ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 88




                                               

पुदुच्चेरी (केन्द्र-शासित प्रदेश)

पुदुच्चेरी, भारत गणराज्य का एक केन्द्र शासित प्रदेश है। पहले पुदुच्चेरी एक फ्रांसीसी उपनिवेश था जिसमे ४ पृथक जिलों का समावेश था। पुदुच्चेरी का नाम पॉन्डिचरी इसके सबसे बड़े जिले पुदुच्चेरी के नाम पर पड़ा था। सितम्बर २००६ में पॉन्डिचरी का नाम आधिका ...

                                               

पंजाब (पाकिस्तान)

पंजाब पाकिस्तान का एक प्रान्त है। इसमें ३६ जिले हैं। पंजाब आबादी के अनुपात से पाकिस्तान का सब से बड़ा राज्य है। पंजाब में रहने वाले लोग पंजाबी कहलाते हैं। पंजाब की दक्षिण की तरफ़ सिंध, पश्चिम की तरफ़ ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा और बलोचिस्तान,‎‎‎ उत्तर की ...

                                               

पंजाब (भारत)

पंजाब उत्तर-पश्चिम भारत का एक राज्य है जो वृहद्तर पंजाब क्षेत्र का एक भाग है। इसका दूसरा भाग पाकिस्तान में है। पंजाब क्षेत्र के अन्य भाग हरियाणा और हिमाचल प्रदेश राज्यों में हैं। इसके पश्चिम में पाकिस्तानी पंजाब, उत्तर में जम्मू और कश्मीर, उत्तर- ...

                                               

हरियाणा

हरियाणा उत्तर भारत का एक राज्य है जिसकी राजधानी चण्डीगढ़ है। इसकी सीमायें उत्तर में पंजाब और हिमाचल प्रदेश, दक्षिण एवं पश्चिम में राजस्थान से जुड़ी हुई हैं। यमुना नदी इसके उत्तर प्रदेश राज्य के साथ पूर्वी सीमा को परिभाषित करती है। राष्ट्रीय राजधा ...

                                               

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश उत्तर-पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है। यह 21.629 मील² से अधिक क्षेत्र में फ़ैला है तथा उत्तर में जम्मू कश्मीऔर लडाख ये कें,प्र, पश्चिम तथा दक्षिण-पश्चिम में पंजाब, दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखण्ड ...

                                               

पूर्व तिमोर

पूर्वी तिमोर, आधिकारिक रूप से लोकतांत्रिक गणराज्य तिमोर दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित एक देश है। डार्विन के 640 किमी उत्तर पश्चिमी में स्थित इस देश का कुल क्षेत्रफल १५,४१० वर्ग किमी है। यह तिमोर द्वीप के पूर्वी हिस्से, पास के अतौरो और जाको द्वीप औ ...

                                               

सन्त पियर और मिकलान

संत पियर एवं मिकलान उत्तरी अटलांटिक महासागर में स्थित फ़्रांस अधिनस्थ द्वीपों का एक समूह है। यह कनाडा के न्यू फ़ाउंडलैंड और लैब्राडोर के दक्षिण में स्थित है। यह द्वीप समूह न्यू फ़ाउंडलैंड से २५ किमी की दूरी पर है। यह द्वीपसमूह भूतपूर्व फ़्रांसीसी ...

                                               

अर्जेण्टीना

अर्जेंटीना की महत्वपूर्ण जानकारी आर्जेंटीना दक्षिण अमेरिका में स्थित एक देश है। क्षेत्रफल एवं जनसंख्या की दृष्टि से दक्षिणी अमरीका का ब्राजील देश के बाद द्वितीय विशालतम देश है क्षेत्रफल: २७,७६,६५६ वर्ग कि.मी.। इसके उतत्र में ब्राजील पश्चिम में चि ...

                                               

यामेन

यामेन चीन के राजवंशों के काल में किसी शाही अफ़सर के कार्यालय और घर को कहा करते थे। वैसे तो यह नाम चीन में सदियों से प्रयोग होता आया है लेकिन चिंग राजवंश काल में यह अंग्रेज़ी में भी प्रवेश कर गया। अपने यामेन से राजसेवक अपने अधीन क्षेत्र या शहर का ...

                                               

कीत्स

मध्यकाल में कई जर्मन समुदाय पूर्व की ओर जाकर पश्चिमी स्लाव लोगों के क्षेत्रों में प्रवेश करके वहाँ बस गए। स्लावों और जर्मैनी लोगों के मिश्रण से जर्मन भाषा में कई स्लावी भाषाओं के शब्द दाख़िल हो गए। इनमें ख़ीत्ज़ा chyza भी एक था, जिसका अर्थ कुटिया ...

                                               

ब्लिट्जक्रेग

शब्द के दूसरे उपयोगों के लिए, इसे देखें: ब्लिट्जक्रेग ब्लिट्जक्रेग जर्मन, "बिजली युद्ध"; एक अंग्रेजीनुमा शब्द है जिसका मतलब टैंकों, पैदल सेना, तोपची सैनिक और वायु शक्ति के सभी यंत्रीकृत सैन्य बलों का संयुक्त प्रहार है, जिसमें शत्रु पंक्तियों पर क ...

                                               

शाडन्फ़्रॉएड

शाडन्फ़्रॉएड दूसरे व्यक्तियों के दुख-तकलीफ़ों से आनंद पाने को कहते हैं। यह मूल रूप से जर्मन भाषा का एक शब्द है जो अंग्रेज़ी और बहुत सी अन्य भाषाओँ में प्रचलित हो चुका है, हालांकि हिंदी में इसका आम प्रयोग नहीं होता।

                                               

दाईम्यो

दाईम्यो यह मध्यकालीन जापान के सामंत या प्रान्तपाल थे जो काफी शक्तिशाली थे और सम्पूर्ण जापान में लगभग इन्ही का राज चलता था। दाई इसका शाब्दिक अर्थ होता है "बड़ा", और म्यो यह शब्द म्योदेन से आया है, जिसका अर्थ है निजी भूमि. जापान में १० सदी से लेकर ...

                                               

हेंताई

जापान के बाहर, हेंताई अनिमे एवं मांगा कामोद्दीपक चित्र या चलचित्र होते हैं।:99 जापानी भाषा में, लेकिन, हेंताई कला की कोई कोई शैली नहीं है बल्कि किसी भी प्रकार की विकृत या विचित्र यौन इच्छा या कार्य है। उदाहरण के लिए, जापान के बाहर समलैंगिक महिलाओ ...

                                               

दीवान (शायरी)

दीवान कविताओं के संग्रह को कहते हैं। अक्सर यह शब्द उर्दू, फ़ारसी, पश्तो, पंजाबी और उज़बेक भाषाओं के कविता संग्रह के लिए इस्तेमाल होता है। उदाहरण के लिए ग़ालिब की शायरी के संग्रह को दीवान-ए ग़ालिब कहा जाता है। दीवान मूल रूप से फ़ारसी का शब्द है और ...

                                               

बहादुर

बहादुर एक आदरसूचक है जिसका अर्थ "साहसी" या "वीर" है। यह विशेषकर भारत तथा नेपालके क्षत्रिय वर्गोमें नाम की तरह प्रयोग में लिया जाता है। नेपालके शाहवंशी राजाने वीर विक्रम बहादुर शमशेर जंग देवनाम सदा समरविजयीनाम नामक उपाधि धारण किया था। इससे इनका उल ...

                                               

ओब्लास्त

ओब्लास्त रूस तथा स्लाविक देशों में एक प्रशासनिक इकाई को कहते हैं। सोवियत संघ के सदस्य देशों में भी इस नाम से मिलते-जुलते शब्द प्रांतों के लिए प्रयुक्त होते हैं।

                                               

गुलाग

गुलाग सोवियत संघ की उस सरकारी संस्था का नाम था जो सोवियत संघ में श्रम-कारावास चलाती थी। श्रम-कारावास में बंदियों से भारी मेहनत करवाई जाती थी और अक्सर उन्हें हज़ारों मील दूर साइबेरिया जैसे निर्जन क्षेत्रों में भेजा जाता था। श्रम-कारावास वही दंड प् ...

                                               

ग्लास्नोस्त

ग्लास्नोस्त एक सोवियत नीति थी जिसका उद्देश्य "सोवियत रूस के सरकारी संस्थानोँ एवं क्रियाकलापोँ में खुलेपन एवं पारदर्शिता को बढ़ाना" था। इस नीति का संस्थापन मिखाइल गोर्बाचेव ने अस्सी के दशक के उत्तरार्ध में किया। ग्लास्नोस्त को सामान्यतः पेरेस्त्रो ...

                                               

संस्कृत मूल के अंग्रेज़ी शब्दों की सूची

यह संस्कृत मूल के अंग्रेजी शब्दों की सूची है। इनमें से कई शब्द सीधे संस्कृत से नहीं आये बल्कि ग्रीक, लैटिन, फारसी आदि से होते हुए आये हैं। इस यात्रा में कुछ शब्दों के अर्थ भी थोड़े-बहुत बदल गये हैं। तव करकमलवरे नखमद्भुतशृङ्गम् दलितहिरण्यकशिपुतनुभ ...

                                               

अनुशासन

अनुशासन 2. नियम, यथा ऋण के संबंध में मनु का अनुशासन, शब्दों के संबंध में पाणिनि का शब्दानुशासन तथा लिंगानुशासन। अनुशासन 3. महाभारत का 13वाँ पर्व - अनुशासन पर्व इसमें उपदेशों का वर्णन है, इसलिए इसका नाम अनुशासन पर्व रखा गया है। अनुशासन 4. विनय डिस ...

                                               

पति

पति बहुत-सी हिन्द-ईरानी भाषाओँ में स्वामी या मालिक के लिए एक शब्द है। यह संस्कृत, हिन्दी, अवस्ताई फ़ारसी और बहुत सी अन्य भाषाओँ में देखा जाता है। इसका स्त्रीलिंग रूप पत्नी है, जिसका अर्थ स्वामिनी या मालकिन निकलता है। यह शब्द अक्सर दूसरे शब्दों के ...

                                               

भाषा (एशियाई भाषाएँ)

भाषा, भासा, बासा, या फासा, अनेक एशियाई भाषाओं के लिये प्रयुक्त होने वाला शब्द है। यह मूलतः संस्कृत के भाषा के ही अपभ्रंश हैं। एक समय में हिन्दी को भी भाखा कहा जाता था।

                                               

यतो धर्म ततो जय

यतो धर्मः ततो जयः एक संस्कृत श्लोक है। यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय का ध्येय वाक्य है। यह महाभारत में कुल ग्यारह बार आता है और इसका मतलब है "जहाँ धर्म है वहाँ जय है।"

                                               

लिपि (संस्कृत)

संस्कृत शब्द लिपि का अर्थ है लिखना या वर्ण। वर्तमान समय में लिपि का प्रयोग पाश्चात्य शब्द स्क्रिप्ट के समानार्थी भारतीय शब्द के रूप में होता है।

                                               

शाक्य

शाक्य प्रथम शताब्दी ई.पू में प्राचीन भारत का एक जनपद था। शाक्य मुख्यत: बताये गए हैं। shakyavanshi शाक्यवंशी लोगो को अलग नाम से जाना जाता है। शाक्यों का हिमालय की तराई में एक प्राचीन राज्य था, जिसकी राजधानी कपिलवस्तु थी, जो अब नेपाल में है। सबसे प ...

                                               

स्वाहा

हिन्दू धर्म और बौद्ध धर्म में मन्त्रों के अन्त में स्वाहा उच्चारित किया जाता है जो उस मन्त्र के अन्त का सूचक है। इसे चीनी भाषा में 薩婆訶, sà pó hē, जापानी भाषा में sowaka, तिब्बती भाषा में སྭཱཧཱ་, कहते हैं। इसका शाब्दिक अर्थ है अच्छी तरह से कहा ...

                                               

माही-माही

माही-माही, जिसे साधारण डोल्फ़िनफ़िश या दोरादो और जीववैज्ञानिक भाषा में कोरिफ़ेना हिप्युरस भी कहा जाता है, समुद्र-सतह के पास तैरने वाली एक किरण-फ़िन मछली है जो विश्वभर में पाई जाती है। यह कोरिफ़ेना जीववैज्ञानिक गण की दो सदस्य जातियों में से एक है। ...

                                               

चंद्रकुमार अग्रवाल

चन्द्रकुमार अग्रवाल असमिया के प्रसिद्ध लेखक, कवि और पत्रकार थे। वे जोनाकी काल के अग्रदूत थे असमिया साहित्य में उन्हें प्रतिमार खोनिकोर कहा जाता है। वे जोनाकी पत्रिका के प्रथम सम्पादक तथा वित्तपोषक थे। वे असमिया भाषा उन्नति साधिनी सभा के संस्थापक ...

                                               

नलिनी बाला देवी

नलिनी बाला देवी असमिया भाषा की प्रसिद्ध कवयित्री थीं। वे अपनी राष्ट्रवादी तथा रहस्यवादी कविता के लिये प्रसिद्ध हैं। उनके साहित्यिक योगदान के लिये भारत सरकार ने १९५७ में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया तथा १९६८ में उनकी काव्यकृति अलकनन्दा के लिये ...

                                               

बाणीकांत काकति

बाणीकांत काकति असमिया भाषा के प्रमुख साहित्यकार, आलोचक तथा विद्वान थे। उन्होने असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति की एकननिष्ठ सेवा की। साहित्यचर्चा इनके जीवन का एकमात्र व्रत थी। आधुनिक असमिया समालोचकों में काकति को सर्वोच्च स्थान दिया जा सकता है। स ...

                                               

लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा

लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा आधुनिक असमिया साहित्य के पथ-प्रदर्शक कहे जाते हैं। कविता, नाटक, गल्प, उपन्यास, निबन्ध, रम्यरचना, समालोचना, प्रहसन, जीवनी, आत्मजीवनी, शिशुसाहित्य, इतिहास अध्ययन, सांवादिकता आदि दृष्टियों से बेजबरुवा का योगदानदान अमूल्य है। उनका ...

                                               

हरिवर विप्र

हरिवर विप्र असमिया के सबसे प्राचीन साहित्यकारों में से हैं। वे कामतापुर के राजा दुर्लभ नारायण के आश्रय में रहे। उन्होने बब्रुबहनर युध, ताम्रध्वजर युध, आदि ग्रन्थों की रचना की।

                                               

हेमचंद्र गोस्वामी

हेमचन्द्र गोस्वामी, असमिया साहित्य के आधुनिक युग के आरम्भिक काल के प्रसिद्ध लेखक, कवि, इतिहासकार, शिक्षक, और भाषाशास्त्री थे। वे १९२० में तेजपुर में सम्पन्न असम साहित्य सभा के सभापति थे। वे अंग्रेजी राज में अतिरिक्त सहायक कमीशनर के पद से सेवानिवृ ...

                                               

हेमचन्द्र बरुआ

हेमचन्द्र बरुआ, 19 वीं सदी के, असमिया भाषा के एक प्रख्यात लेखक थे। संस्कृत वर्तनी पर आधारित शब्द-व्युत्पत्ति की जानकारी वाले प्रथम असमिया शब्दकोश ‘हेमकोष’ का संकलन बरुआ ने ही किया था। वास्तव में हेमकोष असमिया भाषा का दूसरा शब्दकोश था, प्रथम असमिय ...

                                               

इक़बाल मजीद

इक़बाल मजीद १९६० के बाद उभरे उर्दू कथाकारों में विशेष स्थान रखते हैं। उनके दो कथासंग्रह भीगे ५० लोग तथा हलफ़िया बयान प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने रेडियो के लिए बहुत से नाटक लिखे हैं जिनमें से कुछ पुरस्कृत भी हुए हैं।

                                               

खुर्शीद आलम

खुर्शीद आलम उर्दू के जाने माने साहित्यकार हैं। वे अपने काहनी संग्रह आधे अधूरे के लिए उर्दू अकादमी द्वारा पुरस्कृत किए जा चुके हैं। उनकी आठ दस पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।

                                               

डॉ. नैयर मसूद

लखनऊ में १९३६ में जन्मे डॉ॰ मसूद उर्दू के जाने-माने साहित्यकार हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की और इसके बाद इसी विश्वविद्यालय से १९५७ में फारसी साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से १९६ ...

                                               

प्रेमचंद

प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, कहानीकार एवं विचारक थे। भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के लमही ग्राम में जन्मे प्रेमचंद का मूल नाम धनपत राय था। आरंभ में वे उर्दू की पत्रिका ‘जमाना’ में नवाब राय के नाम से लिखते थे। पहले कहानी ...

                                               

रफिया मंजूरूल अमीन

रफिया मंजूरूल अमीन उर्दू की जानीमानी लेखिकाओं में से हैं। उनका पहला उपन्‍यास था सारे जहाँ का दर्द। जो कश्‍मीर की पृष्‍ठभूमि पर लिखा गया था और इसे लखनऊ के नसीम अनहोन्‍वी के प्रकाशन ने छापा था। उनका दूसरा उपन्‍यास था--ये रास्‍ते और इसके बाद आया आलम ...

                                               

सज्जाद ज़हीर

सज्जाद ज़हीर उर्दू के एक प्रसिद्ध लेखक और मार्क्सवादी चिंतक थे। इन्होंने मुल्कराज आनंद और ज्योतिर्मय घोष के साथ मिलकर १९३५ में प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोसिएशन की स्थापना इंग्लैंड में की। उर्दू की प्रसिद्ध लेखिका रज़िया सज्जाद ज़हीर इनकी पत्नी थीं। य ...

                                               

अमरेश पटनायक

अमरेश पटनायक कटक में निवास करने वाले ओड़िया कवि और लेखक हैं। उन्हें साहित्य अकादमी के अनुवाद पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। मणिश आंगुले, मन रु मनकु, संधि-विसंधि, अबुद्ध गरुण और घट घटांतर उनके प्रमुख कविता संग्रह हैं। आरत अविरत नाम से उनका ...

                                               

गोपालचंद्र प्रहराज

उनका जन्म सन् 1872 ई. में कटक जिले के अंतर्गत सिद्धेश्वरपुर गाँव में मध्यवित्त परिवार में हुआ था। उन्होंने सन् 1891 ई. में मैट्रिकुलेशन और सन् 1899 ई. में बी.ए. की परीक्षा पास की थी। बाद में वकालत पास कर सारा जीवन कटक में वकील के रूप में बिताया। ...

                                               

फकीर मोहन सेनापति

फकीर मोहन सेनापति का जन्म ओडिशा के बालेश्वर जिल्ला के मल्लिकाशपुर गाँव में, १४ जनवरी १८४३ ई. मकर संक्रान्ति के दिन हुआ था। फिर विचित्र संयोग की बात है कि इनका देहान्त हुआ था १४ जून १९१८ ई. रज–संक्रान्ति के दिन। इनका आविर्भाव हुआ था संक्रान्ति में ...

                                               

रंजिता नायक

रंजिता नायक कटक निवासी ओड़िया साहित्यकार हैं। अशांत अपराह्न, दृश्य-दृश्यांतर, झडर आकाश, तल-अतल उनके प्रमुख कविता संग्रह हैं। इसके अतिरिक्त उनकी आलोचना की पुस्तकें भी प्रकाशित हुई हैं। उन्हें ओड़ीसा साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा प्रजातंत्र विषुव कवि ...

                                               

राजेन्द्र प्रसाद मिश्र

राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ओड़िया से हिन्दी अनुवाद के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म रायरंगपुर मयूरभंज उड़ीसा में हुआ था। वे अब तक लगभग 84 उड़िया किताबों का हिन्दी अनुवाद कर चुके हैं। उनका फणीश्वरनाथ रेणु तथा गोपीनाथ महंति पर किया गया शोधकार्य भी अत्यं ...

                                               

रेणुका रथ

रेणुका रथ ओड़िया की सिद्धहस्त कवि और कथाकार हैं। उनका एक कहानी संग्रह और दो निबंध संग्रह प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने ओड़िया की साहित्यिक पत्रिका का वर्षों कुशल संपादन किया। वे अनेक साहित्यिक और सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय हैं, इस क्षेत्र में वे पु ...

                                               

गोपाल कृष्ण अडिग

गोपाल कृष्ण अडिग कन्नड़ में नवयुग के प्रवर्तक कवियों में से एक हैं। कृष्ण नकोबलु, हिमगिरिथ कंदर, वर्धमान, देहलिचाल्लि, आरोहण, मूलक महाशयस आदि उनके प्रमुख कविता संग्रह हैं। अनेक पुरस्कारों से अलंकृत गोपाल कृष्ण अडिग १९७४ में साहित्य अकादमी तथा कबी ...

                                               

चित्तरंजन शेट्टी

शेट्टी ने कन्नड और तुळु - दोनों भाषाओं में अपनी कविताएँ लिखी।

                                               

दत्तात्रेय रामचंद्र बेन्द्रे

दत्तात्रेय रामचंद्र बेन्द्रे एक कन्नड साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह अरलु–मरलु के लिये उन्हें सन् १९५८ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन्हें १९७३ में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।