ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 567




                                               

दयाल बाग

दयालबाग की स्थापना राधास्वामी सत्संग के पांचवे संत सत्गुरु परम गुरु हुजूर साहब जी महाराज ने की थी। दयालबाग की स्थापना भी बसन्त पंचमी के दिन 20 जनवरी 1915 को शहतूत का पौधा लगा कर की गई थी। दयालबाग राधास्वामी सत्संग का हेडक्वाटर है और राधास्वामी सत ...

                                               

दीवान-ए-आम

दीवान-ए-आम आगरा किले में स्थित मुगल बादशाह का प्रमुख सभागार था। इसीमें मयूर सिंहासन या तख्ते ताउस स्थापित था इस सभागार का प्रयोग आम जनता से बात करने और उनकी फरयाद सुनने के लिये होता था।

                                               

दीवान-ए-ख़ास

निर्माण शाहजहां ने करवाया। खूबसूरती से तराशी गई यह इमारत दीवान-ए-खास के पास स्थित है। यही वह जगह है जहां औरंगजेब की कैद में शाहजहां ने अपनी जिंदगी के आखिरी सात साल बिताए। माना जाता है कि यहां से ताज का सबसे सुंदर नजारा दिखाई पड़ता है जो अधिक प्रद ...

                                               

सुहेलदेव सुपरफास्ट एक्सप्रेस

सुहेलदेव सुपरफास्ट एक्सप्रेस आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन से गाजीपुर सिटी उत्तरी रेलवे से जुड़ी एक सुपरफास्ट ट्रेन है जो कि भारत में गाजीपुर शहर और आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलती है। यह वर्तमान में 22419/22420 ट्रेन नंबरों के साथ सप्ताह के आधा ...

                                               

अकोस

"अकोस"श्रीकृष्णजी की नगरी मथुरा का एक छोटा सा सुरम्य गावं है। ब्रजक्षेत्र के सुदूर ग्रामीण अंचल में स्थित अकोस गावँ कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों के मध्य यमुना के तट पर बसा हुआ है। अकोस श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता बलदाऊकी नगरी बलदेव नगर से जुड़ा ...

                                               

अतरौली हरदोई

अतरौली एक गाँँव है जो कि भारत के उ॰प्र॰ राज्य में जिला हरदोई में जिला मुख्‍यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर संडीला तहसील में स्थित है। अतरौली में पुलिस स्‍टेशन, बैंक, स्‍कूल, कालेज, बाजार आदि सुविधाएं उपलब्‍ध हैं। इस कस्‍बे मेंं एक प्रसिद्ध विद्यालय ...

                                               

अबुबकर नगर

देवरिया शहर के पुराने क्षेत्रों में से एक अबुबकर नगर का नाम देवरिया के प्रशिद्ध शिक्षाविद, हकीम और अध्यापक मौलाना हकीम अबुबकर के नाम पर रखा गया है।मौलाना अबुबकर का जन्म 19 अक्टूबर 1879 को कलकत्ता में हुआ था। महमूद अली और बेगम शाहीन खान के चार पुत ...

                                               

अमोढ़ा

पुराने समय में अमोढ़ा केवल गाँव नहीं था बल्कि एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय राज था जिसमें काफ़ी सारे गाँव आते थे। अमोढ़ा चौदहवीं सदी में कायस्थ वंशीय राजाओं द्वारा शासित था। बाद में यहाँ सूर्यवंशी लोगों का शासन हुआ। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में यहाँ ...

                                               

कमलापुर

कमलापुर उत्तर प्रदेश राज्य, भारत के सीतापुर जिले में सिधौली तहसील में एक छोटा गांव / गांव है। यह महोली पंचायत के अंतर्गत आता है। यह लखनऊ डिवीजन से संबंधित है। यह जिला मुख्यालय सीतापुर से दक्षिण की ओर 25 किलोमीटर स्थित है। राज्य की राजधानी लखनऊ से ...

                                               

कुंडेसर

कुंडेसर, उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले का एक गाँव है। राजा भैरव शाह के सबसे बड़े पोते तलकुकर बाबू माधव राय ने गंगा नदी के किनारे पर 1507 ई डी में इसको स्थापित किया था। राजा मल्हान दीक्षित की पांचवीं पीढ़ी में, राजा भैरो शाह अंतिम व्यक्ति थे जो सा ...

                                               

केदारपुर (भदोही)

केदारपुर गाँव,वाराणसी और इलाहाबाद के बीच स्थित भदोही जिले मे है।इलाहाबाद वाराणसी मार्ग स्थित गोपीगंज बजार से 3km पश्चिम केवलापुर से 5km दक्षिण दूरी पर केदारपुर गाँव स्थित है।यह गाँव गंगा नदी के किनारे स्थित है। गाँव के पूरब मे गंगा नदी है,जो उत्त ...

                                               

गहमर

गहमर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का एक गाँव है। यह गाँव भारत का सबसे बड़ा गाँव है। यह एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा गांव है | यह पटना और मुगलसराय रेल मार्ग पर स्थित है | गाँव के पश्चिम छोपर कमइच्छा माई का मंदिर स्थित है |१५३० में कुसुम देव राव ने ...

                                               

गोपालापुर

गोपालापुर जौनपुर जिले का एक छोता सा गान्व हे। इसके पास एक काली मां का मन्दीर हॅ जो बहुत लोकप्रीय हॅ, मॉ काली के दर्शन के लिए लोग दुर दुर से दर्शन के लीए आते हॅ; उसके पास सुबेदार दुबे का घर हॅ जो गोपालापुर के दक्षीण् और पुरब के बीच में हॅ। सुबेदार ...

                                               

ग्राम मोतीपुर

मोतीपुर ग्राम भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है। मोतीपुर ग्राम सभा के अंतर्गत अन्य दो और गाँव भी सम्मिलित हैं। यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में माता सीतला देवी का मंदिर तथा ठाकुरद्वारा प्रसिद्ध है।

                                               

तिलोकपुर

तिलोकपुर भारतवर्ष के राज्य उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहाँपुर का एक बहुत ही पुराना गाँव है। यह शाहजहाँपुर जिले के भौगोलिक क्षेत्र से बहने वाली शारदा नहर के किनारे बसा हुआ है। यह नहर मीरानपुर कटरा से तिलोकपुऔर काँट होते हुए कुर्रिया कलाँ तक जाती है। ...

                                               

तैयबपुर गाँव

तैयबपुर गांव कासगंज जनपद का एक गांव है। जो उप नगर सिढ़पुरा के पास में स्तिथ है। यह एक अम्बेडकर गांव है। जिसमें ठाकुऔर दलित दोनो समुदाय के लोग रहते है। पुरे गांव में पक्की आरसीसी रोड है। गाव् में तीन तरफ से संपर्क मार्ग है जो उसे क्रमश सिद्धपुर,डु ...

                                               

दल्हेड़ी

दल्हेड़ी भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के सहारनपुर ज़िले का एक गांव है। 2011 की जनगणना के अनुसार दल्हेड़ी की जनसंख्या ४८४० है। जानकारी के रूप में दल्हेड़ी गांव का पिनकोड २४७४५२ है।

                                               

धिन्धवलि

धिन्धवली जिला मुज़फ़्फ़र नगर में एक गाँव है। गाँव के अधिकांश लोग कृषि पर आश्रित हैं। गन्ना यहाँ की मुख्य फसल है। गाँव में २ सरकारी स्कूलों के अलावा पाँच निजी स्कूल भी हैं। यहाँ की जनसंख्या ६००० से ऊपर है। मुख्य सड़क से दूर होने के कारण यातायात की ...

                                               

धोपाप

धोपाप, उत्तर प्रदेश के अवध प्रांत के सुल्तानपुर जनपद में आदि-गंगा गोमती नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थल है, इसे "धोपाप धाम" के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि यह वही स्थान है जहां पर भगवान श्री राम ने लंकेश्वर रावण का वध कर ...

                                               

नन्दी फिरोजपुर

नन्दी फिरोजपुर उत्तर प्रदेश के जिले व तहसील सहारनपुर का एक गाँव है। यहाँ के प्रधान शौकत अली है। गाँव तरक्की पर नहीं है। यहाँ पर गुज्जर, हरिजन, मुस्लमान प्रमुख है कुछ परिवार सुनार, जुलाहों के भी है। यहाँ का आठ सौ साल पुराना वट का पेड़ भी प्रमुख है।

                                               

नसीराबाद

नसीराबाद, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक क़स्बा है। इसका जिला रायबरेली, तहसील सलोन, परगना रोखा और ब्लाक छतोह है। नसीराबाद पहले ग्राम सभा के तौपर था जिसे बाद में 29 दिसंबर वर्ष 2016 में नगर पंचायत बनाया गया जिसमें 15 वार्ड हैं।

                                               

पकरी भीखी

पकरी भीखी शुक्ल जातियो का खुशहाल और हरियलि से भरपूर जगह है चारो तरफ से खेतो से घिर हुआ और एक तरफ तालाब से जो कभी न सुखने के लिय जाना जाता है कइ जातिया अराम से रहती है, बस्ती शहर से १५ किलोमी. दूर है

                                               

फखरपुर

फखरपुर भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के जिला बहराइच का एक कस्बा एवं विकास खंड है। फखरपुर गांव की राज्य राजधानी लखनऊ है। जो फखरपुर से करीब 109 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। विकास खण्ड फखरपुर के अंदर 76 गांव आते हैं भारत की जनगणना 2011 के अनुसार यहाँ के ...

                                               

बघिरुआ

बाघिरुआ उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में भोगांव तहसील में स्थित एक बड़ा गाँव है, जिसमें 437 परिवार निवास करते हैं। यह गाँव मैनपुरी लोकसभा व किशनी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

                                               

बरसठी

गांवों, खेतों आदि से घिरा यह अच्छी जगह है। इस इलाके में मातृभाषा भोजपुरी है। बरसठी स्थान को दिन में लगभग 12 से 15 घंटे बिजली मिलती है। यहां लोग भूजल पर भारी निर्भर हैं। पानी के हाथ पंप की मदद से यहां पीने का पानी जमीन से निकाला जाता है। बरसठी के ...

                                               

बांसपार

बांसपार जिला मुख्यालय को गोरखपुर से जोड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग पर मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। इसके निकटतम रेलवे स्टेशन खुशहालनगर 3 किलोमीटर, घुघली 10 किलोमीटर, तथा कप्तानगंज जंक्शन 14 किलोमीटर हैं। ...

                                               

बाराखाल

मां दुर्गा का मंदिर:- ग्राम बाराखाल में आदिशक्ति मां दुर्गा का मंदिर आस्था का सबसे बड़ा केंद्रबिंदु है। क्षेत्र के अतिरिक्त दूसरे जनपद से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। हनुमान मंदिर:- यज्ञशालय के ऊपर हनुमान जी की प्रतिमा लगीं हुई है। राजकी ...

                                               

बिलग्राम

बिलग्राम उत्तर प्रदेश, भारत के हरदोई जिले का एक नगर और नगरपालिका क्षेत्र है। बहुत ही ऐतिहासिक तथा परम्पराओं वाला यह शहर अपने आप में एक मिशाल है । ‘जनाब’ शब्द का जन्म इसी बिलग़्राम से हुआ। तथा बादशाह औरंगज़ेब के सलाहकार इसी शहर से हुए है । इस छोटे ...

                                               

बैरवा चन्दनपुर

बैरवा चन्दनपुर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के महराजगंज जिला में स्थित नौटनवा, महाराजगंज क्षेत्र का ग्राम सभा है| यहाँ से महराजगंज जिला के मुख्यालय की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है और यहाँ से नजदीकी रेलवे स्टेशन नौतनवा की दूरी लगभग 12 किमी है| भगवान गौत ...

                                               

भवनपुरा,जनपद मथुरा

गांव-भवनपुरा - गोवर्धन से ०३ कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित जनपद मथुरा में जिला मुख्यालय से २१ किमी की दूरी पर स्थित है,यहां की किसी भी घर की छत से आप गोवर्धन स्थित श्री गिरिराज जी मंदिर के साक्षात दर्शन कर सकते हैं। यह गांव सडक मार्ग द्वारा जिला मुख्या ...

                                               

मतसाँ

मतसाँ गाजीपुर जनपद का एक गाँव है। यह गंगा के तट पर गाजीपुर से जमानियाँ जाने वाले मार्ग पर स्थित है। यह हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार कुबेरनाथ राय की जन्म भूमि और पुण्य भूमि दोनों है। इसा गाँव का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में विशेष योगदान ...

                                               

मैनहन

मैनहन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले का एक गाँव है जहाँ ३८२ परिवार रहते हैं। भारत की जनगणना २०११ के अनुसार इस गाँव की जनसंख्या २०४२ है जिसमे १०८० पुरुष तथा ९६२ महिलाएँ हैं। जनगणना के अनुसार यहाँ 0-6 वर्ष के बच्चों की संख्या २९५ है जो गाँव की ...

                                               

रघुनाथपुर गाँव, छिबरामऊ (कन्नौज)

यह गांव प्राकृतिक रूप से समृद्ध है। उत्तर प्रदेश की प्रशिद्ध नदियों मे से एक नदी-अरिन्द नदी यहा से होकर जाती है। यहा पर जल की कमी जैसी समश्या कभी नही हुई। लहलहाती फसलें यहाँ आपको हमेशा देखने को मिलेंगी।

                                               

रौनापार

रौनापार आजमगढ़ जिले की सगड़ी तहसील का एक बड़ा गांव है। सन 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक इस गांव में कुल 688 परिवार निवास करते हैं। इस गांव की कुल जनसंख्या 4847 है, जिसमें महिलाओं की आबादी 2335 है जबकि पुरुषों की कुल संख्या 2512 है।

                                               

शिवपुरी बरेली

शिवपुरी उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत बरेली जिला की तहसील आबँला के मझगवाँ विकास क्शेत्र का एक विकास शील ग्राम है। यह बरेली से ५५ किमी० रामपुर से ६५ किमी० बदायू से ५० किमी० मुरादाबाद से ८० किमी० दूरी पर स्थित है। यहाँ का पिन कोड २४३३०३ एवं टेलीफोन नम्ब ...

                                               

सेमरा, गाजीपुर

सेमरा गाजीपुर जिले का एक बड़ा गाँव है। सेमरा के सामने गंगा पार रामपुर गांव स्थित है। इन दोनों गांवों को स्थानीय लोग संयुक्त रूप से रामपुर-सेमरा कहते हैं। सेमरा गांव मोहम्मदाबाद तहसील के शेरपुर ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आता है। इस गाँव की आबादी तकर ...

                                               

सैदापुर

सैदापुर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक गाँव है। यह गाँव सुल्तानपुर जनपद में लोक सभा क्षेत्र अमेठी के अन्तर्गत आता है। सैदापुर अमेठी शहर से पश्चिम में 5 कि॰मी॰ दूरी पर स्थिति है। यह गाँव हरियाली से ओत प्रोत है। गाँव में उपलब्ध सुविधाओँ में पेयजल ...

                                               

सोनाईचा

सोनैचा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर ज़िले की बांसगांव तहसील में गगहा ब्लाक में स्थित एक गाँव है। यह गोरखपुर से 51 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गाँव में केवल हिन्दू और मुस्लिम धर्म के लोग रहते हैं। यहाँ शंकर जी का प्राचीन प्रसिद्ध मंद ...

                                               

सोरांव

सोरांव भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले की मेजा तहसिल का एक गाँव है। जिला मुख्यालय से सोरांव तहसील मुख्यालय 25 किमी दूर है। पूर्व में इसका नाम सोराम था और मान्यता है कि वन गमन के दौरान भगवान श्री राम ने यहां विश्राम किया था। यहां मौनी ब ...

                                               

हिरनगाँव

हिरनगाँव उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद जिले की फिरोजाबाद तहसील का एक छोटा-सा गाँव है। किन्तु यह गाँव ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह जरौली खुर्द ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आता है ग्राम हिरनगाँव की कुलदेवी का नाम माता बेलोन नरोरा है घनी वसाबट वाली व ...

                                               

ब्रज का भूगोल

किसी भी सांस्कृतिक भू-खंड के सास्कृतिक वैभव के अध्धयन के लिये उस भू-खंड का प्राकृतिक व भौगोलिक अध्ययन अति आवश्यक होता है। संस्कृत और ब्रज भाषा के ग्रन्थों में ब्रज के धार्मिक महत्व पर अधिक प्रकाश डाला गया है, किन्तु उनमें कुछ उल्लेख रूप में कुछ प ...

                                               

ब्रज का वन वैभव

ब्रज के बन-वैभव के आधार वे वृक्ष हैं, जो वहाँ विविध जातियों और नाना प्रकारों के मिलते हैं। उनके नाम और आकार आदि क्रम से इस प्रकार हैं - अकोल, अगस्त, अनार, अमरुद, अमलतास, अरनी, अरुआ, अशोक, आम, आँवला, इमली इन्द्रजो, कचनार, कटहल, कटियारी, कटैया, कदं ...

                                               

ब्रज की जलवायु

किसी भी क्षेत्र की संस्कृति वहाँ की जलवायु से वहुत कुछ प्रभावित होती है। जलवायु का आधार ॠतुएँ हैं। अतः क्षेत्रीय जल-वायु का प्रभाव भी वहाँ की गर्मी, सर्दी और वर्षा से होता है। इनका प्रभाव वहाँ के जन-जीवन पर और अन्ततः उसकी संस्कृति पर पड़ता हैं। व ...

                                               

ब्रज की नदियां

ब्रज प्रदेश की सांस्कृतिक सीमा में यमुना नदी का प्रथम प्रवेश बुलंदशहर जिला की खुर्जा तहशील के जेबर नामक कस्बा के निकट होता है। वहाँ से यह दक्षिण की ओर बहती हुई फरीदाबाद हरियाणा जिला की पलवल तहसील और अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के हाथरस जिला की खैर तहसील ...

                                               

ब्रज के घाट

ब्रज में मथुरा, वृन्दाबन, महाबन और गोकुल आदि स्थानों में यमुना नदी पर अनेक धाच निर्मित हैं। इनसे स्नानार्थियों को सुविधा होने के साथ ही साथ यमुना तट के सौंदर्य की भी बृद्धि होती है। वर्तमान काल में यहां पर वहुसख्यक घाट निर्मित हैं, किन्तु पहिले इ ...

                                               

ब्रज के जीव जंतु

जिस भूखंड को जलवायु जीवन के अनुकूल हो और वहाँ पर हरी-भरी वनस्पतियाँ पाई जाती हों, वहाँ पशु-पक्षी और जीव-जन्तुओं का पाया जाना एक नैसर्गिक सत्य है। किसी भी भूखंड में विचरण करने वाले पशु-पक्षी और जीव-जन्तुओं की उपस्थिति से वहाँ की जलवायु का अनुमान ल ...

                                               

ब्रज के वन

ब्रज सदा से अपने सुन्दर और सुविशाल बनों के लिये प्रसिद्ध रहा है। पुराण आदि संस्कृत ग्रन्थों में उनके नाम और विवरण मिलते हैं। उक्त ग्रन्थों में ब्रज के १२ बन २४ उपबन तथा वहुसंख्यक अन्य प्रकार के बनों का विशद वर्णन हुआ है। विविध पुराणों में इनके ना ...

                                               

ब्रज डिस्कवरी

ब्रज डिस्कवरी brajdiscovery.org एक ज्ञानकोशीय स्थल है। एक ऐसी यात्रा है जिसका रिश्ता ब्रज के इतिहास, संस्कृति, समाज, पुरातत्व, कला, धर्म-संप्रदाय, पर्यटन स्थल, प्रतिभाओं, आदि से है। भूमंडलीकरण के दौर में हमारा ब्रज क्षेत्र, प्रगति के रास्ते पर अप ...

                                               

ब्रज परिक्रमा

ब्रज भूमि भगवान श्रीकृष्ण एवं उनकी शक्ति राधा रानी की लीला भूमि है। यह चौरासी कोस की परिधि में फैली हुई है। यहां पर राधा-कृष्ण ने अनेकानेक चमत्कारिकलीलाएं की हैं। सभी लीलाएं यहां के पर्वतों, कुण्डों, वनों और यमुना तट आदि पर की गई। पुराणों में ब्र ...

                                               

ब्रज रज

ब्रज की माँटी को ब्रज कहा जाता है। यूं तो माँटी को मिट्टी, बालू, इत्यादि कई नामों से संबोधित किया जाता है परन्तु ब्रज की माँटी को विशेषकर धार्मिक परंपरा के अनुसार ब्रज कहते हैं।