ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 415




                                               

अस्कोट

अस्कोट उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक कस्बा है। यह कुमाऊँ मण्डल में आता है। अस्कोट प्राचीनकाल में इसी नाम के एक राज्य की राजधानी हुआ करता था। यह डीडीहाट तहसील और कनालीछीना विकासखंड का हिस्सा है। अस्कोट यहाँ स्थित एक वन्य जीव अभ्यारण्य क ...

                                               

उनियाल

उनियाल उत्तर भारत की गढ़वाली ब्राह्मण जाति है, जो अक्सर उत्तरांचल राज्य में उपयोग होती है। यह उत्तराखंड के श्रेष्ठतम ब्राह्मणों में जाने जाते हैं। नौंवी शताब्दी में विहार राज्य के मिथिला से जयानन्द व विजयानन्द झा जो कि ममेरे भाई थे व भारद्वाज व क ...

                                               

एफ़आरआई और कॉलेज एरिया

२००१ की भारतीय जनगणना के अनुसार, एफ़आरआई और कॉलेज एरिया की जनसंख्याअ ५,४२८ है। कुल जनसंख्या में पुरुष ५३% और महिलाएं ४७% हैं। एफ़आरआई और कॉलेज एरिया की औसत साक्षरता दर ८१% है, जो राष्ट्रीय औसत ६५% से अधिक है: पुरुष साक्षरता ८४% और महिला साक्षरता ...

                                               

कालाढूंगी

कालाढूंगी उत्तराखण्ड राज्य के नैनीताल जनपद में स्थित एक नगर है। यह नगर हल्द्वानी-रामनगर तथा बाजपुर-नैनीताल सड़कों के चौराहे पर हल्द्वानी से २६ किलोमीटर, नैनीताल से ३० किलोमीटर तथा बाजपुर से १९ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कालाढूंगी नैनीताल जनपद ...

                                               

कुमाऊँ मण्डल

यह लेख कुमाऊँ मण्डल पर है। अन्य कुमाऊँ लेखों के लिए देखें कुमांऊॅं कुमाऊँ मण्डल भारत के उत्तराखण्ड राज्य के दो प्रमुख मण्डलों में से एक हैं। अन्य मण्डल है गढ़वाल। कुमाऊँ मण्डल में निम्नलिखित जिले आते हैं:- उधमसिंह नगर बागेश्वर पिथौरागढ़ अल्मोड़ा ...

                                               

गढ़वाल मण्डल

यह लेख गढ़वाल मण्डल पर है। अन्य गढ़वाल लेखों के लिए देखें गढ़वाल। गढ़वाल भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है। यहाँ की मुख्य भाषा गढ़वाली तथा हिन्दी है। गढ़वाल का साहित्य तथा संस्कृति बहुत समृद्ध हैं। लोक संस्कृत भी अत्यंत प्राचीन और ...

                                               

गढ़वाल में धर्म

गढ़वाल में निवास करने वाले व्यक्तियों में से अधिकांश हिन्दू हैं। यहाँ निवास करने वाले अन्य व्यक्तियों में मुस्लिम, सिख, ईसाई एवं बौद्ध धर्म के लोग सम्मिलित हैं। गढ़वाल का अधिकांश भाग पवित्र भू-दृश्यों एवं प्रतिवेशों से परिपूर्ण है। उनकी पवित्रता ...

                                               

गोरखाली

गोरखाली सन १८०३ में नेपाल की गोरखा सेना द्वारा गढ़वाल राज्य पर किये गये आक्रमण को कहा जाता है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार केदारखण्ड कई गढ़ों किले में विभक्त था। इन गढ़ों के अलग-अलग राजा थे जिनका अपना-अपना आधिपत्य क्षेत्र था। इतिहासकारों के अनुसार ...

                                               

चौखुटिया

चौखुटिया शब्द दो कुमाउँनी शब्दों "चौ" तथा "खुट" से बना है। कुमाउँनी भाषा में चौ शब्द का अर्थ होता है चार, तथा खुट शब्द का अर्थ होता है पैर। इससे चौखुट का अर्थ हुआ चार पैऔर चौखुटिया का अर्थ हुआ चार पैरों वाला। चार पैर यहां चार मार्गों के सन्दर्भ म ...

                                               

जसपुर, उत्तराखण्ड

यहां पर घना वन क्षेत्र होने तथा राज्‍य की सीमा के पास होने के कारण से चन्‍द्र वंश की छावनी यहीं पर स्‍थापित थी। कहा जाता है कि जसपुर की स्‍थापना चन्‍द्र वशं के सुप्रसिद्ध सेनापति यशोधर सिंह अधिकारी द्वारा की गयी थी। जिसका नाम यशपुर था कालान्‍तर म ...

                                               

द्वाराहाट

द्वाराहाट उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा ज़िले का एक कस्बा है जो रानीखेत से लगभग 21 किलोमीटर दूर स्थित है। द्वाराहाट में तीन वर्ग के मन्दिर हैं - कचहरी, मनिया तथा रत्नदेव। इसके अतिरिक्त बहुत से मन्दिर प्रतिमाविहीन हैं। द्वाराहाट में गूजरदेव का मन्द ...

                                               

धारचूला

धारचूला, पिथौरागढ़ जिला, उत्तराखंड में स्थित एक क्षेत्र है। यह कुमाऊँ मण्डल में आता है। धारचूला की प्रमुख भाषा हिन्दी, पहाड़ी, नेपाली, कुमाऊँनी, और रङ्ग ल्व रंग भाषा है।

                                               

पंतनगर

पंतनगर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के उधम सिंह नगर जनपद में स्थित एक नगर है। गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा पंतनगर विमानक्षेत्र यहां ही स्थित हैं। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, गोविन्द बल्लभ पन्त के नाम पर ही इस नगर ...

                                               

परमार्थ निकेतन

परमार्थ निकेतन भारत देश के उत्तराखंड राज्य में ऋषिकेश में स्थित एक आश्रम है। यह हिमालय की गोद में गंगा के किनारे स्थित है। इसकी स्थापना 1942 में सन्त सुकदेवानन्द जी महाराज ने की थी। सन् 1986 स्वामी चिदानन्द सरस्वती इसके अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक मुख ...

                                               

बाजपुर

इतिहासकारों के अनुसार सोलहवीं सदी तक बाजपुर चैरासी माल का एक परगना था। बाजपुर का पुराना नाम मुन्डिया था। राजा रुद्रचन्द्र ने मुगल बादशाह अकबर से चैरासी माल का पूर्ण अधिकार प्राप्त कर तराई के प्रबन्ध पर पर्याप्त ध्यान दिया। किन्तु राजा रुद्र चन्द ...

                                               

बेंजी

बेंजी भारत के उत्तरांचल राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में सिल्ली नामक छोटे शहर के पास स्थित एक गाँव है। स्थानीय गढ़वाली बोली में इसका उच्चारण ब्येंजि होता है। बेंजी ग्राम के निवासियों का उपनाम बेंजवाल होता है।

                                               

भवाली

भवाली या भुवाली उत्तराखण्ड राज्य के नैनीताल जनपद में स्थित एक नगर है। यह कुमाऊँ मण्डल में आता है। शान्त वातावरण और खुली जगह होने के कारण भवाली कुमाऊँ की एक शानदार नगरी है। यहाँ पर फलों की एक मण्डी है। यह एक ऐसा केन्द्र - बिन्दु है जहाँ से काठगोदा ...

                                               

मरचा एवं तोलचा समूह

मारचा एवं तोलचा ऊपरी चमोली के ठंडे एवं सूखे भागों में माणा एवं नीति घाटियों में मारचा वास करते हैं। यद्यपि वे तिब्बती भाषा बोलते हैं, उनके मुखाकृति की विशेषता आर्यो से मिलती-जुलती दिखती है। चूंकि मूल रूप से वे तिब्बत से आये हैं इसलिए मारचा हिन्दू ...

                                               

लक्ष्मण झूला

पुरातन कथनानुसार भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण ने इसी स्थान पर जूट की रस्सियों के सहारे नदी को पार किया था। स्वामी विशुदानंद की प्रेरणा से कलकत्ता के सेठ सूरजमल झुहानूबला ने यह पुल सन् 1889 में लोहे के मजबूत तारों से बनवाया, इससे पूर्व जूट की रस् ...

                                               

श्रीनगर, गढ़वाल का पौराणिक संदर्भ

उत्तराखंड का गढ़वाल क्षेत्र देवभूमि कहा गया है। इसका अपना एक विस्तृत इतिहास है। हिन्दुओं के पौराणिक लेखों में इसे श्री क्षेत्र कहा गया है जो भगवान शिव की पसंद है। किंवदन्ती है कि महाराज सत्यसंग को गहरी तपस्या के बाद श्री विद्या का वरदान मिला जिसक ...

                                               

श्रीनगर, गढ़वाल की परंपराएं

वाल्टन के अनुसार वर्ष 1901 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या 2.091 थी जिसमें ब्राह्मण, राजपूत, जैन, अग्रवाल, बनिया, सुनार तथा कुछ मुसलमान भी शामिल थे। वह बताता है कि व्यापारी मुख्यतः नजीबाबाद से कार्य करते थे जहां से वे कपड़े, गुड़ तथा अन्य व् ...

                                               

श्रीनगर, गढ़वाल की सभ्यता

गढ़वाल के 17 पंवार राजाओं का आवास होने के नाते श्रीनगर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक तथा प्रशासनिक केंद्र रहा है। यही वह जगह है जहां निपुण चित्रकार मौलाराम के अधीन चित्रकारी स्कूल विकसित हुआ। यहां के पुराने राजमहलों में गढ़वाली पुरातत्व के सर्वोत्तम उ ...

                                               

हरसिल

हरसिल, भारत के उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल के उत्तरकाशी जिले में उत्तरकाशी-गंगोत्री मार्ग के मध्य स्थित एक ग्राम और कैण्ट क्षेत्र है। यह स्थान गंगोत्री को जाने वाले मार्ग पर भागीरथी नदी के किनारे स्थित है। हरसिल समुद्र तल से ७,८६० फुट की ऊंचाई पर ...

                                               

कोणार्क

कोणार्क उड़ीसा प्रदेश के पुरी जिले में पुरी के जगन्नाथ मन्दिर से 21 मील उत्तर-पूर्व समुद्रतट पर चंद्रभागा नदी के किनारे स्थित है। यहाँ का सूर्य मन्दिर बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर की कल्पना सूर्य के रथ के रूप में की गई है। रथ में बारह जोड़े विशाल प ...

                                               

खिचिंग

खिचिंग ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित एक प्राचीन ऐतिहासिक गाँव है। यह भंज वंश की प्राचीन राजधानी है। भंज का राजवंश चित्तौड़ के राजपूतों की एक शाखा थी। इस राज्य के दो खंड थे जो क्रमश: खिचिंग और खिंजली कहे जाता थे। इस राजवंश के संस्थापक वीरभद्र थे ...

                                               

पुरुषोत्तमदेव

पुरुषोत्तमदेव उड़ीसा के एक राजा थे जो वंशपरंपरा के अनुसार जगन्नाथ जी के मंदिर में झाड़ू लगाया करते थे। कांची नरेश ने जब इनसे अपने कन्या का विवाह करना अस्वीकाकर दिया तो राजा ने इस अपमान से रुष्ट होकर कांची पर चढ़ाई कर दी और कांचीपति को पराजित कर ब ...

                                               

बालि यात्रा

बालियात्रा ओडिशा में मनाया जाने वाला एक प्रमुख उत्सव है। यह उत्सव कटक नगर में महानदी के किनारे गडगडिया घाट पर मनाया जाता है। यह उत्सव उस दिन की स्मृति में मनाया जाता है जब प्राचीन काल में ओडिशा के नाविक बाली, जावा, सुमात्रा, बोर्नियो और श्री लंका ...

                                               

मदल पंजी

मदल पंजी ओडिशा के जगन्नाथ पुरी के जगन्नाथ का इतिहास है। इसमें भगवान जगन्नाथ और जगन्नाथ मन्दिर से सम्बन्धित घटनाओं का वर्णन है। इस पंजी के आरम्भ होने की वास्तविक तिथि ज्ञात नहीं है किन्तु ऐसा अनुमान किया जाता है कि यह १३वीं या १४वीं शती में आरम्भ ...

                                               

मेक इन ओडिशा

मेक इन ओडिशा ओड़ीशामें औद्योगिक विकास केलिये ओडिशा सरकारके द्वारा शुरू की गयी एक योजना हे । प्रमुख निवेशकों को राज्य में कर रहे हैं, एनटीपीसी, एमसीएल, सेल, टाटा स्टील, टीसीएस, अदानी, जेएसपीएल, पीपीएल, आईओसीएल और कई और अधिक. 80 से अधिक कंपनियों के ...

                                               

वन्दे उत्कल जननी

बन्दे उत्कला जननी कांतकबि लक्ष्मीकान्त महापात्र द्वारा लिखित एक उड़िया देशभक्ति कविता है। उड़ीसा १ अप्रैल १९३६ में स्वतंत्र होने के बाद, इस कविता को उड़ीसा का राज्य गान बनाया गया था। कविता मे उत्कल को आत्मविश्वास और शक्ति को बजाय रखने और असुरक्षा ...

                                               

ब्याल आईटी निवेश क्षेत्र

बंगलौर ब्याल आईटीआईआर या ब्याल आई.टी निवेश क्षेत्र एक ५० कि.मी २ में फैला सूचना प्रौद्योगिकी निवेश क्षेत्र है। यह बेंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र से १५ कि.मी उत्तर में स्थित है। इसके लिये कर्नाटक राज्य मंत्रिमंडल से अनुमति २८ जनवरी २०१० को औ ...

                                               

कर्नाटक

कर्नाटक, जिसे कर्णाटक भी कहते हैं, दक्षिण भारत का एक राज्य है। इस राज्य का गठन १ नवंबर, १९५६ को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अधीन किया गया था। पहले यह मैसूर राज्य कहलाता था। १९७३ में पुनर्नामकरण कर इसका नाम कर्नाटक कर दिया गया। इसकी सीमाएं पश्चिम मे ...

                                               

कर्नाटक की जनसांख्यिकी

२००१ की भारतीय जनगणना के अनुसार, कर्नाटक की कुल जनसंख्या ५२,८५०,५६२ है, जिसमें से २६,८९८,९१८ पुरुष और २५,९५१,६४४ स्त्रियाँ हैं। यानि प्रत्येक १००० पुरुष ९६४ स्त्रियाँ हैं। इसके अनुसार १९९१ की जनसंख्या में १७.२५% की वृद्धि हुई है। राज्य का जनसंख्य ...

                                               

कर्नाटक के मण्डल

कर्नाटक दक्षिण भारत में स्थित एक राज्य है, जिसका गठन १ नवंबर १९५६ को किया गया था। १ नवम्बर १९७३ को राज्य का नाम मैसूर से बदलकर कर्नाटक किया गया था। कर्नाटक राज्य को ४ मण्डलों में बांटा गया है। बंगलोर जिला, बंगलोर ग्रामीण जिला, चिकबल्लपुर जिला, चि ...

                                               

कर्नाटक के राज्यपालों की सूची

भारतीय राज्य कर्नाटक के पहले राज्यपाल जयचमराजा वोडेयार बहादुर है जो कर्नाटक के पहले राज्यपाल है और ये १ नवम्बर १९५७ को राज्यपाल के पद पर बैठे थे और ४ मई १९६३ को पद छोड़ा था। वर्तमान में कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला है।

                                               

कर्नाटक में खेल

कर्नाटक का एक छोटा सा जिला कोडगु भारतीय हाकी टीम के लिये सर्वाधिक योगदान देता है। यहां से अनेक खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वार्षिक कोडव हॉकी उत्सव विश्व में सबसे बड़ा हॉकी टूर्नामेण्ट है। बंगलुरु शह ...

                                               

कर्नाटक में पर्यटन

अपने विस्तृत भूगोल एवं लम्बे इतिहास के कारण कर्नाटक में बड़ी संख्या में पर्यटन आकर्षण भरे हुए हैं। राज्य में जहां एक ओर प्राचीन शिल्पकला से परिपूर्ण मंदिर हैं तो वहीं आधुनिक नगर भी हैं, जहां एक ओर नैसर्गिक पर्वतमालाएं हैं तो वहीं अनान्वेषित वन सं ...

                                               

कर्नाटक रत्न

कर्नाटक रत्न कर्नाटक राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह किसी व्यक्ति को उसकी किसी क्षेत्र में असाधारण योगदान हेतु दिया जाता है। इसकी स्थापना १९९२ में कर्नाटक सरकार द्वारा हुई थी। अभी तक ये ८ लोगों को दिया जा चुका है।

                                               

कर्नाटक सरकार

कर्नाटक राज्य में भारत के अन्र राज्यों कि भांति ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया द्वारा चुनी गयी एक द्विसदनीय संसदीय सरकार है: विधान सभा एवं विधानपरिषद। विधाण सभा में २४ सदस्य हैं जो पांच वर्ष की अवधि हेतु चुने जाते हैं। विधान परिषद एक ७५ सदस्यीय स्थायी ...

                                               

कोडगु जिला

कोडगु भारत के कर्नाटक प्रान्त का एक जिला है। इसका मुख्यालय मडिकेरि में है। पश्चिमी घाट पर स्थित पहाड़ों और घाटियों का प्रदेश कोडगु दक्षिण भारत का एक प्रमुख पर्यटक स्‍थल है। कर्नाटक का यह खूबसूरत पर्वतीय स्‍थल समुद्र तल से 1525 मीटर की ऊंचाई पर है ...

                                               

कोप्पल

कोप्पल कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। कोप्पल कर्नाटक राज्य के कोप्पल जिला का मुख्यालय है। यह जगह विशेष रूप से विभिन्न मंदिरों और किलों के लिए प्रसिद्ध है। यह जगह ऐतिहासिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है। कोप्पल का इतिहास लगभग 600 वर्ष पुराना है।

                                               

कोलार

कोलार कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। यह कर्नाटक के कोलार जिला में आता है। कोलार भारत के पुराने स्थलों में से है। इस जगह के निर्माण में चोल और पल्लव का योगदान रहा है। मध्‍यकाल में यह विजयनगर के शासकों के अधीन रहा। कोलार में कई पर्यटन स्थल है जहां आ ...

                                               

गुलबर्ग किला

गुलबर्ग किला उत्तर कर्नाटक के गुलबर्ग जिले में गुलबर्ग शहर में स्थित है। मूल रूप से इसका निर्माण वारंगल राजवंश के राज में राजा गुलचंद ने करवाया था। इसके बाद सन् 1347 में बहमनी राजवंश के अलाउद्दीन बहमन शाह ने दिल्ली सल्तनत के साथ संबंधों को तोड़ने ...

                                               

चित्रदुर्ग

चित्रदुर्ग, भारत के कर्नाटक प्रदेश का एक नगर एवं जिला मुख्यालय है। इसे दुर्ग नाम से भी जाना जाता है। यह कर्नाटक के दक्षिणी भाग से बहने वाली वेदवती नदी की घाटी में स्थित है। चित्रदुर्ग, कर्नाटक की राजधानोई बंगलुरु से २०० किलोमीटर की दूरी पर स्थित ...

                                               

कर्नाटक के जिले

यह सूची कर्नाटक के जिलों की है:- कोडगु जिला मांडया जिला रायचूर जिला हासन जिला मैसूर जिला तुमकूर जिला चिकबलापुरा जिला चामराजनगर ज़िला चिकमगलूर जिला बंगलोर ग्रामीण जिला हावेरी जिला गदग जिला यादगीर जिला रामनगर जिला गुलबर्ग जिला चित्रदुर्ग जिला कोप्प ...

                                               

बीजापुर

बीजापुर कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। यह आदिलशाही बीजापुर सल्तनत की राजधानी भी रहा है। बहमनी सल्तनत के अन्दर बीजापुर एक प्रान्त था। बंगलौर के उत्तर पश्चिम में स्थित बीजापुर कर्नाटक का प्राचीन नगर है।

                                               

मैंगलुरु

मैंगलुरु भारत के कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। यह शहर देश के पश्चिमी भाग में आता है। इस शहर के पूर्व में पश्चिमी घाट और पशिचम में अरब सागर है। मैंगलूर दक्षिण कन्नड जिले का मुख्यालय है। == भूगोल ==यह अरब सागर के तट पर है।

                                               

मैसूर

मैसूर भारत के कर्नाटक प्रान्त का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह प्रदेश की राजधानी बैगलुरू से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर दक्षिण में तमिलनाडु की सीमा पर स्थित है।

                                               

येलहंका

येलहंका एक उपनगर है जो भारत के कर्नाटक राज्य के बैंगलोर ज़िले में स्थित है। यह एक उपनगर है। येलहंका में येलहंका विमानक्षेत्र भी है।

                                               

श्रवणबेलगोला

श्रवणवेलगोल हासन जिला में स्थित एक शहर है। यह बंगलुरु से १५८ कि॰मी॰ दूर स्थित है। यह एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ है। कन्नड़ में वेल का अर्थ होता है श्वेत, गोल का अर्थ होता है सरोवर। शहर के मध्य में एक सुंदर श्वेत सरोवर के कारण यहां का नाम बेलगोला और फ़ ...