ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 416




                                               

कर्नाटक के मण्डल

कर्नाटक दक्षिण भारत में स्थित एक राज्य है, जिसका गठन १ नवंबर १९५६ को किया गया था। १ नवम्बर १९७३ को राज्य का नाम मैसूर से बदलकर कर्नाटक किया गया था। कर्नाटक राज्य को ४ मण्डलों में बांटा गया है। बंगलोर जिला, बंगलोर ग्रामीण जिला, चिकबल्लपुर जिला, चि ...

                                               

कर्नाटक के राज्यपालों की सूची

भारतीय राज्य कर्नाटक के पहले राज्यपाल जयचमराजा वोडेयार बहादुर है जो कर्नाटक के पहले राज्यपाल है और ये १ नवम्बर १९५७ को राज्यपाल के पद पर बैठे थे और ४ मई १९६३ को पद छोड़ा था। वर्तमान में कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला है।

                                               

कर्नाटक में खेल

कर्नाटक का एक छोटा सा जिला कोडगु भारतीय हाकी टीम के लिये सर्वाधिक योगदान देता है। यहां से अनेक खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वार्षिक कोडव हॉकी उत्सव विश्व में सबसे बड़ा हॉकी टूर्नामेण्ट है। बंगलुरु शह ...

                                               

कर्नाटक में पर्यटन

अपने विस्तृत भूगोल एवं लम्बे इतिहास के कारण कर्नाटक में बड़ी संख्या में पर्यटन आकर्षण भरे हुए हैं। राज्य में जहां एक ओर प्राचीन शिल्पकला से परिपूर्ण मंदिर हैं तो वहीं आधुनिक नगर भी हैं, जहां एक ओर नैसर्गिक पर्वतमालाएं हैं तो वहीं अनान्वेषित वन सं ...

                                               

कर्नाटक रत्न

कर्नाटक रत्न कर्नाटक राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह किसी व्यक्ति को उसकी किसी क्षेत्र में असाधारण योगदान हेतु दिया जाता है। इसकी स्थापना १९९२ में कर्नाटक सरकार द्वारा हुई थी। अभी तक ये ८ लोगों को दिया जा चुका है।

                                               

कर्नाटक सरकार

कर्नाटक राज्य में भारत के अन्र राज्यों कि भांति ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया द्वारा चुनी गयी एक द्विसदनीय संसदीय सरकार है: विधान सभा एवं विधानपरिषद। विधाण सभा में २४ सदस्य हैं जो पांच वर्ष की अवधि हेतु चुने जाते हैं। विधान परिषद एक ७५ सदस्यीय स्थायी ...

                                               

कोडगु जिला

कोडगु भारत के कर्नाटक प्रान्त का एक जिला है। इसका मुख्यालय मडिकेरि में है। पश्चिमी घाट पर स्थित पहाड़ों और घाटियों का प्रदेश कोडगु दक्षिण भारत का एक प्रमुख पर्यटक स्‍थल है। कर्नाटक का यह खूबसूरत पर्वतीय स्‍थल समुद्र तल से 1525 मीटर की ऊंचाई पर है ...

                                               

कोप्पल

कोप्पल कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। कोप्पल कर्नाटक राज्य के कोप्पल जिला का मुख्यालय है। यह जगह विशेष रूप से विभिन्न मंदिरों और किलों के लिए प्रसिद्ध है। यह जगह ऐतिहासिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है। कोप्पल का इतिहास लगभग 600 वर्ष पुराना है।

                                               

कोलार

कोलार कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। यह कर्नाटक के कोलार जिला में आता है। कोलार भारत के पुराने स्थलों में से है। इस जगह के निर्माण में चोल और पल्लव का योगदान रहा है। मध्‍यकाल में यह विजयनगर के शासकों के अधीन रहा। कोलार में कई पर्यटन स्थल है जहां आ ...

                                               

गुलबर्ग किला

गुलबर्ग किला उत्तर कर्नाटक के गुलबर्ग जिले में गुलबर्ग शहर में स्थित है। मूल रूप से इसका निर्माण वारंगल राजवंश के राज में राजा गुलचंद ने करवाया था। इसके बाद सन् 1347 में बहमनी राजवंश के अलाउद्दीन बहमन शाह ने दिल्ली सल्तनत के साथ संबंधों को तोड़ने ...

                                               

चित्रदुर्ग

चित्रदुर्ग, भारत के कर्नाटक प्रदेश का एक नगर एवं जिला मुख्यालय है। इसे दुर्ग नाम से भी जाना जाता है। यह कर्नाटक के दक्षिणी भाग से बहने वाली वेदवती नदी की घाटी में स्थित है। चित्रदुर्ग, कर्नाटक की राजधानोई बंगलुरु से २०० किलोमीटर की दूरी पर स्थित ...

                                               

कर्नाटक के जिले

यह सूची कर्नाटक के जिलों की है:- कोडगु जिला मांडया जिला रायचूर जिला हासन जिला मैसूर जिला तुमकूर जिला चिकबलापुरा जिला चामराजनगर ज़िला चिकमगलूर जिला बंगलोर ग्रामीण जिला हावेरी जिला गदग जिला यादगीर जिला रामनगर जिला गुलबर्ग जिला चित्रदुर्ग जिला कोप्प ...

                                               

बीजापुर

बीजापुर कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। यह आदिलशाही बीजापुर सल्तनत की राजधानी भी रहा है। बहमनी सल्तनत के अन्दर बीजापुर एक प्रान्त था। बंगलौर के उत्तर पश्चिम में स्थित बीजापुर कर्नाटक का प्राचीन नगर है।

                                               

मैंगलुरु

मैंगलुरु भारत के कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। यह शहर देश के पश्चिमी भाग में आता है। इस शहर के पूर्व में पश्चिमी घाट और पशिचम में अरब सागर है। मैंगलूर दक्षिण कन्नड जिले का मुख्यालय है। == भूगोल ==यह अरब सागर के तट पर है।

                                               

मैसूर

मैसूर भारत के कर्नाटक प्रान्त का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह प्रदेश की राजधानी बैगलुरू से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर दक्षिण में तमिलनाडु की सीमा पर स्थित है।

                                               

येलहंका

येलहंका एक उपनगर है जो भारत के कर्नाटक राज्य के बैंगलोर ज़िले में स्थित है। यह एक उपनगर है। येलहंका में येलहंका विमानक्षेत्र भी है।

                                               

श्रवणबेलगोला

श्रवणवेलगोल हासन जिला में स्थित एक शहर है। यह बंगलुरु से १५८ कि॰मी॰ दूर स्थित है। यह एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ है। कन्नड़ में वेल का अर्थ होता है श्वेत, गोल का अर्थ होता है सरोवर। शहर के मध्य में एक सुंदर श्वेत सरोवर के कारण यहां का नाम बेलगोला और फ़ ...

                                               

हम्पी

हम्पी मध्यकालीन हिंदू राज्य विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी। तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित यह नगर अब हम्पी नाम से जाना जाता है और अब केवल खंडहरों के रूप में ही अवशेष है। इन्हें देखने से प्रतीत होता है कि किसी समय में यहाँ एक समृद्धशाली सभ्यता निवा ...

                                               

हुबली

हुबली भारत के कर्नाटक प्रांत का एक प्रमुख नगर है। यह धारवाड़ नगर से 24 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है और दक्षिणी रेलवे का केन्द्रिय कार्यालय यहा है। यह कपास, अनाज, नमक, ताँबे के बरतन, साबुन एवं खाद के व्यापार का प्रमुख केंद्र है। नगर में सूत कातन ...

                                               

केरल की अर्थव्यवस्था

भारतीय संघ का अविभाज्य अंग होने के कारण केरल की आर्थिक व्यवस्था को राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था से पृथक करना उचित नहीं है। फिर भी केरल की आर्थिक व्यवस्था की अपनी विशेषताएँ हैं। मानव संसाधन विकास की आधारभूत सूचना के अनुसार केरल की उपलब्धियाँ प्रशंसनी ...

                                               

आनयूट्टु

स्थान - वडक्कुंनाथ मंदिर, तृश्शूर। आनयूट्टु नामक यह अनुष्ठानपरक रस्म तृश्शूर के वडक्कुंनाथ मंदिर में संपन्न होती है। इसमें हाथियों को विशेष रूप की औषधियों से बना खाद्य पदार्थ खिलाया जाता है। हाथियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दृष्टि से यह औषधीय चिकि ...

                                               

केरल के उत्सव

केरलीय जीवन की छवि यहाँ मनाये जानेवाले उत्सवों में दिखाई देती है। केरल में अनेक उत्सव मनाये जाते हैं जो सामाजिक मेल-मिलाप और आदान-प्रदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। केरलीय कलाओं का विकास यहाँ मनाये जानेवाले उत्सवों पर आधारित है। इन उत्सवों में क ...

                                               

कूत्तु

कूत्तु की प्रस्तुति चाक्यार जाति के कलाकार द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं। मंदिर में स्थापित कूत्तंपलम में कूत्तु प्रस्तुत किया जाता है। जिस मंदिर में कूत्तंपलम् नहीं है वहाँ छोटा सा पंडाल या भोजन गृह में कूत्तु प्रस्तुत किया जाता है। चाक्यार कलाकार ...

                                               

केरल में आधुनिक खेल कूद

प्राचीन काल से ही केरल खेलकूद क्षेत्र में ख्यात है। यहाँ सैकडों वैविध्यपूर्ण खेल प्रचलित थे। उनमें से कुछ खेल अब भी शेष है। ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता के साथ आए अनेक नवीन खेलों ने लोक खेल कूदों को मिटा दिया। नवीन खेलों से ऊर्जा लेकर नवीनता के कदम से ...

                                               

कृष्णनाट्टम

17वीं शताब्दी के मानवेदन नामक सामूतिरि राजा द्वारा प्रस्तुत दृश्यकला कृष्णनाट्टम कहलाती है। मानवेदन ने श्रीकृष्ण कथा को आधार बनाकर संस्कृत में कृष्णगीति नामक दृश्यकाव्य की रचना की थी। यह कथा अभिनय की दृष्टि से भी श्रेष्ठ थी। इसके अंतर्गत अवतारम्, ...

                                               

केरल का इतिहास

पौराणिक कथाओं के अनुसार परशुराम ने अपना परशु पानी में फेंका जिसकी वजह से उस आकार की भूमि समुद्र से बाहर निकली और केरल अस्तित्व में आया। यहां 10वीं सदी ईसा पूर्व से मानव बसाव के प्रमाण मिले हैं। केरल शब्द की व्युत्पत्ति को लेकर विद्वानों में एकमत ...

                                               

केरल की रंग कलाएँ

केरलीय रंग कलाओं को धार्मिक, विनोदपरक, सामाजिक, कायिक आदि भागों में विभक्त कर सकते हैं। धार्मिक कलाओं में मंदिर कलाएँ और अनुष्ठान कलाएँ आती हैं। मंदिर कलाओं की लंबी सूची है। जैसे - कूत्तु, कूडियाट्टम्, कथकळि, तुळ्ळल, तिटम्बु नृत्तम्, अय्यप्प कूत् ...

                                               

केरल में पर्यटन

केरल प्रांत पर्यटकों में बेहद लोकप्रिय है, इसीलिए इसे Gods Own Country अर्थात् ईश्वर का अपना घर नाम से पुकारा जाता है। यहाँ अनेक प्रकार के दर्शनीय स्थल हैं, जिनमें प्रमुख हैं - पर्वतीय तराइयाँ, समुद्र तटीय क्षेत्र, अरण्य क्षेत्र, तीर्थाटन केन्द्र ...

                                               

कोट्टयम

कोट्टयम भारत के केरल प्रांत का एक शहर है। केरल का कोट्टयम नगर अद्वितीय विशेषताओं को अपने में समेटे एक अनोखा पर्यटन स्थल है। 2204 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला यह शहर प्राकृतिक सुंदरता के अदभूत नजारे पेश करता है। इसके पूर्व में ऊंचे पश्चिमी घाट और पश ...

                                               

केरल की लोक क्रीड़ाएँ

केरल की ग्रामीण संस्कृति के प्रतिरूप हैं लोक क्रीडाएँ। केरल के आचार कला, साहित्य, जाति - व्यवस्था इत्यादि से ये लोक क्रीडाएँ जुडी हुई हैं। लोक क्रीडाओं का लक्ष्य विजयी का चयन करना मात्र नहीं था, इनमें गान, नृत्य, पुराकथा संदर्भों का स्मरण, सहभागि ...

                                               

चेर

चेर, केरल का प्राचीन नाम था। इन्हें केरल पुत्र भी कहते है। उसमें आधुनिक त्रावणकोर, कोचीन, मलाबार, कोयंबत्तूऔर सलेम जिलों के प्रदेश सम्मिलित थे1 द्रविड़ अथवा तमिल कहलानेवाले पांड्य, चोल और चेर नाम के तीन क्षेत्र दक्षिण भारत की सर्वप्रथम राजनीतिक श ...

                                               

केरल की जलवायु

भूमध्य रेखा से केवल 8 डिग्री की दूरी पर स्थित होने के कारण केरल में गर्म मौसम है। यहाँ की धरती की उच्च-निम्न स्थिति भी जलवायु पर बडा प्रभाव डालती है। केरल की ऋतुओं को तीन भागों में बाँट सकते हैं - पश्चिमी वर्षा काल, पूर्वी वर्षा काल, ग्रीष्म काल ...

                                               

केरल का जलोत्सव

केरल की झीलों तथा नदियों में जलोत्सव का आयोजन किया जाता है जिसमें सैकडों नावों की दौड़ प्रतियोगिता होती है जो नौका क्रीड़ा नाम से प्रसिद्ध है। सौ से अधिक मल्लाहों द्वारा खेये जाने वाली सर्पाकार नावों से लेकर छोटी नावों तक अनेक प्रकार की नावें नौक ...

                                               

केरल के जिले

केरल में 14 जिले हैं: आलाप्पुड़ा जिला एर्नाकुलम जिला पालक्काड़ जिला पालघाट पतनमतिट्टा जिला कासरगोड जिला त्रिस्सूर जिला कोड़िकोड जिला कैलीकट वायनाड जिला कन्नूर जिला मलप्पुरम जिला कोट्टयम जिला कोल्लम जिला तिरुवनन्तपुरम जिला त्रिवेन्द्रम इडुक्की जिला

                                               

तिरुवनन्तपुरम

तिरुवनन्तपुरम या त्रिवेन्द्रम केरल प्रान्त की राजधानी है। यह नगर तिरुवनन्तपुरम जिले का मुख्यालय भी है। केरल की राजनीति के अलावा शैक्षणिक व्यवस्था का केन्द्र भी यही है। कई शैक्षणिक संस्थानों में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र, राजीव गांधी जैव प्र ...

                                               

केरल का परिचय

केरल भारत का एक प्रान्त है। इसकी राजधानी तिरुअनन्तपुरम है। मलयालम् यहां की मुख्य भाषा है। हिन्दूओं तथा मुसलमानों के अलावा यहां ईसाई भी बङी संख्या में रहते हैं। भारत की दक्षिण - पश्चिमी सीमा पर अरब सागर और सह्याद्रि पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य एक खूब ...

                                               

पुथूर

ग्रामः पुथूर। तलुकः कोट्टक्कर। देशः भारत। जिला: कोल्लम। पुलिस स्टेशनः कोट्टक्कर। राज्यः केरल। नगर निगमः पुलिस सहायता केंद्रः पुथूर। मोबाइल - ९७४७७००५३७ 9747700537) पंचायतः इसके अंतर्गत ३ पंचायतें है - पवित्रेश्वरम, कुल्लकड़ और नेदूवथूर।

                                               

प्राचीन केरल

प्राचीन काल से केरल में बंदरगाह थे जो यहाँ की नाविक परंपरा को सूचित करते हैं। इन्हीं बंदरगाहों के कारण विदेशी व्यापार समृद्ध हुआ। प्राचीन यायावरों ने मुसरिस, तिण्डीस, बराक्के, नेलक्किण्डा आदि कुछ प्राचीन बंदरगाहों उल्लेख किया है। मुसरिस के अतिरिक ...

                                               

केरल का भूगोल

विज्ञापनों में केरल को ईश्वर का अपना घर कहा जाता है, यह कोई अत्युक्ति नहीं है। जिन कारणों से केरल विश्व भर में पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना है, वे हैं: - उष्ण मौसम, समृद्ध वर्षा, सुंदर प्रकृति, जल की प्रचुरता, सघन वन, लम्बे समुद्र तट और चाली ...

                                               

केरल का भोजन

केरलीयों का प्रमुख भोजन चावल है। मलयाली साग-सब्जियाँ, मछली, मांस, अंडा इत्यादि से बनी सब्जियों से मिलाकर चावल खाना पसन्द करते हैं। गेहूँ, मैदा आदि भी केरलीयों को प्रिय है। यहाँ ऐसे पकवान प्रिय हैं जो भाप में पकाये जाते हैं या फिर तेल में तले जाते ...

                                               

केरल की राजनीति

केरल को भारत की राजनीतिक प्रयोगशाला कहा जा सकता है। चुनाव के द्वारा कम्यूनिस्ट पार्टी का सत्ता में आना और विभिन्न पार्टियों के मोर्चों का गठन तथा उनका शासक बनना आदि अनेक राजनीतिक प्रयोग पहली बार केरल में हुए। देश में मशीनी मतपेटी का प्रथम प्रयोग ...

                                               

केरल की वास्तुकला

केरल की वास्तु कला विशिष्ट प्रकार की है। इसकी विशेषता लालित्य है जिसके उत्तम उदाहरण हैं मंदिऔर प्राचीन इमारतें। इनका निर्माण वास्तुविद्या विधि के अनुसार किया गया है। केरलीय वास्तुकला के सौन्दर्य की अभिव्यक्ति केवल मंदिरों में ही नहीं वरन् गिरजाघर ...

                                               

केरल का संगीत

संगीत का श्रव्यकला के रूप में महत्वपूर्ण स्थान है। इसके दो पक्ष हैं लोकगीत तथा शास्त्रीय संगीत। अनुष्ठान कलाओं से जुडे लोकगीत, देवता स्तुतिपरक गीत, श्रम से जुडे गीत, तिरुवातिरक्कळी, कुम्मि, कोलाट्टम और मनोरंजन केलिए पुराण कथागीत, वंचिप्पाट्टुकल आ ...

                                               

कंडला

कंडला भारत के गुजरात प्रान्त में कच्छ जिले में स्थित देश का सब से बड़ा बंदरगाह है। आयात-निर्यात से पूरे विश्व के साथ जुड़ा हुआ है। कंडला बंदरगाह का प्रशासन कंडला पोर्ट ट्रस्ट के हाथ में है जिसका पूरा नियंत्रण भारत सरकार के जहाजरानी मंत्रालय के हा ...

                                               

खंभात

खंभात नगर, पूर्व-मध्य गुजरात के आनन्द जिले की एक नगरपालिका है। यह खंभात की खाड़ी के उत्तर में, माही नदी के मुहाने पर स्थित एक प्राचीन नगर है। टॉलमी नामक विद्वान ने भी इसका उल्लेख किया है। प्रथम शती में यह महत्वपूर्ण सागर पत्तन था। १५वीं शताब्दी म ...

                                               

गाँधीनगर

गाँधीनगर भारत के गुजरात प्रान्त की राजधानी है। यह भारत का दूसरा ऐसा शहर है जीसे पूरी तरह आयोजन से बसाया गया हे। इसे हरित नगर कहा जाता है। सचिवालय और मंत्रियों के निवास भी यहाँ पर हैं। महात्मा गाँधी की याद में इस शहर का नाम गांधीनगर रखा गया है। यह ...

                                               

गुजरात के ज़िले

भारत के गुजरात राज्य में ३३ ज़िले है। कच्छ सब से बड़ा और सब से छोटा ज़िला डांग है। अहमदाबाद ज़िले में सब से ज्यादा जनसंख्या और सब से कम जनसंख्या डांग ज़िले में है। सुरत ज़िला सब से ज्यादा जनसंख्या घनत्व वाला ज़िला है। गुजरात में २४९ तहसील है

                                               

गुजरात तेल शोधनागार

गुजरात तेल शोधनागार भारत के गुजरात राज्य के कोयाली, वडोदरा में स्थित है। इसे इण्डियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड चलाती है। ये शोधनागार १९६५ से कार्यरत है। ये शोधनागार मुख्य रूप से पश्चिमी और उत्तरी भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग परोसती है। दिसंब ...

                                               

जलाराम

संत श्री जलाराम बापा एक हिन्दु संत थे। वे राम-भक्त थे। वे बापा के नाम से प्रसिद्ध हैं। उनका जन्म १७९९ मे गुजरात के राजकोट जिले के वीरपुर गाँव में हुआ था।

                                               

जामनगर

सीमेंट, मिट्टी के बर्तन, वस्त्और नमक यहाँ के प्रमुख औद्योगिक उत्पाद हैं। यह शहर बांधनी कला, जरी की कढ़ाई और धातुकर्म के लिए प्रसिद्ध है। जामनगर रिफ़ाइनरी भारत और विश्व की सबसे बड़ी तेल रिफ़ाइनरी है। यहाँ प्रति दिन 1.24 मिलियन बैरल तय्यार होता है। ...