ...

                                               

गुल धावी

गुल धावी या अग्नि ज्वाला एक प्रकार का पुष्पीय पौधा है, जो भारत, पाकिस्तान, चीन, श्रीलंका और हिन्द महासागर के बहुत से द्वीपों में मिलता है। अक्सर यह पहाड़ की ढलानों पर उगता पाया जाता है लेकिन ४००० फ़ुट से ऊँचे स्थानों पर नहीं उगता। इसका दहकता लाल ...

                                               

गुलमेंहदी

गुलमेंहदी एक सुगन्धित सदाबहार जड़ी-बूटी है जिसके पत्ते सुई के आकार के होते हैं। यह भूमध्यसागरीय क्षेत्र का मूल पौधा है। यह पुदीना परिवार लैमियेसी की सदस्य है, जिसमे और भी कई जड़ी-बूटी शामिल हैं।

                                               

गुलाब

गुलाब एक बहुवर्षीय, झाड़ीदार, कंटीला, पुष्पीय पौधा है जिसमें बहुत सुंदर सुगंधित फूल लगते हैं। इसकी १०० से अधिक जातियां हैं जिनमें से अधिकांश एशियाई मूल की हैं। जबकि कुछ जातियों के मूल प्रदेश यूरोप, उत्तरी अमेरिका तथा उत्तरी पश्चिमी अफ्रीका भी है। ...

                                               

गेंदा

गेंदा बहुत ही उपयोगी एवं आसानी से उगाया जाने वाला फूलों का पौधा है। यह मुख्य रूप से सजावटी फसल है। यह खुले फूल, माला एवं भू-दृश्य के लिए उगाया जाता है। मुर्गियों के दाने में भी यह पीले वर्णक का अच्छा स्रोत है। इसके फूल बाजार में खुले एवं मालाएं ब ...

                                               

चमेली

चमेली का फूल झाड़ी या बेल जाति से संबंधित है, इसकी लगभग २०० प्रजाति पाई जती हैं। "चमेली" नाम पारसी शब्द "यासमीन" से बना है, जिसका मतलब "प्रभु की देन" है। चमेली, जैस्मिनम Jasminum प्रजाति के ओलिएसिई Oleaceae कुल का फूल है। भारत से यह पौधा अरब के म ...

                                               

जिन्निया

नासा द्वारा 16 जनवरी 2016 को जारी सूचना के अनुसार वैज्ञानिकों ने अंतरर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में एक फूल उगाने में सफलता प्राप्त की. यह अमेरिका में पाया जाने वाला जिन्निया नामक फूल है। यह पहली बार हुआ है जब वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से बाहर कोई फूल ख ...

                                               

ट्यूलिप

ट्यूलिप वसंत ऋतु में फूलनेवाला पादप है। ट्यूलिप के नैसर्गिक वासस्थानों में एशिया माइनर, अफगानिस्तान, कश्मीर से कुमाऊँ तक के हिमालयी क्षेत्र, उत्तरी ईरान, टर्की, चीन, जापान, साइबीरिया तथा भूमध्य सागर के निकटवर्ती देश विशेषतया उल्लेखनीय हैं। वनस्पत ...

                                               

डहेलिया

डैलिया या डहेलिया सूर्यमुखी कुल, द्विदली वर्ग का पौधा है। इसका वितरणकेंद्र मेक्सिको तथा मध्य अमरीका में है। यह बड़े आकार का अनेक रंगों और आकारों में पाया जाने वाला ऐसा आकर्षक फूल है जिसमें नीले रंग को छोड़कर विभिन्न रंगों और रूपाकारों की ५०,००० स ...

                                               

डायनथस कैरीओफ़िलस

कार्नेशन एक महत्वपूर्ण एवं अत्यंत आकर्षक व्यावसायिक पुष्प है। यह कैरियोफाइलेसी कुल का सदस्य है। इसका वानस्पतिक नाम डायन्थस कैरियोफिलस है। कार्नेशन का उत्पत्ति स्थल दक्षिण फ्रांस माना जाता है। इसको डिविन् फ्लॉवर के नाम से जाना जाता है। इसके पुष्प ...

                                               

नाग केसर

नागकेसर या नागचम्पा एक सीधा सदाबहार वृक्ष है जो देखने में बहुत सुंदर होता है। यह द्विदल अंगुर से उत्पन्न होता है। पत्तियाँ इसकी बहुत पतली और घनी होती हैं, जिससे इसके नीचे बहुत अच्छी छाया रहती है। इसमें चार दलों के बडे़ और सफेद फूल गरमियों में लगत ...

                                               

नीलकमल

नीलकमल एक प्रकार का कमल है जिसका फूल नीलापन लिए हुए होत है। यह एशिया के दक्षिणी और पूर्वी भाग का देशज पादप है तथा श्री लंका एवं बांग्लादेश का राष्ट्रीय पुष्प है। कभी-कभी मिस्र में पाए जाने वाले नीले कमल को भी इस प्रजाति के अन्तर्गत माना जाता है।

                                               

पीताम्बर

पीताम्बर एक एकवर्षीय, झाड़ीदार, पुष्पीय पौधा है। इसकी २६० से अधिक जातियां हैं, जिन में से अधिकांश दक्षिणी अमेरिका मूल की हैं। मौजूदा वक्त में यह प्रजाति विभिन्न उष्ण-कटिबंधीय देशों में पायी जाती है, अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, एशिया में यह पौधा आक्रामक ...

                                               

बाह्यदलपुंज

पुष्प के सबसे बाहरी चक्र को बाह्यदलपुंज कहा जाता है। यह पुष्प का सबसे नीचे एवं बाहर का भाग है। इसमें पत्तियों के समान हरे रंग के कई बाह्य दल या अंखुड़ी पाए जाते हैं। जिस समय फूल कली की अवस्था में रहता है, बाह्य दल उसे ढँककर रखता है तथा उसकी रक्षा ...