ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 457




                                               

पारक्रमण (आनुवंशिकी)

पारक्रमण के अन्य अर्थों के लिए कृप्या पारक्रमण देखें आनुवंशिकी में पारक्रमण किसी कोशिका में वायरस या अन्य माध्यम द्वारा बाहरी डी॰ऍन॰ए॰ प्रवेश करवाने की प्रक्रिया को कहते हैं। इसका उदाहरण एक बैक्टीरिया से किसी वायरस द्वारा डी॰ऍन॰ए॰ लेकर उसे किसी अ ...

                                               

प्लास्मिड

प्लास्मिड किसी कोशिका में एक छोटा डी॰ऍन॰ए॰ अणु होता है जो गुणसूत्रों के डी॰ऍन॰ए॰ से अलग हो और स्वतंत्रता से अपने प्रतिरूप बना सके। यह अधिकतर बैक्टीरिया में छोटे गोलाकार दो-रज्जुओं वाले डी॰ऍन॰ए॰ अणुओं के रूप में मिलते हैं, हालांकि इन्हें कभी-कभी आ ...

                                               

रेट्रोवायरस

रेट्रोवायरस आरएनए वायरस का एक कुल है जिसकी सदस्य जातियाँ अन्य जीवों की कोशिकाओं में घुसकर उनके डीएनए में अपने अनुवांशिक जीनोम का आरएनए की प्रति डाल देती हैं। इस से वह कोशिका अपनी ही सामग्री से रेट्रोवायरस की अन्य प्रतियाँ बनाने पर विवश हो जाती है ...

                                               

संरचनात्मक जीवविज्ञान

संरचनात्मक जीवविज्ञान आणविक जीवविज्ञान, जीवरसायन और जैवभौतिकी की एक शाखा है जिसमें प्रोटीन जैसे वृहदणुओं के ढांचों का अध्ययन किया जाता है। इसमें इन ढांचों की उत्पत्ति का कारणों और ढांचों में परिवर्तन से उन अणुओं की क्रियाओं पर प्रभाव का अध्ययन कि ...

                                               

एमानिटा

एमानिटा कवकों के एक वंश का नाम है, जिसमें 600 प्रकार की प्रजातियाँ पाई जाती है। इसमें से बहुत से कवक विषैले होते हैं और पूरी दुनिया में पाये जाते हैं। इसमें कुछ खाने योग्य प्रजातियों में शामिल है। कवक से होने वाले मौतों में लगभग 95% मौत इसके प्रज ...

                                               

एमानिटा प्रजातियों की सूची

एमानिटा प्रजातियों की सूची में एमानिटा में शामिल कुछ प्रजातियों को जोड़ा गया है। इन सभी को फफूंद कहा जाता है। यह सभी फफूंद पूरी दुनिया के अलग जगह पाये जाते है और एमानिटा में बहुत से प्रजाति विषैले होते हैं। इनमें कुछ खाने योग्य भी होते हैं। विषैल ...

                                               

एमानिटा बिस्पोरिगेरा

एमानिटा बिस्पोरिगेरा एक प्रकार का विषैला फफूंद है। यह एमानिटा प्रजाति है। यह उत्तर पूर्वी अमेरिका से दक्षिण में मेक्सिको तक के जंगलों में पाया जाता है। इसका पश्चिमी उत्तर अमेरिका में मिलना लगभग न के बराबर है। इस फफूंद के ऊपर सफेद सिर का आकार लगभग ...

                                               

एसपरजिलस

एसपरजिलस एक हानिकारक कवक है जो मनुष्य में एसपरजिलोसिस रोग पैदा करता है। इसके अलावा यह कवक चमड़े के सामान, पेन्ट आदि को भी नष्ट करता है। यह शीशे के समान तथा प्रकाशीय उपकरण को भी हानि पहुँचाता है। इसकी नाइजर जाति से मानव को छाले हो जाते हैं इसकी खो ...

                                               

पुआल मशरूम

पुआल मशरूम एक प्रकार का खाद्य मशरूम है। पूर्वी एशिया तथा दक्षिण पूर्व एशिया में इसकी खेती की जाती है। भारत में इसे चीनी मशरूम भी कहा जाता है।

                                               

म्यूकर

म्यूकर एक प्रकार का कवक है। यह पौधा सड़ी-गली चीजों पर उगा रहता है। यह सफेद, मटमैला रंग का दिखाई पड़ता है। इसमें अनेक पतले-पतले सफेद कोमल कवक तन्तु पाये जाते हैं। यह कई शाखाओं में बँटकर कवक-जाल बनाते हैं। इसकी कवकजाल से पतली-पतली शाखायें निकलकर बा ...

                                               

कीटविज्ञान

कीटविज्ञान प्राणिविज्ञान का एक अंग है जिसके अंतर्गत कीटों अथवा षट्पादों का अध्ययन आता है। षट्पाद श्रेणी को ही कभी-कभी कीट की संज्ञा देते हैं। कीट की परिभाषा यह की जाती है कि यह वायुश्वसनीय संधिपाद प्राणी है, जिसमें सिर, वक्ष और उदर स्पष्ट होते है ...

                                               

अर्धसूत्रीविभाजन

जीवशास्त्र में अर्धसूत्रीविभाजन ऋणात्मक विभाजन की एक प्रक्रिया है जिसमें प्रत्येक कोशिका में मौजूद क्रोमोसोमों की संख्या आधी हो जाती है। पशुओं में अर्धसूत्रीविभाजन हमेशा युग्मकों के निर्माण में परिणीत होता है, जबकि अन्य जीवों में इससे बीजाणु उत्प ...

                                               

बिम्बाणु

बिम्बाणु, या प्लेटेलेट, या में उपस्थित अनियमित आकार की छोटी अनाभिकीय कोशिका होती है, व इनका व्यास २-३ µm होता है। प्लेटेलेट का राशाइनिक नाम -लियूकेशाइट एक प्लेटेलेट कोशिका का औसत जीवनकाल ८-१२ दिन तक होता है। सामान्यत: किसी मनुष्य के रक्त में एक ल ...

                                               

संयंत्र सेल

एफ वनस्पति कोशिकाओं Scandic कोशिकाओं रहे हैं । अन्य यूकेरियोटिक जीवों की कोशिकाओं से कई महत्वपूर्ण मायनों में अलग हैं । अपने विशिष्ट गुण निम्न प्रकार हैं -. एक बड़े केंद्रीय रिक्तिका, एक पानी से भरे खाली जगह है, जो एक झिल्ली से घिरा हुआ है जो top ...

                                               

ऊतक

ऊतक किसी जीव के शरीर में कोशिकाओं के ऐसे समूह को कहते हैं जिनकी उत्पत्ति एक समान हो तथा वे एक विशेष कार्य करती हो। अधिकांशतः ऊतको का आकार एंव आकृति एक समान होती है। परंतु कभी कभी कुछ उतकों के आकार एंव आकृति में असमानता पाई जाती है, मगर उनकी उत्पत ...

                                               

कोशिका चक्र

कोशिका चक्र एक अनुक्रम है जिससे कोशिका की प्रतिकृति होती है। इस अनुक्रम में कोशिका वृद्धि, गुणसूत्रों का द्विगुणन और कोशिका विभाजन शामिल हैं।इसकी दो अवस्थाए होती है 1;अंतरावस्था 2; सूत्री विभाजन अवस्था अंतरावस्था को तीन प्रवस्थाओ मे विभाजित किया ...

                                               

जीवद्रव्य

कोशिका के कोशिका झिल्ली के अंदर सम्पूर्ण पदार्थों को जीव द्रव्य कहते हैं। यह सभी कोशिकाओं में पाया जाता है। यह रवेदार, जेलीनुमा, अर्धतरल पदार्थ है। यह पारदर्शी एवं चिपचिपा होता है। इसकी रचना जल एवं कार्बनिक तथा अकार्बनिक ठोस पदार्थों से हुई है। इ ...

                                               

हरितलवक

हरितलवक या क्लोरोप्लास्ट एक प्रकार का कोशिकांग है जो सुकेन्द्रिक पादप कोशिकाओं में और शैवालीय कोशिकाओं में पाया जाता है। हरितलवक प्रकाश-संश्लेषण द्वारा प्रकाशीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करतें हैं। इन का हरा रंग इन में पर्णहरित रसायन ...

                                               

मैकौ

मैकौ एक प्रकार का तोता है। यह अपने रंगबिरंगे पंखों के लिए जाना जाता है। यह पक्षी दीर्घावधी तक जीवित रहते हैं और इनकी आयु ६० वर्ष तक हो सकती है। ये पक्षी मनुष्य की आवाज़ भी निकाल सकते हैं।

                                               

मोनाल

मोनाल फ़ीसण्ट परिवार का लोफ़ोफ़ोरस जीनस का एक पक्षी है। इसकी तीन प्रजातियाँ और बहुत सी उपप्रजातियाँ लोफ़ोफ़ोरस जीनस के अन्तर्गत पाई जाती हैं। तीन प्रजातियाँ है: स्क्लाटर की मोनाल लोफ़ोफ़ोरस स्क्लाटेरी Lophophorus sclateri हिमालयी मोनाल लोफ़ोफ़ोरस ...

                                               

कार्ल लैंडस्टैनर

कार्ल लैंडस्टैनर, आस्ट्रिया के एक जीववैज्ञानिक तथा चिकित्सक थे। सन १९०० में उन्होने रक्त के मुख्य समूहों की पहचान की।

                                               

जीवाणु एवं विषाणु मे अन्तर

बैक्टीरिया लागत, राज्य नहीं रह जाता है, के बाद से वायरस जीवित कोशिका के बाहर के दायरे से राज्य के हजारों साल रह सकते हैं और जब भी वे जीवित कोशिका में मिलती है ये जीवन बन गया है. बैक्टीरिया बैक्ट्रिया है, के बाद से वायरस कर रहे हैं । इन संग्रहों म ...

                                               

नील हरित शैवाल

नील हरित शैवाल एक जीवाणु फायलम होता है, जो प्रकाश संश्लेषण से ऊर्जा उत्पादन करते हैं। यहां जीवाणु के नीले रंग के कारण इसका नाम सायनो से पड़ा है। नील हरित काई वायुमंडलीय नाइट्रोजन यौगिकीकरण कर, धान के फसल को आंशिक मात्रा में की नाइट्रोजन पूर्ति कर ...

                                               

ब्रुसेला

ब्रुसेला एक जीवाणु है जिसकी खोज डेविड ब्रूस ने की थी। ये जीवाणु छोटे आकार के परजीवी हैं। इस जीवाणु के कारण ब्रुसेलोसिस नामक रोग होता है।

                                               

माइकोबैक्टीरियम ट्यूबर्क्युलोसिस

माइकोबैक्टीरियम ट्यूबर्क्युलोसिस रोग पैदा करने वाला एक जीवाणु है, इससे तपेदिक या क्षय रोग होता है। इसकी खोज सर्वप्रथम रॉबर्ट कोच ने 1882 में किया था। यह एक खतरनाक जीवाणु है जो स्तनधारी जीवों के फेफड़ों के प्रभावित करता है। जीनोम परियोजना के अन्तर ...

                                               

लैक्टोबैसिलस

लैक्टोबैसिलस एक जीवाणु है जो स्त्रियों की योनि में तथा मानवों के आहार नाल में पाया जाता है। इनका आकार दण्ड जैसा होता है।इसके अलावा यह जीवाणु दूध से दही बनाने में सहायक होता है ।

                                               

आसन तंत्रिका

आसन तंत्रिका या नितम्ब तंत्रिका मानवों एवं अन्य पशुओं में पायी जाने वाली एक बड़ी तंत्रिका है। यह पीठ के निचले भाग से निकलती है और नितम्ब से होती हुई, पैर में जाती है। यह मानव शरीर की सबसे लम्बी तंत्रिका है जो पैर के ऊपरी भाग से पाँव तक जाती है । ...

                                               

तंत्रिका

किसी जीव के शरीर में तंत्रिका १ ऐसे रेशे को कहते हैं जिसके द्वारा शरीर के एक स्थान से दूसरे स्थान तक संकेत भेजे जाते हैं। तंत्रिका को अंग्रेजी में नर्व कहते हैं। मनुष्य शरीर में तंत्रिकाएँ शरीर के लगभग हर भाग को मस्तिष्क या मेरूरज्जु २ से जोड़कर ...

                                               

तन्त्रिका तन्त्र

जिस तन्त्र के द्वारा विभिन्न अंगों का नियंत्रण और अंगों और वातावरण में सामंजस्य स्थापित होता है उसे तन्त्रिका तन्त्र कहते हैं। तंत्रिकातंत्र में मस्तिष्क, मेरुरज्जु और इनसे निकलनेवाली तंत्रिकाओं की गणना की जाती है। तन्त्रिका कोशिका, तन्त्रिका तन् ...

                                               

परिधीय तंत्रिका तंत्र

परिधीय तंत्रिका तंत्र, तंत्रिका तंत्र का वह भाग है जो संवेदी न्यूरॉनों तथा दूसरे न्यूरानों से बनती है जो केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र को परिधीय तंत्रिका तंत्र से जोड़ते हैं। इसमें केवल तंत्रिकाओं का समूह है, जो मेरूरज्जु से निकलकर शरीर के दोनों ओर के ...

                                               

द्विपद नामपद्धति

जीव विज्ञान में, द्विपद नामकरण प्रजातियों के नामकरण की एक औपचारिक प्रणाली है। कार्ल लीनियस नामक एक स्वीडिश जीव वैज्ञानिक ने सबसे पहले इस दो नामों की नामकरण प्रणाली को उपयोग करने के लिए चुना था। उन्होंने इसके लिए पहला नाम वंश का और दूसरा प्रजाति व ...

                                               

मानव प्रतिरूपण

मानव प्रतिरूपण किसी जीवित अथवा पूर्व में जीवित मानव की जेनेटिक रूप से समान प्रतिलिपि का निर्माण करना को कहा जाता है। सामान्यतः इस शब्द का उल्लेख कृत्रिम मानव प्रतिरूपण के रूप में किया जाता है; समरूप जुड़वां के रूप में मानव प्रतिरूपण सामान्य रूप स ...

                                               

भगोष्ठ संधान

भगोष्ठ संधान एक प्लास्टिक सर्जरी की प्रक्रिया है जिसके द्वारा लघु भगोष्ठ) तथा बृहद भगोष्ठ) का स्वरूप बदल दिया जाता है।

                                               

योनिच्छद पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा (ह्य्मेनोप्लास्टी)

ह्य्मेनोप्लास्टी या योनिच्छद पुनर्निर्माण सर्जरी, एक ऐसी शल्य चिकित्सा प्रकिया है जिसमें योनिद्वार की झिल्ली की शल्य चिकित्सा द्वारा फिर से बहाली की जाती है। पुरुषों की रूढिवादी सोच के चलते फिर से कौमार्य को जरूरत मानने वाली लड़कियां हाइम्नोप्लास ...

                                               

अंगुष्ठ

मानव जैसे कुछ प्राणियों में हाथ का अँगूठा मोड़कर अन्य उंगलियों की ओर लाया जा सकता है। यह सम्मुख अँगूठा opposable thumb वस्तुएँ पकड़ने और प्रयोग करने की क्षमता प्रदान करता है और नरवानर गण के प्राणियों के पनपने का और मानवीय सभ्यता का एक मूल कारण सम ...

                                               

आंसू

आँसू आँख की अश्रु नलिकाओं से निकलने वाला तरल पदार्थ है जो जल और नमक के मिश्रण से बना होता है। यह आँख के लिए बेहद लाभकारी होता है। यह आँख को शुष्क होने से बचाता है तथा उसे साफ और कीटाणु रहित रखने में मदद करता है। आंसुओ में लाइसोजियम नामक एंजाइम पा ...

                                               

इन्द्रिय

इंद्रिय के द्वारा हमें बाहरी विषयों - रूप, रस, गंध, स्पर्श एवं शब्द - का तथा आभ्यंतर विषयों - सु:ख दु:ख आदि-का ज्ञान प्राप्त होता है। इद्रियों के अभाव में हम विषयों का ज्ञान किसी प्रकार प्राप्त नहीं कर सकते। इसलिए तर्कभाषा के अनुसार इंद्रिय वह प् ...

                                               

उंगली

हाथों तथा पैरों के अग्रभागों को अंगुलियाँ कहा जाता है। मनुष्य के प्रत्येक हाथ तथा पैर में पाँच-पाँच अंगुलियाँ होती हैं। इस प्रकार से मनुष्य की कुल बीस अंगुलियाँ होती हैं।

                                               

कंधा

कंधा तीन हड्डियों का बना होता है: हंसली, कंधे की हड्डी और प्रगंडिका और उसके साथ ही मास्पेशिया, कंडर के शोथ और बंध भी सम्मिलित हैं। कंधे की हड्डियों के बीच के जोड़ो से कंधे का जोड़ बनता है कंधे का प्रमुख जोड़ है- ग्लेनोह्युमरल जोड़ मानव के शरीर रच ...

                                               

कमर

कमर पसलियों और कूल्हों के बीच का पेट का हिस्सा है। जिन लोगों का शरीर आनुपातिक होता है उन लोगों में कमर धड़ का सबसे संकरा हिस्सा है। महिलाओं की कमर का घेरा, प्रायः पुरुषों की अपेक्षा कम होता हैं।

                                               

कलाई

मानव संरचनाशास्त्र में कलाई, हथेली और बाँह के बीच का जोड़ है। हाथ को चलायमान रखने के लिए इसका बड़ा महत्व है। मज़बूत कलाई वाले टेनिस, बैडमिंटन और क्रिकेट में बाज़ी मार ले जाते हैं। कलाई आधारभूत रूप से दो भागों वाली छोटी हड्डी से बनी होती है जिन्हे ...

                                               

कार्डियक पेसमेकर

सभी जानवरों में हृदय की मांसपेशी का संकुचन रासायनिक आवेग द्वारा शुरू होता है। जिस वेग पर हृदय गति इन आवेगों की चाल को नियंत्रित करती है। कोशिकाएं जो इन आवेगों की ताल को बनाए रखती हैं उसे पेसमेकर कहते हैं और यह सीधे तौपर हृदय गति को नियंत्रित करती ...

                                               

दन्त विकास

दन्तविकास एक जटिल प्रक्रिया है जिसके द्वारा दाँतों का निर्माण होता है और वे बाहर निकलकर मुंह में दिखाई देने लगते हैं। गर्भस्थ जीवन के छठे सप्ताह में मैक्सिलरी और मैंडिब्युलर चापों को ढकनेवाली उपकला में छिछले दंत खूंड़ बनते हैं। खूंड के बाहर की उप ...

                                               

नकली नाखून

महिलाएँ सामान्यत: शादी-विवाह के अवसर पर बहुत बेचैन रहती हैं कि उनके नाखून भी उनके वस्त्र की तरह ही आकर्षक दिखें | इसके अलावा उस समय वह इस बात से परेशानी भी चितित थीं कि उनकी जिंदगी के सबसे ख़ास दिन उन्हें हर समय यह परेशानी सताए कि कहीं नाखूनों से ...

                                               

नाखून

नाखून मनुष्यों के हाथ तथा पांव की अंगुलियों के आख़िरी हिस्से के ऊपरी भाग में एक ठोस कवचनुमा आवरण होता है। यह वानरों और कुछ अन्य स्तनपाइयों में भी विद्यमान होता है। अनेक जीवों में नाखून पंजों के समान होता है। यह एक कठोर प्रोटीन कॅराटिन से बना होता ...

                                               

पित्त

शरीररचना-विज्ञान तथा पाचन के सन्दर्भ में, पित्त गहरे हरे या पीले रंग का द्रव है जो पाचन में सहायक होता है। यह कशेरुक प्राणियों के यकृत में बनता है। मानव के शरीर में यकृत द्वारा पित्त का सतत उत्पादन होता रहता है जो पित्ताशय में एकत्र होता रहता है। ...

                                               

पैर

पैर या पाँव किसी कशेरुकी प्राणी के शरीर की टाँग के अंत पर स्थित अंग होता है। अक्सर इस पैर का तलुआ धरती के साथ लगकर प्राणी का भार उठाने और उसके चलने में सहायक होता है।

                                               

पैर के नाखून

प्रगति और फैशन की दुनिया की विकासशील प्रकृति फुट का एक विशाल नोटिस का नेतृत्व किया है। नाखून और पैर की अंगुली के नाखून डिजाइन सटीक महत्व का है और अलग पैर के अंगूठे के नाखून के माध्यम से एक बिंदु बन गए हैं। अधिक अपने पैरों से दिखाने के लिए और व्या ...

                                               

बहु-सक्षम कोशिकाएं

भ्रूण विकास के दौरान डिम्ब वह एक कोशिका है, जो पूरे जीव को बनाने की पूर्ण क्षमता रखती है। ये कोशिकाएं कई बार विभाजित होकर ऐसी कोशिकाएं बनातीं हैं, जो पूर्ण सक्षम होतीं हैं अर्थात विभाजित होने पर प्रत्येक कोशिका पूरा जीव बना सकती है। कुछ और विभाजन ...

                                               

बाँह

अगर आप इस नाम के प्राचीन राजा पर जानकारी ढूंढ रहे हैं तो बाहु राजा का लेख देखें बाँह या भुजा किसी प्राणी के शरीर के ऐसे उपांग को कहते हैं जिसके अंत पर आमतौपर हाथ लगा होता है। नरवानर गण के शरीरों में ऐसे ऊपरी उपांग को बाँह कहते हैं और निचले उपांग ...