ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 459




                                               

केकड़ा

केकड़ा आर्थ्रोपोडा संघ का एक जन्तु है। इसका शरीर गोलाकार तथा चपटा होता है। सिरोवक्ष तथा उदर में बँटा रहता है। इसका उदर बहुत छोटा होता है। इसके सिरोवक्ष के अधर वाले भाग में पाँच जोड़े चलन पाद मिलते हैं। सिपर एक जोड़ा सवृन्त संयुक्त नेत्र मिलता है। ...

                                               

सहस्रपाद

सहस्रपाद आर्थोपोडा संघ का एक प्राणी है। इसका शरीर लंबा एवं खण्डयुक्त तथा काइटिन के बाह्य कंकाल से ढका होता है। सिपर एक जोड़ी श्रृंगिकाएँ होती हैं। धड़ के प्रत्येक खण्ड में दो जोड़े संधियुक्त पैर होते हैं। इसमें श्वसन अंग वायुनलियाँ हैं।

                                               

स्थलीय कछुआ

स्थलीय कछुए उन कछुओं को कहा जाता है जो मुख्य रूप से स्थलीय वातावरणों में अपना जीवन बसर करते हैं। अन्य कछुओं की तरह, स्थलीय कछुए का भी पूरा शरीर कड़े कवच से ढ़का रहता है। इसके शरीर के कवच का ऊपरी भाग कारापेश तथा निचला भाग प्लास्ट्रन कहलाता है। इसक ...

                                               

चौपाये

चौपाये या चतुरपाद उन प्राणियों का महावर्ग है जो पृथ्वी पर चार पैरों पर चलने वाले सर्वप्रथम कशेरुकी प्राणियों के वंशज हैं। इसमें सारे वर्तमान और विलुप्त उभयचर, सरीसृप, स्तनधारी, पक्षी और कुछ विलुप्त मछलियाँ शामिल हैं। यह सभी आज से लगभग ३९ करोड़ वर ...

                                               

ऋजुपक्ष कीटवर्ग

ऋजुपक्ष कीटवर्ग या आर्थोप्टेरा अपेक्षाकृत एक कम विकसित कोटि है जिसके अंतर्गत टिड्डियों, टिड्डों, झींगुरों, झिल्लियों, रीवों आदि की गणना की जाती है। पहले इस कोटि में तेलचट्टे, पर्णकीट, मैंटिस आदि भी रखे गए थे, किंतु अब वे दूसरी कोटि के अंतर्गत कर ...

                                               

एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन

एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन, या Integrated Pest Control) नाशीजीवों के नियंत्रण की सस्ती और वृहद आधार वाली विधि है जो नाशीजीवों के नियंत्रण की सभी विधियों के समुचित तालमेल पर आधारित है। इसका लक्ष्य नाशीजीवों की संख्या एक सीमा के नीचे बनाये रखना है। इस ...

                                               

एडीज

एडीज, मच्छरो का एक वंश हैं। सभी मच्छरों की तरह ही इसके जीवन चक्र की चार अवस्थाएं हैं: अण्डा, लारवा, प्यूपा एंव व्यस्क. पहली चार अवस्थाएं जल के अंदर पूरी होती हैं। यह कई महत्वपूर्ण रोंगो जैसे फाईलेरिया, चिकूनगुनिया, पीत ज्वर तथा पक्षियों में होने ...

                                               

कलापक्ष

कलापक्ष या हायमेनोप्टेरा = झिल्ली; टेरोन = पक्ष या पंख) के अंतर्गत चींटियाँ, बर्रे, मधुमक्खियाँ और इनके निकट संबंधी तथा आखेटि पतंग आते हैं। लिनीयस ने 1758 ई. में हायमेनोप्टेरा नाम उन कीटों को दिया जिनके पक्ष झिल्लीमय होते हैं तथा जिनकी नारियों मे ...

                                               

किकिकि हना

किकिकि हना दुनिया का सबसे छोटा उड़न कीड़ा है। इसकी लंबाई ०.१६ मिलीमिटर है। यह बहुकोशिकीय जीव एक कोशिकीय जीव से भी छोटा है। यह सर्वप्रथम त्रिनिदाद में पाया गया था। बाद में यह हवाई, आस्ट्रेलिया और अर्जेंटिना में भी मिला। २०१५ में यह भारत के तमिलनाड ...

                                               

क्यूलेक्स

क्यूलेक्स, मच्छरो का एक वंश हैं। सभी मच्छरों की तरह ही इसके जीवन चक्र की चार अवस्थाएं हैं: अण्डा, लारवा, प्यूपा एंव व्यस्क. पहली चार अवस्थाएं जल के अंदर पूरी होती हैं। यह कई महत्वपूर्ण रोंगो जैसे फाईलेरिया तथा पक्षियों में होने वाले मलेरिया का वा ...

                                               

घुन (गेहूँ का)

गेहूँ का घुन एक सामान्य कीट है जो विश्व के सभी भागों में पाया जाता है। ये भण्डारित गेहूँ पर लगते हैं और बड़ी तेजी से बहुत अधिक क्षति कर सकते हैं। इसकी मादा बहुत से अण्डे देती है तथा इसका लार्वा अनाज का भीतरी भाग खाकर उसको खोखला कर देता है।

                                               

चींटी

चींटी या पिपीलिका एक सामाजिक कीट है, जो फ़ोरमिसिडाए नामक जीववैज्ञानिक कुल में वर्गीकृत है। इस कुल की 12.000 से अधिक जातियों का वर्गीकरण किया जा चुका है और अनुमान है कि इसमें लगभग 10.000 और जातियाँ हैं। इनका विश्व के पर्यावरण में भारी प्रभाव है, ज ...

                                               

जुगनू

जुगनू या खद्योत कीटों का एक परिवार है। इनके पंख होते हैं। ये जीवदीप्ति उत्पन्न करके अपने संगी को आकृष्ट करते हैं या दूसरे जानवरों का शिकार करने के लिये इसका उपयोग करते हैं। इनके द्वारा उत्पन्न प्रकाश पीला, हरा, लाल आदि हो सकता है। यह प्रकाश रासाय ...

                                               

जैविक नाशीजीव नियंत्रण

फसलों के नाशीजीवों कों नियन्त्रित करने के लिए दूसरे जीवों को प्रयोग में लाना जैव नियन्त्रण कहलाता है। जैव नियन्त्रण, एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन का महत्वपूर्ण अंग है। इस विधि में नाशीजीवी व उसके प्राकृतिक शत्रुओ के जीवनचक्र, भोजन, मानव सहित अन्य जीवों ...

                                               

झींगुर

झींगुर एक कीट है। यह रात में झीं की आवाज निकालने के लिये जाना जाता है। जब नर झींगुर अपने परों को आपस में तेज़ी से रगड़ते हैं,तो झीं की तेज आवाज निकलती है जिससे मादा झींगुर आकर्षित होती हैं।

                                               

टिड्डी

टिड्डी ऐक्रिडाइइडी परिवार के ऑर्थाप्टेरा गण का कीट है। हेमिप्टेरा गण के सिकेडा वंश का कीट भी टिड्डी या फसल डिड्डी कहलाता है। इसे लधुश्रृंगीय टिड्डा भी कहते हैं। संपूर्ण संसार में इसकी केवल छह जातियाँ पाई जाती हैं। यह प्रवासी कीट है और इसकी उड़ान ...

                                               

डिप्टेरा

द्विपंखी गण या डिप्टेरा गण के अंतर्गत वे कीट संमिलित हैं जो द्विपक्षीय हैं। कीट का यह सबसे बृहत् गण है। इसमें लगभग ८० हजार कीट जातियाँ हैं। इसमें मक्खी, पतिंगा, कुटकी, मच्छर तथा इसी प्रकार के अन्य कीट भी संमिलित हैं। इस समुदाय के अंतर्गत एक ही प् ...

                                               

तितली

तितली कीट वर्ग का सामान्य रूप से हर जगह पाया जानेवाला प्राणी है। यह बहुत सुन्दर तथा आकर्षक होती है। दिन के समय जब यह एक फूल से दूसरे फूल पर उड़ती है और मधुपान करती है तब इसके रंग-बिरंगे पंख बाहर दिखाई पड़ते हैं। इसके शरीर के मुख्य तीन भाग हैं सिर ...

                                               

तिलचट्टा

तिलचट्टा कीट वर्ग का एक सर्वाहारी, रात्रिचर प्राणी है जो अंधेरे में, गर्म स्थानों में, जैसे रसोई घर, गोदाम, अनाज और कागज के भंडारों में पाया जाता है। पंख से ढका हल्का लाल एवं भूरे रंग का इसका शरीर तीन भागों सिर, वक्ष और उदर में विभाजित रहता है। स ...

                                               

थाइसेनोप्टेरा

थाइसेनोप्टेरा कीटों का छोटा गण है। ये कीट अंग्रेजी भाषा में थ्रिप्स कहलाते हैं। ये स्वभाव से चपल, कोमल शरीरधारी और सूक्ष्म आकार के, अर्थात्‌ प्राय: १/२० से लेकर १/३ इंच तक के, होते हैं। इनकी प्रमुख विशेषता है पंखों के किनारों का झालरदार होना और इ ...

                                               

दीमक

दीमक एक छोटा सामाजिक कीट है जो कि जटिलतम प्रकार का सामाजिक जीवन प्रदर्शित करता है। कुछ समय पहले तक दीमकों को एक गण अर्थात आर्डर स्तर का दर्जा प्राप्त था और आर्डर आइसोप्टेरा में वर्गीकृत किया जाता था लेकिन वर्तमान में इन्हें एक मान्य एपिफ़ेमिली टर ...

                                               

पाइरिला

पाइरिला पेर्पुसिला एक प्रकार का पंखवाला कीट है, जो पौधों की पत्तियों का रस चूसता है। यह कृषि के लिए हानिकारी कीट है, ख़ासतौपर गन्ने की खेती को भारी नुकसान पहुँचाता है। गन्ने की फसल के इस कीट से प्रभावित होने को पाइरिला रोग की संज्ञा भी दी जाती है।

                                               

प्यूपा

कोशित या प्यूपा कुछ कायान्तरण करने वाले कुछ कीटों के जीवन-चक्र की एक अवस्था का नाम है। यह कायान्तर के दौरान होने वाली चार अवस्थाओं में से एक अवस्था है। इन कीटों के कायान्तरण की चार अवस्थाएं ये हैं - भ्रूण, डिंभ, प्यूपा तथा पूर्ण कीट या पूर्णक ।

                                               

रानी कीड़ा

रानी कीड़ा जमीन में पाये जाने वाले कीट हैं जो अपने चमकीले लाल रंग से पहचाने जाते हैं। कुछ लोग इन्हें मकड़ी समझने की भूल कर बैठते हैं। इन्हें छत्तीसगढ़ में रानी कीड़ा, ओडीशा में साधव बाव, उत्तर भारत के अनेक भागों में भगवान की बुढ़िया, तेलुगु में अ ...

                                               

रेशम कीट

रेशम कीट कीट वर्ग का प्राणी है। बाम्बिक्स वंश के लारवा से रेशम या सिल्क प्राप्त होता है। अतः इन्हें रेशम कीट कहते हैं। ये आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं तथा इनका पालन चीन में लगभग 5000 वर्षों से होता आया है। रेशम कीट एकलिंगी होता है। अर्थात नर और म ...

                                               

व्याध पतंग

ब्याध पतंग या ड्रगन फ्लाई एक कीट है। इसकी बड़ी आँखें, दो जोड़ी मजबूत पारदर्शी पंख और हेलिकॉप्टर जैसा लम्बा शरीर इसकी मुख्य विशेषता हैं। अन्य कीटों की तरह इनके छः पैर होते हैं किन्तु ये ठीक से चल नहीं सकते। यह भारत में अधिकतर स्थानों पर पाया जाता ...

                                               

हेमिपटेरा

हेमिपटेरा आधा, टेरॉन एक पंख) के अंतर्गत खटमल, जूँ, चिल्लर, शल्क कीट, सिकाडा और वनस्पति खटमल । इन्हें मत्कुणगण भी कहा जाता है। मत्कुण का अर्थ होता है खटमल। इस प्रकार की कीटों को हेमिप्टेरा नाम सबसे पहिले लीनियस ने 1735 ई. में दिया था। इस नाम का आध ...

                                               

कस्तूरी बैल

कस्तूरी बैल उत्तरी ध्रूवीय प्रदेशों में पाया जाने वाला स्तनधारी प्राणी है। इनके नरों के शरीर से तीक्ष्ण गंध निकलती है जिसके कारण इन्हें कस्तूरी बैल नाम दिया गया है। वास्तव में यह गंध संगम हेतु मादाओं को आकर्षित करने के काम आती है। यह ग्रीनलैण्ड औ ...

                                               

छछून्दर

छछूंदर दुनिया भर में सबसे अधिक पाये जाने वाले जानवरों में से एक है। छछूंदर की करीब ३० प्रजातियाँ होती हैं, लेकिन इनमे से सिर्फ कुछ प्रजातियाँ ही अक्सर देखने को मिलती हैं। जमीन में लम्बी दरारों के अंदर या खेतों के आसपास छछूंदर अक्सर देखे जा सकते ह ...

                                               

बकरा

सामान्य रूप से कहा जाए तो बकरा शब्द चार पैरों वाले जानवर है जो एक पालतू पशु है। यह नर बकरी के लिए उपयोग होने वाला शब्द है। विभिन्न धर्मों में कुछ धार्मिक कार्यों को पूरा करने के लिए बकरे की बलि दी जाती है। बलि देने से पहले बकरे को खुब चराया जाता ...

                                               

सांड

सांड या साँड़ गाय का नर पशु होता है। बैल इसका एक समानार्थक शब्द है। जहाँ सामान्य रूप से गाय शांति के लिए प्रसिद्ध है, वहीं कई स्थानों पर सांडों ने अचानक हमले करके लोगों में आतंक फैलाया है। अत: गाय के प्रकार की शांतिप्रियता सांडों में नहीं पाई जात ...

                                               

सूअर

सूअर आर्टियोडेक्टिला गण के सुइडी कुल के जीव, जिनमें संसार के सभी जंगली और पालतू सूअर सम्मिलित हैं, इसके अंतर्गत आते हैं। इन खुर वाले प्राणियों की खाल बहुत मोटी होती है और इनके शरीर जो थोड़े बहुत बाल रहते हैं वे बहुत कड़े होते हैं। इनका थूथन आगे क ...

                                               

उड़ान रहित पक्षी

उडा़न रहित पक्षी वह पक्षी होते हैं जिनमे उड़ने की क्षमता का अभाव होता है और यह पक्षी बजाय उड़ने के अपनी चलने या तैरने की योग्यता पर निर्भर होते हैं और माना जाता है कि इनका विकास इनके उड़ान में सक्षम पूर्वजों से हुआ है। वर्तमान में उडा़न रहित पक्ष ...

                                               

एलेक्स

एलेक्स एक अफ्रिकन तोता था, जो कि तीव्र बुद्धिशाली था। वैज्ञानिक आइरिन ने अपने तोते का नाम भी अपने परीक्षण यानि Avian Learning EXperiment से लेकर ALEX रखा। इसके बाद अलेक्स का प्रशिक्षण शुरू हुआ। अलेक्स का प्रशिक्षण आम प्रशिक्षणों से एकदम अलग था। अ ...

                                               

ऑक

आक बत्तक के समान, छोटा, समुद्रीय, टिट्टिभ वर्ग का पक्षी है। इसका शरीर गठा हुआ, पंख छोटे और सँकरे, १२ से १८ परों की छोटी नाप तथा शरीर के पिछले भाग में आपस में झिल्ली से जुड़े, कुल तीन अँगुलियोंवाले, पैर होते हैं। पैरों की स्थिति शरीर के पिछले भाग ...

                                               

कठफोड़वा

कठफोड़वा पक्षियों की एक प्रजाति है। इसे हुदहुद भी कहा जाता है। इस परिवार के सदस्य दुनिया भर में पाए जाते हैं, ऑस्ट्रेलिया, न्यू गिनी, न्यूजीलैंड, मेडागास्कर, और चरम ध्रुवीय क्षेत्रों के लिए छोड़कर।

                                               

कबूतर

कबूतर पूरे विश्व में पाये जाने वाला पक्षी है। यह एक नियततापी, उड़ने वाला पक्षी है जिसका शरीर परों से ढँका रहता है। मुँह के स्थान पर इसकी छोटी नुकीली चोंच होती है। मुख दो चंचुओं से घिरा एवं जबड़ा दंतहीन होता है। अगले पैर डैनों में परिवर्तित हो गए ...

                                               

कमेड़ी

कमेड़ी कबूतर जाती का एक पक्षी है जो पश्चिम राजस्थान मे बहुत अधिक पाया जाता है ये हलके सफ़ेद रंग का होता है इसके गले पर कलि रिंग बनी होती है और पंजे सुनहरे रंग के होते है इसमें नर का शारीर थोडा मोटा होता है जबकि मादा छोटी होती है ये सफ़ेद रंग के अ ...

                                               

काली चील

काली चील मधयम आकार का एक शिकारी पक्षी है। यह एक्कीपित्रिडी कुल का पक्षी है और इस कुल का विश्व का सबसे अधिक पाया जाने वाला पक्षी है। वर्तमान में इनकी पूरे विश्व में संख्या ६० लाख होने का अनुमान है।

                                               

किंगफिशर

किंगफिशर कोरासीफोर्म्स वर्ग के छोटे से मध्यम आकार के चमकीले रंग के पंक्षियों का एक समूह है। इनका एक सर्वव्यापी वितरण है जिनमें से ज्यादातर प्रजातियाँ ओल्ड वर्ल्ड और ऑस्ट्रेलिया में पायी जाती हैं। इस समूह को या तो एक एकल परिवार एल्सिडिनिडी के रूप ...

                                               

कीवी पक्षी

कीवी पक्षी जो न्यूजीलैंड में पाया जाने वाला एक पक्षी है। यह न्यूजीलैंड का राष्ट्रीय पक्षी है। यह ना उड़ सकने वाले पक्षियों में सबसे छोटा पक्षी है और यह सिर्फ न्यूजीलैंड में पाया जाता है क्योंकि यह के अलावा और कहीं की जलवायु इनके अनुकूल नहीं है।

                                               

कुरजां

प्रवासी पक्षी को स्थानीय भाषा में कुरजां/कुर्जा कहते हैं। कुरजां अधिकतर बीकानेर संभाग और जोधपुर संभाग के फलोदी,लोर्डिया गांवों में तालाबों पर पानी पीने के लिए आती हैं। ये पक्षी साइबेरिया से ईरान, अफगानिस्तान आदि देशों से होते हुए भारत में प्रतिवर ...

                                               

कोयल (पक्षी)

कोयल या कोकिल कुक्कू कुल का पक्षी है, जिसका वैज्ञानिक नाम यूडाइनेमिस स्कोलोपेकस है। नर कोयल नीलापन लिए काला होता है, तो मादा तीतर की तरह धब्बेदार चितकबरी होती है। नर कोयल ही गाता है। उसकी आंखें लाल व पंख पीछे की ओर लंबे होते हैं। नीड़ परजीविता इस ...

                                               

खंजन

खंजन भारतीय साहित्य का एक चिरपरिचित और उपमेय पक्षी। इसे खिंडरिच, खंजरीट, खंडलिच आदि नामों से भी पुकारते हैं। यह मोटासिलिडी कुल के मोटासिला वर्ग का पक्षी है जिसे अंग्रेजी में वैगटेल कहते हैं। यह भारत का बहुत प्रसिद्ध पक्षी है जो जाड़ों में उत्तर क ...

                                               

खैर (पक्षी)

खैर भारतीय पहाड़ी पक्षी जो प्राय: ४ हजार से १५ हजार फुट की ऊँचाई पर ही देखने में आता है। किंतु अपनी शर्मीली आदत के कारण यह सरलता से देखने में नहीं आता। अपनी तेज आवाज के आधापर ही उसके कहीं होने का पता चलता है। वह हमेशा घनी झाड़ियों में घुसा रहता ह ...

                                               

गंगा चिल्ली

गंगा चिल्ली या घोमर चील जाति का एक पक्षी है जो नदियों के ऊपर उड़ता हुआ दिखता है। इसका आकार मध्यम से लेकर बड़ा होता है। रंग धूसर या सफेद, बीच-बीच में पाथे और पंख पर काला बिन्दु होते हैं। इसकी आवाज बहुत कर्कश होती है।

                                               

जलकाक

जलकाक या पनकौआ पक्षियों में बक गण के जलकाक कुल का प्रसिद्ध पक्षी है जिसकी कई जातियाँ सारे संसार में पाई जाती हैं। इस कुल के पक्षियों का रंग काला, चोंच लंबी, टाँगें छोटी और उँगलियाँ ज़ालपाद होती है। ये अपना अधिक समय पानी में ही बिताते हैं और पानी ...

                                               

टिटहरी

टिटहरी मध्यम आकार के जलचर पक्षी होते हैं, जिनका सिर गोल, गर्दन व चोंच छोटी और पैर लंबे होते हैं। यह प्राय: जलाशयों के समीप रहती है। इसे कुररी भी कहते हैं। नर अपनी मादा को हवाई करतबों से रिझाता है, जिनमें उड़ान के बीच में द्रुत चढ़ाव, पलटे और चक्क ...

                                               

तोता

तोता एक पक्षी है जिसका वैज्ञानिक नाम सिटाक्यूला केमरी है। भारत के मप्र सागर देवरी मै लाखो की तादात मै शाम को देवरी शहर आते है कुछ परम्परागत ABC तोतो 25 सालो से लगातार एक निश्चित स्थान बैठते है और बाकी तोते शहर के पेडो पर रोज बैठते है उनकी चिकचिका ...

                                               

नीलकंठ पक्षी

नीलकंठ रोलर वर्ग का पक्षी है। यह मुख्यतः उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में पाया जाता है जिसमें पश्चिमी एशिया से भारतीय उपमहाद्वीप तक शामिल हैं। इसे आईयूसीएन लाल सूची में अल्पतम चिन्ता की स्थिति में सूचीबद्ध किया गया है। यह पक्षी मुख्य रूप से प्रजनन के ...