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क्षुद्रग्रह

क्षुद्रग्रह अथवा ऐस्टरौएड एक खगोलिय पिंड होते है जो ब्रह्माण्ड में विचरण करते रहते हे। यह आपने आकार में ग्रहो से छोटे और उल्का पिंडो से बड़े होते है। खोजा जाने वाला पहला क्षुद्रग्रह, सेरेस, 1819 में ग्यूसेप पियाज़ी द्वारा पाया गया था और इसे मूल रूप से एक नया ग्रह माना जाता था। इस लेख में, "एस्टरॉयड" शब्द का अर्थ आंतरिक सौर मंडल के छोटे ग्रहों को संदर्भित करता है जिसमें उन सह-कक्षाओं में बृहस्पति शामिल हैं। वहाँ लाखों क्षुद्रग्रह हैं, बहुत से ग्रहों के बिखर अवशेष, सूर्य के सौर नेब्यूला के भीतर निकाले जाने वाले शरीर के रूप में माना जाता है, जो कि ग्रह बनने के लिए बड़े पैमाने पर कभी बड़ा नहीं ...

                                               

ग्रह

सूर्य या किसी अन्य तारे के चारों ओर परिक्रमा करने वाले खगोल पिण्डों को ग्रह कहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के अनुसार हमारे सौर मंडल में आठ ग्रह हैं - बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, युरेनस और नेप्चून। इनके अतिरिक्त तीन बौने ग्रह और हैं - सीरीस, प्लूटो और एरीस। प्राचीन खगोलशास्त्रियों ने तारों और ग्रहों के बीच में अन्तर इस तरह किया- रात में आकाश में चमकने वाले अधिकतर पिण्ड हमेशा पूरब की दिशा से उठते हैं, एक निश्चित गति प्राप्त करते हैं और पश्चिम की दिशा में अस्त होते हैं। इन पिण्डों का आपस में एक दूसरे के सापेक्ष भी कोई परिवर्तन नहीं होता है। इन पिण्डों को तारा कहा गया। पर कुछ ...

                                               

धूमकेतु

धूमकेतु सौरमण्डलीय निकाय है जो पत्थर, धूल, बर्फ और गैस के बने हुए छोटे-छोटे खण्ड होते है। यह ग्रहो के समान सूर्य की परिक्रमा करते है। छोटे पथ वाले धूमकेतु सूर्य की परिक्रमा एक अण्डाकार पथ में लगभग ६ से २०० वर्ष में पूरी करते है। कुछ धूमकेतु का पथ वलयाकार होता है और वो मात्र एक बार ही दिखाई देते है। लम्बे पथ वाले धूमकेतु एक परिक्रमा करने में हजारों वर्ष लगाते है। अधिकतर धूमकेतु बर्फ, कार्बन डाईऑक्साइड, मीथेन, अमोनिया तथा अन्य पदार्थ जैसे सिलिकेट और कार्बनिक मिश्रण के बने होते है।

                                               

खगोलीय फोटोग्राफी

खगोलीय पिंडों के अध्ययन में फोटोग्राफी का विशेष महत्वपूर्ण स्थान है। इसके दो कारण हैं--एक तो यह कि फोटोपायस की प्रकाश ग्रहण करने की क्षमता के कारण अत्यंत मंद ज्योतिवाले पिंडों का भी स्पष्ट चित्र पर्याप्त उद्भासन देकर प्राप्त किया जा सकता है। दूसरा यह कि फोटोग्राफ द्वारा प्राप्त चित्र स्थायी होते हैं और उन्हें सूक्ष्म अध्ययन के हेतु सुरक्षित रखा जा सकता है। अत्युक्ति न होगी यदि कहा जाय कि फोटोग्राफी की कला के अभाव में आधुनिक ज्योतिर्विज्ञान का विकास इतनी दूर तक कभी संभव न होता।

                                               

प्राकृतिक उपग्रह

प्राकृतिक उपग्रह या चन्द्रमा ऐसी खगोलीय वस्तु को कहा जाता है जो किसी ग्रह, क्षुद्रग्रह या अन्य वस्तु के इर्द-गिर्द परिक्रमा करता हो। जुलाई २००९ तक हमारे सौर मण्डल में ३३६ वस्तुओं को इस श्रेणी में पाया गया था, जिसमें से १६८ ग्रहों की, ६ बौने ग्रहों की, १०४ क्षुद्रग्रहों की और ५८ वरुण से आगे पाई जाने वाली बड़ी वस्तुओं की परिक्रमा कर रहे थे। क़रीब १५० अतिरिक्त वस्तुएँ शनि के उपग्रही छल्लों में भी देखी गई हैं लेकिन यह ठीक से अंदाज़ा नहीं लग पाया है के वे शनि की उपग्रहों की तरह परिक्रमा कर रही हैं या नहीं। हमारे सौर मण्डल से बाहर मिले ग्रहों के इर्द-गिर्द अभी कोई उपग्रह नहीं मिला है लेकिन वैज्ञ ...

                                               

रॉकेट

रॉकेट एक प्रकार का वाहन है जिसके उड़ने का सिद्धान्त न्यूटन के गति के तीसरे नियम क्रिया तथा बराबर एवं विपरीत प्रतिक्रिया पर आधारित है। तेज गति से गर्म वायु को पीछे की ओर फेंकने पर रॉकेट को आगे की दिशा में समान अनुपात का बल मिलता है। इसी सिद्धांत पर कार्य करने वाले जेट विमान, अंतरिक्ष यान एवं प्रक्षेपास्त्र विभिन्न प्रकार के राकेटों के उदाहरण हैं। रॉकेट के भीतर एक कक्ष में ठोस या तरल ईंधन को आक्सीजन की उपस्थिति में जलाया जाता है जिससे उच्च दाब पर गैस उत्पन्न होती है। यह गैस पीछे की ओर एक संकरे मुँह से अत्यन्त वेग के साथ बाहर निकलती है। इसके फलस्वरूप जो प्रतिक्रिया उत्पन्न होती है वह रॉकेट को ...

                                               

अंतरिक्ष यान

आवश्यकता और उद्देश्य के अनुसार अंतरिक्ष यान में बहुत सी उपप्रणालियाँ प्रदान की जाती हैं। कुछ मुख्य प्रणालियाँ ये हैं: शक्ति प्रणाली उँचाई नापने एवं ऊंचाई के नियंत्रण की प्रणाली जीवन यापन सहायक प्रणाली मानव सहित अंतरिक्ष यान के लिये संरचना प्रणाली आदेश एवं आंकडा प्रणाली प्रचालन प्रणाली गाइडैंस, नेविगेशन एवं कन्ट्रोल प्रणाली उष्मा एवं ताप प्रबन्धन प्रणाली संचार प्रणाली पे-लोड प्रणाली

                                               

ड्रैगन 2

ड्रैगन 2 स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान का दूसरा संस्करण है। जो एक मानव रेटेड स्थलीय सॉफ्ट लैंडिंग बनाने के लिए सक्षम वाहन होगा। इसमें ज्यादा बड़ी खिड़कियां और लैंडिंग टांगें जो अंतरिक्ष यान के नीचे विस्तार गया किया है।

                                               

बुरान (अंतरिक्ष यान)

बुरान पहला सोवियत/रूसी अंतरिक्ष विमान था। जिसे बुरान कार्यक्रम के हिस्से के रूप में उत्पादन किया जा रहा था। बुरान पूरे सोवियत/रूसी अंतरिक्ष शटल परियोजना के लिए भी पदनाम था। इसकी पहली मानवरहित उड़ान 15 नवंबर 1988 को की गयी थी।

                                               

वोस्तोक (अंतरिक्ष यान)

वोस्तोएक प्रकार का सोवियत संघ द्वारा बनाया गया अंतरिक्ष यान था। इतिहास में पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन द्वारा 12 अप्रैल, 1961 को इस अंतरिक्ष यान पर अंजाम दी गयी थी। यह अंतरिक्ष यान वोस्तोक कार्यक्रम का हिस्सा था। जिसमें छह मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान 1961-63 तक की गई थी। आगे दो और मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान 1964 और 1965 में वोस्तोक अंतरिक्ष यान द्वारा की गई थी। जो संशोधित वोस्तोक अंतरिक्ष यान थे। 1960 के दशक के अंत तक दोनों यान को सोयूज़ अंतरिक्ष यान से विस्थापित कर दिया गया। जो अभी भी इस्तेमाल हो रहा है।

                                               

वॉस्कहोड़ (अंतरिक्ष यान)

वॉस्कहोड़ एक मानवयुक्त अंतरिक्ष यान था। जिसे सोवियत संघ द्वारा मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए तैयार किया गया था। यह वॉस्कहोड़ कार्यक्रम का हिस्सा था। वॉस्कहोड़ 1 तीन जबकि वॉस्कहोड़ 2 दो दल के मानवयुक्त उड़ान के लिए इस्तेमाल किया गया था। वॉस्कहोड़ को सोयूज़ अंतरिक्ष यान से विस्थापित कर दिया गया। जो अभी भी इस्तेमाल हो रहा है।

                                               

गगनयान

गगनयान भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष यान है। अंतरिक्ष कैप्सूल तीन लोगों को ले जाने के लिए तैयार किया गया है। और उन्नत संस्करण डॉकिंग क्षमता से लैस किया जाएगा। अपनी पहली मानवयुक्त मिशन में, यह 3.7 टन का कैप्सूल तीन व्यक्ति दल के साथ सात दिनों के लिए 400 किमी की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करेंगे। कक्षीय वाहन को इसरो के भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क 3 पर लॉन्च करने की योजना है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित इस क्रू मॉड्यूल ने 18 दिसंबर 2014 को अपना पहला मानवरहित प्रायोगिक उड़ान किया।

                                               

ओरायन(अंतरिक्ष यान)

ओरायन बहुउद्देश्यीय चालक दल वाहन एक अमेरिकी मानवयुक्त अंतरिक्ष यान है। जो चालक दल के चार अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा या पृथ्वी की कक्षा से परे ले जाने का इरादा रखता है।

                                               

सोयूज़

सोयूज Soyuz ; रूसी Сою́з ; IPA, Union) १९६० के दशक में सोवियत संघ के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिये कोरोलियोव डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किये गये अंतरिक्षयानों की शृंखला है जो आज भी काम कर रहे हैं। सोयूज अंतरिक्ष यान, वोस्खोद Voskhod के बाद आया था और इसका उद्देश्य मानव को चन्द्रमा पर भेजने के सोवियत संघ के कार्यक्रम का हिसा था।

                                               

शेह्ज़होउ (अंतरिक्ष यान)

शेह्ज़होउ अंतरिक्ष यान चीन के द्वारा संचालित मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम का अंतरिक्ष यान है। जिसे मानव को अंतरिक्ष में भेजने में प्रयोग किया जाता है। इसका डिजाइन रूसी सोयूज़ अंतरिक्ष यान जैसा दिखता है। लेकिन यह आकार में बड़ा है। और सीधे सोयूज़ अंतरिक्ष यान परिवार से संबंधित नहीं है। इसका पहला प्रक्षेपण 19 नवम्बर 1999 को हुआ था। और पहला मानवयुक्त लांच 15 अक्टूबर, 2003 को हुआ था। मार्च 2005 में, एक ग्रहिका को अंतरिक्ष यान के सम्मान में 8256 शेह्ज़होउ नाम से नामित किया गया था।

                                               

अंतरिक्ष शोध यान

अंतरिक्ष शोध यान, एक वैज्ञानिक अंतरिक्ष अन्वेषण मिशन है जिसमें एक अंतरिक्ष यान पृथ्वी से छूटता है और अंतरिक्ष की पड़ताल करता है। यह रोबोटीय अंतरिक्ष यान का ही एक रूप है। वॉयजर 1 सबसे प्रसिद्ध अंतरिक्ष शोध यानों में से एक है।

                                               

उपग्रह

यह लेख कृत्रिम उपग्रह के बारे में है। प्राकृतिक उपग्रहों के लिए, जो चन्द्रमाओं के रूप में जाने जाते हैं, प्राकृतिक उपग्रह देखे"। अन्तरिक्ष उड़ान के संदर्भ में, उपग्रह एक वस्तु है जिसे मानव से अलग करने के लिए कभी कभी कृत्रिम उपग्रह भी कहा जाता है।

                                               

अंतरिक्ष उड़ान

अंतरिक्ष उड़ान अंतरिक्ष में गुज़रने वाली प्रक्षेपिक उड़ान होती है। अंतरिक्ष उड़ान में अंतरिक्ष यानों का प्रयोग होता है, जो मानव-सहित या मानव-रहित हो सकते हैं। मानवीय अंतरिक्ष उड़ान में अमेरिकी द्वारा करी गई अपोलो चंद्र यात्रा कार्यक्रम और सोवियत संघ द्वारा संचालित सोयूज़ कार्यक्रम शामिल हैं। मानव-रहित अंतरिक्ष उड़ान में पृथ्वी की कक्षा में परिक्रमा करते सैंकड़ो उपग्रह तथा पृथ्वी की कक्षा छोड़कर अन्य ग्रहों, क्षुद्रग्रहों व उपग्रहों की ओर जाने वाले भारत के मंगलयान जैसे अंतरिक्ष शोध यान शामिल हैं।

                                               

अंतरिक्षयानिकी

अंतरिक्षयानिकी, भौतिकी की वह शाखा है जिसमें अंतरिक्ष नौचालान संबंधी सभी यांत्रिक, तकनिकी तथा आयुर्विज्ञान संबंधी समस्याओं का अद्ययन किया जाता है। उदाहरणार्थ- रॉकेट, मिसाइल, कृत्रिम उपग्रह का अध्ययन इसी श्रेणी में आता है।

                                               

मंगल 3

मंगल 3 सोवियत मंगल कार्यक्रम का एक रोबोट अंतरिक्ष जांच था, इसके जुड़वां अंतरिक्ष यान मंगल 2 के नौ दिन बाद 28 मई 1971 को लॉन्च किया गया।प्रोब-के रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किगए समान रोबोट अंतरिक्ष यान थे, जिनमें से प्रत्येक ब्लोक डी ऊपरी अवस्था में था। एक कक्षीय और एक संलग्न लैंडर। मंगल ग्रह 2 लैंडर मंगल ग्रह की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद, मंगल 3 लैंडर 2 दिसंबर 1971 को मंगल पर एक नरम लैंडिंग प्राप्त करने वाला पहला अंतरिक्ष याबन गया। लैंडिंग के 20 सेकंड बाद भी यह विफल रहा, बिना विवरण के केवल एक ग्रे छवि प्रेषित हुई। मार्स 2 ऑर्बिटर और मार्स 3 ऑर्बिटर मंगल की परिक्रमा करते रहे और एक और आठ ...

                                               

घाना के राष्ट्रपति

घाना गणराज्य के अध्यक्ष चुने गए है राज्य के सिऔर सरकार के मुखिया के घाना, साथ ही कमांडर-इन-चीफ की घाना सशस्त्र बलों । घाना के वर्तमान राष्ट्रपति नाना अकुफो-एडो हैं, जिन्होंने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में अवलंबी जॉन ड्रामानी महामा के खिलाफ 9.45% के अंतर से जीत हासिल की थी। नाना अकुफो-अडो को 7 जनवरी 2017 को पद की शपथ दिलाई गई।

अंतरिक्ष
                                     

ⓘ अंतरिक्ष

English version: Outer space

किसी ब्रह्माण्डीय पिण्ड, जैसे पृथ्वी, से दूर जो शून्य void होता है उसे अंतरिक्ष Outer space कहते हैं। इस परिभाषा के अनुसार अंतरिक्ष में धरती के वायुमंडल को भी शामिल कर सकते हैं। लेकिन हिन्दी अर्थ में प्रायः वायुमंडल को शामिल नहीं किया जाता। वास्तव में अंतरिक्ष इतना बड़ा है कि हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते|

                                     
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अंतरिक्ष में 2020 की शुरुआत में ही इसरो News State.

महिला टीम के स्पेसवॉक करने से पहले तक अंतरिक्ष में हुए 420 स्पेसवॉक में पुरुष अंतरिक्ष यात्री किसी न किसी रूप में शामिल रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को 421वें स्पेसवॉक के साथ ही नया इतिहास बन गया. दोनों महिला अंतरिक्ष यात्रियों. अंतरिक्ष विभाग की वेबसाइट National Portal of India. Science and Tech News in Hindi: पहली बार अंतरिक्ष में रहने वाली महिला एस्ट्रोनॉट पुरुषों को पीछे छोड़ कर अंतरिक्ष में भी कर रही है अपना नाम 14 मार्च को अंतरिक्ष में पहुंची थी कोच. अंतरिक्ष में ऐसा रहा है भारत का Times Now Hindi. भारत सरकार के कृषि मंत्रालय एमओए के आदेश पर अंतरिक्ष उपयोग केंद्र ने फसल का रकबा और उत्पादन आकलन नामक परियोजना के अंतर्गत दो दशकों तक उपग्रह सुदूर संवेदन द्वारा महत्वपूर्ण कृषि फसलों के उत्पादन का पूर्वानुमान किया। इसके बाद वर्ष. अंतरिक्ष में स्टेशन बनाने से भारत को क्या फायदा. परंतु यह अतिथि इस रूप में भिन्न था कि इसने चंद्रमा के उस हिस्सा पर अपने कदम रखे जहां आज तक कोई मानव अंतरिक्ष यान नहीं पहुंच सका। हालांकि पूर्व में प्रयास जरूर किगए परंतु सफलता नहीं मिली। दरअसल इस बार चंद्रमा के तथाकथित डार्क.


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