ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 439




                                               

नोंग्स्टोइन

नोंग्स्टोइन की स्थित 25.52°N 91.27°E  / 25.52; 91.27. और इसकी औसत ऊंचाई है १४०९ मीटर ४६२२ फीट है। नोंग्स्टोइन से 24 किलोमीटर 79.000 फीट की दूरी पर लांगशियांग जल प्रपात फॉल्स स्थित है।

                                               

पिनुर्सला

पिनुर्सला पिल्लुन भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के पिनुर्सला खण्ड का एक कस्बा है। यह जिला मुख्यालय शिलांग से ३४ किमी दक्षिण में स्थित है और ब्लाक मुख्यालय है। पिनुर्सला का पिनकोड ७९३ ११० है और प्रधान डाकघर पिनुर्सला है ...

                                               

पिन्थोरुम्ख्रा

भारत की जनगणना २०११ के अनुसार यहाँ की जनगणना २७,२१९ है, जिसमे १३,७०६ पुरुष जबकि १३,५१३ महिलाएँ हैं। ६ वर्ष से नीचें के बच्चों की संख्या ३३९१ जो कि कुल जनसंख्या का १२.४६% हैं। लिंगानुपात दर ९८६ है जो कि मेघालय राज्य के दर से ९८९ से थोड़ा सा नीचे ह ...

                                               

बाघमारा, मेघालय

बाघमारा स्थान बांग्लादेश सीमा से सटा हुआ है तथा तुरा से 113 कि॰मी॰ दूर है। बाघमारा नाम बोंग लस्कर और जंगली बंगाल बाघ की लड़ाई के कारण पड़ा जहाँ बोंग ने बाघ को मार डाला था।

                                               

मावकिर्वाट

मवक्यर्वत भारतीय राज्य मेघालय के दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले का मुख्यालय है। दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिला पश्चिम खासी हिल्स जिले से 3 अगस्त 2012 को अलग हुआ।

                                               

मावडियांगडियांग

मावडियांगडियांग भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के मायेलियम खण्ड का एक ग्राम/कस्बा है। यह जिला मुख्यालय और राजधानी शिलांग से ६ किमी पूर्व में और खण्ड मायेलियम से १३ किमी दूर स्थित है। यहां का पिन कोड संख्या ७९३०१८ और डाक म ...

                                               

मेघालय के नगर

मेघालय भारत के उत्तर पूर्व में स्थित एक राज्य है। २०११ की भारत की जनगणना के अनुसार इस राज्य में कुल २२ नगर हैं, जिनमें से २ नगर नगरपालिका, ४ नगर नगरपालिका परिषद्, ३ नगर पंचायत, १ नगर छावनी परिषद् और १२ नगर जनगणना नगर के रूप में वर्गीकृत हैं। निम् ...

                                               

लाइतुमख्रा

लाइतुमख्रा मेघालय, भारत की राजधानी शिलांग का एक जनगणना शहर है। इसके नाम का अर्थ है वह स्थान जहां एक नदी "उमख्राह" निकलती है। इसे प्रायः स्थानीय लोग लाईमुखरा भी बोलते हैं। लाइतुमख्राह से तीन मार्ग निकलते हैं, जिनके जंक्शन पर यह स्थित है: हैपी वैली ...

                                               

अकलेरा

अकलेरा एक तहसील मुख्यालय है। जिला मुख्यालय झालावाड से लगभग ५५ किलोमीटर दूर है। विधानसभा क्षेत्र मनोहरथाना लगता है। रेलवे लाइन अभी नहीं है लेकिन कार्य चल रहा है और २०१० तक पूर्ण होना संभावित है। प्राचीनकाल में अमीर अली ठग ने इस कस्बे को बसाया था। ...

                                               

अजमेर

अजमेर राजस्थान प्रान्त में अजमेर जिला एवं मुख्य नगर है। यह अरावली पर्वत श्रेणी की तारागढ़ पहाड़ी की ढाल पर स्थित है। यह नगर सातवीं शताब्दी में अजयराज सिंह नामक एक चौहान राजा द्वारा बसाया गया था। इस नगर का मूल नाम अजयमेरु था। सन् १३६५ में मेवाड़ क ...

                                               

अटरू

अटरू, राजस्थान राज्य के बारां जिले का एक कस्बा है और यह एक तहसील भी है। यह राजस्थान राज्य के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह बारां जिले से करीब 30 किमी दक्षिण में है। अटरू बारां जिले की सबसे बड़ी तहसील है। इसके प्रशासन के तहत 141 गांव हैं। रेलवे स् ...

                                               

अनूपगढ़

अनूपगढ़ भारत के राजस्थान राज्य के श्रीगंगानगर ज़िले में स्थित एक नगर है। यह घग्गर नदी के किनारे बसा हुआ है और पाकिस्तान की सीमा के समीप है।

                                               

अरथुना

राजस्थान के वागड का पुराधाम अरथुना जगविख्यात है। पुरातत्व और प्राचीन शिल्प-वैभव के लिहाज से महत्वपूर्ण अरथुना के लिए बांसवाडा-अहमदाबाद मार्ग पर बांसवाडा जिला मुख्यालय से 38 किलोमीटर दूर गढी से रास्ता जाता है। गढी से यह आनन्दपुरी मार्ग पर 20 किलोम ...

                                               

अलवर

अलवर भारत के राजस्थान प्रान्त का एक शहर है। यह नगर राजस्थान के राठ अंचल के अंतर्गत आता है। दिल्ली के निकट होने के कारण यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब १६० कि॰मी॰ की दूरी पर है। अलवर अरावली की पहाडियों ...

                                               

आबू रोड

आबू रोड भारत के राजस्थान राज्य के सिरोही ज़िले में स्थित एक नगर है। शहर आबू पार्वत के दक्षिण-पूर्व में इससे 27 किमी दूर, पहाड़ की तलहटी में स्थित है। यह दिल्ली और अहमदाबाद के बीच एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन भी है। यहाँ की रबड़ी बहुत प्रसिद्ध है।

                                               

आमेर

आमेर जयपुर नगर सीमा में ही स्थित उपनगर है, इसे मीणा राजा आलन सिंह ने बसाया था, कम से कम 967 ईस्वी से यह नगर मौजूद रहा है, इसे 1037 ईस्वी में राजपूत जाति के कछवाह वंश ने जीत लिया था। आमेर नगरी और वहाँ के मंदिर तथा किले राजपूती कला का अद्वितीय उदाह ...

                                               

इन्द्रगढ़

सन् 2001 की जनगणना के अनुसार इन्द्रगढ़ की कुल जनसंख्या 5265 थी। जिसमें 51% पुरुष एवं 49% महिलाएँ शामिल हैं। इन्द्रगढ़ की औसत साक्षरता दर 63% है जो राष्ट्रीय औसत 59.5% से अधिक है। यहाँ की पुरुष साक्षरता दर 72% और महिला साक्षरता दर 53% है। यहाँ छः ...

                                               

उदयपुर

उदयपुर राजस्थान का एक नगर एवं पर्यटन स्थल है जो अपने इतिहास, संस्कृति और अपने आकर्षक स्थलों के लिये प्रसिद्ध है। उदयपुर में भील, पटेल, मीणा, राजपूत के साथ अन्य कई जातिया निवास करती है। इसे सन् 1559 में महाराणा उदय सिंह ने स्थापित किया था। अपनी झी ...

                                               

उदयपुरवाटी

राजा भोजराज सिंह जी शेखावत उदयपुरवाटी के शासक थे। वह एक अच्छे और बहादुर राजा और भोजराज जी का शेखावत के पूर्वज थे। राजा भोजराज ने उदयपुरवाटी साथ ही 45 गांव जिन्हें पैनतालीसा कहा जाता था अपने पिता रायसल राजा दरबारी से जागीर के रूप में प्राप्त किया। ...

                                               

ऋषभदेव, राजस्थान

ऋषभदेव उदयपुर से 65 किलोमीटर 40 मील दूर स्थित है, और उदयपुर-अहमदाबाद सड़क मार्ग राष्ट्रिय राजमार्ग 48 पूर्व नाम 8) पर है। शहर का नाम ऋषभदेव जी हैं, यह एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल है। मुख्य आकर्षण ऋषभदेव मंदिर है, जो प्रथम जैन तीर्थंकर का विशाल मंद ...

                                               

कांकरोली

राजसमन्द शहर है यहां प्रसिद्द द्वारकाधीश जी का मन्दिंर है यहां से १किलोमीटर दुर ही राजसमन्द झिल स्थित है यहां पर प्रसिद्व टायर जे.के.टायर फेक्ट्री स्थित है

                                               

किशनगढ़, अजमेर

किशनगढ़ भारतीय राज्य राजस्थान के अजमेर जिले का एक नगर है। यह अजमेर से १८ मील उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह नगर राष्ट्रीय राजमार्ग ८ पर स्थित है। किशनगढ़ चित्रकला यहीं से जन्मी। इस चित्रकला में बनी-ठनी नामक एक दरबारी का सुन्दर चित्रण है। वर्तमान स ...

                                               

किशनगढ़, अलवर

किशनगढ़ भारतीय राज्य राजस्थान के अलवर जिले का एक नगरपालिका क्षेत्र एवं नगर है।किशनगढ़ बास भरतपुर रियासत के अधीन रहा है किशनगढ़ के किले का निर्माण महाराजा सूरजमल ने करवाया था।

                                               

कुकस

कुकस जयपुर के निकट स्थित औद्यौगिक कस्बा है। यह आमेर के किले से लगभग 10 किमी दूर है। कुकस में रिको औद्योगिक क्षेत्र के विकास के कारण क्षेत्र का विकास आरम्भ हो गया जिससे महाविद्यालयों और वाणिज्यिक क्षेत्रों का विकास औद्योगिक पार्क में होने लगा। कुक ...

                                               

केकड़ी

पहले इस शहर को कंकवती नगरी के नाम से जाना जाता था, जिसे राजकुमारी कंकवती के नाम पर रखा गया था। प्रसिद्ध जैन विद्वान पंडित मिलपचंद कटारिया का शोधकार्य देश भर में अच्छी तरह से जाना जाता है।

                                               

केशवरायपाटन

यह कस्बा मुख्यतः अनादि निधन सनातन जैन धर्म के 20 में तीर्थंकर भगवान मुनीसुव्रत नाथ जी के प्रसिद्ध जैन मंदिर तीर्थ क्षेत्और केशवराय जी महाराज, भगवान विष्णु के मन्दिर के लिए प्रसिद्ध है जो चम्बल नदी के तट पर स्थित है।

                                               

केसरीसिंहपुर

2011 की भारत की जनगणना के दौरान, केसरीसिंहपुर की आबादी 14.020 थी। नर जनसंख्या का 52.76% और महिलाओं का गठन 47.24%। केसरीसिंहपुर की औसत साक्षरता दर 62% है, जो 59.5% के राष्ट्रीय औसत से अधिक है: पुरुष साक्षरता 69% है, और महिला साक्षरता 53% है। केसरी ...

                                               

कोट कासिम

कोट कासिम भारतीय राज्य राजस्थान के अलवर जिले का एक कस्बा है। यह एक तहसील भी है। इसका मूल नाम कोट क़ासिम है लेकिन वर्तमान में इसे कोट कासिम उच्चारित किया जाता है। कोटकासिम अहिरवाल में आता है और यहाँ पर अधिकतर अहिर हैं।

                                               

कोटा

कोटा राजस्थान का एक प्रमुख औद्योगिक शैक्षणिक शहर है। यह चम्बल नदी के तट पर बसा हुआ है। कोटा राजधानी जयपुर से सडक एवं रेलमार्ग से लगभग २४० किलोमीटर की दूरी पर है। यह नगर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर स्थित है। दक्षिण राजस्थान में चंबल नदी के पूर्वी किन ...

                                               

कोलायत

कोलायत बीकानेर से लगभग ३० मील दक्षिण-पश्चिम में इसी नामके रेलवे स्टेशन के निकट बसा इसी नाम की तहसील का मुख्यालय है। यहां इसी नाम से प्रसिद्ध एक तालाब है, जिसके किनारे कपिल मुनि का आश्रम माना जाता है। प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां मेला लग ...

                                               

खण्डेला

खण्डेला राज्य खंडेलवाल दिगंबर जैन जाति का उत्पत्ती राज्य है। कई क्षत्रियों ने हजारों साल पहले जैन धर्म स्विकार कीया था। जो आज भी प्राचिन ग्रंथों तथा मुर्तीयो पर उल्लेखित है। खण्डेला 2000 वर्ष से ज्यादा पुराना शहर है, यह निर्बाण वंश के चौहान राजपू ...

                                               

खेरवाड़ा छावनी

खेरवाड़ा, जो खेरवाड़ा छावनी भी कहलाता है, भारत के राजस्थान राज्य के उदयपुर ज़िले में स्थित एक नगर है। इसका नाम क्षेत्र में उगने वाले खैर वृक्षों पर पड़ा है।

                                               

गलियाकोट

गलियाकोट राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले में भारत का एक जनगणना शहर है । यह राजस्थान शहर उदयपुर से लगभग 168 किमी दक्षिण-पूर्व स्थित है और दाऊदी बोहरा तीर्थ स्थल है। यह शहर बाबाजी मुल्ला सय्यदी फखरुद्दीन की कब्र के लिए प्रसिद्ध है जो 10 वीं शताब्दी में ...

                                               

गोगुन्दा

गोगुन्दा राजस्थान का एक कस्बा और तहसील मुख्यालय है। यह उदयपुर से ३५ किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह अरावली की पहाड़ियों पर उंचाई में स्थित है। यहीं पर सन १५७२ में महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक हुआ था। पहले गोगुन्दा रियासत थी। बड़ी रियासतों मे ...

                                               

चाकसू

चाकसू जयपुर जिले की तहसील मुख्यालय है। यह जयपुर से दक्षिण दिशा में २५ किमी की दूरी पर स्थित है। यह तहसील मुख्यालय व नगरपालिका क्षेत्र है जिसकी जनसंख्या २००१ के अनुसार ३०,००० के लगभग है।

                                               

चूरू

यह नगर थार मरुस्थल में पाली से अम्बाला को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग ६५ पर बीकानेर को जाने वाले रेल मार्ग 28.2900° N, 74.9600° E पर स्थित है।

                                               

जयपुर/आलेख

देखें:पूर्ण लेख → जयपुर जयपुर जिसे गुलाबी नगरी के नाम से भी जाना जाता है, भारत में राजस्थान राज्य की राजधानी है। महान वास्तुविद { द्वारा आकल्पित इस शहर की स्थापना १७२८ में आमेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा की गयी थी। यहां के अंतिम महाराजा ब्र ...

                                               

जसरासर

जसरासर गाँव की स्थापना संवत 1411 में जसराय तर्ड जन्म संवत 1391 द्वारा की गई थी। पहले जोहिया इस क्षेत्र के निवासी थे। यह क्षेत्र पहले जंजीरा के नाम से जाना जाता था। उस काल का यहाँ एक प्राचीन कुआँ है जो पीने का पानी उपलब्ध कराता है।

                                               

जहाज़पुर

जहाजपुर भीलवाड़ा जिले में ध्रुवीय निर्देशांक: 25°377"N 75°1632"E स्थित बूंदी और शाहपुरा, तथा टोंक जिले के कस्बे देवली के निकट राजस्थान का एक प्राचीन क़स्बा है, जो उदयपुर से 96 मील लगभग 153.6 कि.मी. की दूरी पर उत्तर-पूर्व में स्थित है। किंवदंती के ...

                                               

जामवा रामगढ़

जामवा रामगढ़ जिसे रामगढ़ भी कहते हैं, जयपुर जिला का एक कस्बा है। यह राज्य राजमार्ग संख्या ५५ पर 28 किलोमीटर जयपुर शहर के पूर्वोत्तर दिशा में स्थित है। यहाम कछवाहा राजपूतों की कुलदेवी जमवा माता का मन्दिर स्थित है। इसके अलावा यहा रामगढ़ झील भी है ज ...

                                               

जालौर

जालौर राजस्थान राज्य का एक ऐतिहासिक शहर है। यह शहर प्राचीनकाल में जाबालिपुर के नाम से जाना जाता था। जालौर जिला मुख्यालय यहाँ स्थित है। लूनी नदी की उपनदी सुकरी के दक्षिण में स्थित जालौर राजस्थान का ऐतिहासिक जिला है। पहले बहुत बड़ी रियासतों मे एक थ ...

                                               

जैतारण

स्थापना जैतारण प्राचीन नगर राजस्थान के मानचित्र के मध्य में लगभग 70 डिग्री पूर्वी देशांतर और 26 पॉइंट 7 डिग्री उत्तरी अक्षांश रेखा पर जिला मुख्यालय पाली से 110 किलोमीटर सूर्य नगरी जोधपुर से 105 किलोमीटर पृथ्वीराज चौहान की राजधानी अजमेर शहर से 110 ...

                                               

झालरापाटन

झालरापाटन राजस्थान का एक प्रमुख नगर एवं राजस्थान की एक प्राचीन रियासत। वर्तमान झालरापाटन नगर एक पर्वत उपत्यका में स्थित है। प्राचीन नगर कुछ दूर चंद्रभागा नदी के किनारे स्थित था। नाम के मूल के संबंध में इतिहासकारों में मतभेद है। कुछ का मत है कि झा ...

                                               

झुन्झुनू

झुंझनु के संस्थापक झुंझार सिंह नेहरा को माना गया है. दशरथ शर्मा ने तेहरवी शताब्दी के कस्बों की जो सूची दी है उसमे झुंझुनू का भी नाम है| इसी प्रकार अनंत और वागड राज्यों के उल्लेख में भी झुंझुनू का अस्तित्व कायम था| सुलतान फिरोज़ तुगलक ई. सन १३३८-१ ...

                                               

झूंझुनुं

झुनझुनु शहर राजस्थान राज्य में झुंझुनू जिला में स्थित है। इस शहर का नाम अपनी खूबसूरती और रंगों के लिए प्रसिद्ध है। यह जगह विशेष रूप से दीवारों पर की गई खूबसरत चित्रकारी के लिए जाना जाता है। झुनझुनु में ऐसी कई जगह जैसे किले, मंदिर, स्मारक एवं महल ...

                                               

टोंक

यह बनास नदी के ठीक दक्षिण में स्थित है। भूतपूर्व टोंक रियासत की राजधानी रह चुके इस शहर की स्थापना 1806 में अमीर खाँ पिंडारी ने की थी और यह छोटी पर्वत श्रृंखला की ढलानों पर अवस्थित है। इसके ठीक दक्षिण में क़िला और नए बसे क्षेत्र हैं। आसपास का क्षे ...

                                               

टोडाभीम

टोडाभीम राजस्थान राज्य के करौली जिले का एक नगर है। टोडाभीम को प्लैटिनम सिटी कहा जाता है यहाँ की जनसँख्या 2.28.203 के बराबर है। यहाँ हिन्दी भाषा बोली जाती है।

                                               

डूंगरगढ़

अनिल छापोला श्री डूँगरगढ़ राजस्थान के बीकानेर जिले का एक प्रगतिशील क़स्बा हे. प्रकृति द्वारा निर्मित चारो तरफ रेतीले टिल्लो से घिरा अपने आप में एक दर्शनीय स्थल प्रतीत होता है । इसकी बसावट एक प्याले के आकार की है तथा शहर के एक किनारे से दूसरे किना ...

                                               

डूंगरपुर

डूंगरपुर राजस्थान के दक्षिण में बसा एक नगर है। यहां से होकर बहने वाली सोम और माही नदियां इसे उदयपुऔर बांसवाड़ा से अलग करती हैं। पहाड़ों का नगर कहलाने वाला डूंगरपुर में जीव-जन्तुओं और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं। डूंगरपुर, वास्तुकल ...

                                               

डेगाना

डेगाना की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार है- 26.895052°N 74.322166°E  / 26.895052; 74.322166. समुद्रतल से औसत ऊँचाई 353 मी० 1161 ft है। डेगानाराजस्थान में का एक मात्र टंगसटन की खान स्थित है 22 Nov.1988